MP हाई कोर्ट से बड़ी राहत: पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी फिलहाल नहीं कटेंगे LPG कनेक्शन
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क वाले क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन बंद करने से जुड़े केंद्र सरकार के आदेश पर 1 दिसंबर 2026 तक अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को राहत मिली है जो अभी भी एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं और जिनके घरों तक पीएनजी कनेक्शन या नियमित गैस आपूर्ति नहीं पहुंची है। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होना प्रस्तावित है।
इलाके में पाइपलाइन होना और घर में पीएनजी मिलना अलग बात
पीएनजी नेटवर्क किसी कॉलोनी या क्षेत्र तक पहुंचने का अर्थ यह नहीं है कि वहां के हर घर में कनेक्शन लग चुका है या गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है। कई परिवार अब भी एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की चिंता यह रही है कि केवल क्षेत्र में पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के आधार पर उनके एलपीजी कनेक्शन या सिलेंडर की आपूर्ति बंद न कर दी जाए।
हाईकोर्ट की अंतरिम रोक इसी विवाद के बीच आई है। सुनवाई पूरी होने और आगे के आदेश तक केंद्र की संबंधित व्यवस्था पर रोक रहेगी। यह फिलहाल अस्थायी राहत है; अंतिम निर्णय मामले की अगली सुनवाई और अदालत के आगे के आदेशों पर निर्भर करेगा।
केंद्र की नीति में क्या व्यवस्था थी?
केंद्र सरकार ने पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की नीति बनाई थी। मार्च में जारी आदेश के तहत, जहां पीएनजी का बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो और घर को कनेक्शन दिया जा सकता हो, वहां एलपीजी आपूर्ति रोकने की कार्रवाई का प्रावधान रखा गया था। इस व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाए कि जब घर में पीएनजी कनेक्शन लगा ही नहीं है या आपूर्ति शुरू नहीं हुई है, तब एलपीजी सिलेंडर बंद करना परिवारों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।
भोपाल में कनेक्शन ब्लॉक होने की शिकायतें
भोपाल में करीब 4 हजार एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रभावित उपभोक्ता सिलेंडर बुकिंग और आपूर्ति को लेकर परेशान हैं। हालांकि, हाईकोर्ट की रोक की खबर के बाद पहले से ब्लॉक कनेक्शन अपने आप चालू हो जाएंगे—यह मानना उचित नहीं होगा। उपभोक्ताओं को अपनी गैस एजेंसी से मौजूदा स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए और यह पूछना चाहिए कि अदालत के अंतरिम आदेश का उनके कनेक्शन पर क्या असर पड़ेगा।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
27 नवंबर की सुनवाई में अदालत इस मामले में आगे विचार कर सकती है। फिलहाल रोक 1 दिसंबर तक है। इसके बाद अंतरिम व्यवस्था जारी रहेगी या उसमें बदलाव होगा, यह अदालत के अगले आदेश से स्पष्ट होगा। इसलिए उपभोक्ताओं को अंतिम निर्णय आने तक अपने क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन की वास्तविक उपलब्धता और एलपीजी कनेक्शन की स्थिति की जानकारी संबंधित गैस वितरक से लेते रहना चाहिए।
हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश उन परिवारों के लिए राहतभरा माना जा रहा है जिनके क्षेत्र में पीएनजी नेटवर्क मौजूद है, लेकिन घर में अभी कनेक्शन या गैस आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। मामले का अंतिम परिणाम आने तक केंद्र की नीति और उपभोक्ताओं की व्यावहारिक स्थिति—दोनों पर अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
