CM Dr Mohan Yadav News: धनतेरस पर CM ने दी शुभकामनाएं, बोले—ग्रामीण मकानों की रजिस्ट्री कराने वाला देश का पहला राज्य बना MP
भोपाल। धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भाजपा कार्यालय पहुंचकर मां लक्ष्मी का पूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का कानूनी स्वामित्व दिलाने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ग्रामीण मकानों की रजिस्ट्री कराने वाला देश का पहला राज्य बना है।
पात्र ग्रामीणों की रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र में जिन पात्र परिवारों के पास मकान या प्लॉट का पट्टा है, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। पात्र हितग्राहियों की संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाला स्टांप शुल्क सरकार वहन करेगी। इससे रजिस्ट्री कराने का खर्च लाभार्थियों पर नहीं आएगा। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार देना है।
पक्के दस्तावेज मिलने से संपत्ति के मालिकाना हक को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। पात्र भू-स्वामी नियमानुसार अपनी संपत्ति से जुड़े अधिकारों का उपयोग कर सकेंगे। दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए आवेदन करना भी आसान हो सकता है।
अब तक 17.09 लाख पंजीयन पूरे
योजना के तहत प्रदेश में 6 नवंबर तक 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी होने की जानकारी दी गई है। राज्य सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए धनतेरस पर प्रदेश के चयनित गांवों में विशेष पंजीयन अभियान चलाया गया। अभियान में मंत्री, सांसद और विधायक पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराने के लिए गांवों में पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को पंजीयन प्रक्रिया में तेजी लाने और पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए थे। धनतेरस के दिन मुरैना जिले के ग्राम करुआ में भी मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में शामिल होने का कार्यक्रम तय था
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा कानूनी स्वामित्व
ग्रामीण क्षेत्रों में मकान या प्लॉट होने के बावजूद पक्की रजिस्ट्री न होने से संपत्ति के अधिकारों को लेकर अस्पष्टता रह सकती है। योजना के तहत सर्वेक्षण और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व संबंधी कागजात दिए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलेगा और वे उसका उपयोग वित्तीय जरूरतों के लिए भी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराने की योजना को प्रदेश में स्वामित्व अधिकार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। आवेदकों को अपनी पात्रता और संपत्ति के दस्तावेजों की स्थिति जानने के लिए संबंधित स्थानीय राजस्व कार्यालय या प्रशासन से संपर्क करना चाहिए।
