दीप पर्व के स्वागत में सजा ‘राग उत्सव’, कलाकारों ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति
शारदा संगीत एवं कला सोसायटी समिति इंदौर का आयोजन; गुर्जरी तोड़ी और जौनपुरी रागों में हुआ गायन
इंदौर। दीप पर्व के स्वागत में शारदा संगीत एवं कला सोसायटी समिति, इंदौर की ओर से ‘राग उत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को ‘स्वरों की दीपमाला’ नाम दिया गया। इसमें अकादमी के प्रशिक्षार्थियों और आमंत्रित कलाकारों ने गायन प्रस्तुत किया। शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों के साथ दीप पर्व के उल्लास का स्वागत किया गया।
प्रशिक्षार्थियों के गायन से हुआ शुभारंभ


कार्यक्रम की शुरुआत अकादमी के प्रशिक्षार्थियों के गायन से हुई। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव का माहौल बनाया। आयोजन में उन्हें मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन श्री संजय पटेल ने किया। विदुषी शोभा चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थीं।
गुर्जरी तोड़ी में प्रस्तुत कीं दो रचनाएं
कार्यक्रम में श्रीमती सीमा व्यास और अनुप्रिया ने राग गुर्जरी तोड़ी में दो रचनाएं प्रस्तुत कीं। पहली रचना झपताल में और दूसरी द्रुत तीनताल में पेश की गई। दोनों रचनाओं में राग और ताल के मेल के साथ शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी गई। अलग-अलग तालों में रचनाओं को सुनने का श्रोताओं को अवसर मिला।
राग जौनपुरी में डॉ. आभा और डॉ. विभा का गायन
डॉ. आभा चौरसिया और डॉ. विभा चौरसिया ने राग जौनपुरी में गायन प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के सुरों को आगे बढ़ाया। राग गुर्जरी तोड़ी के बाद जौनपुरी में गायन से उत्सव की प्रस्तुतियों में विविधता देखने को मिली।
संगीत और दीप पर्व का उत्सव


‘राग उत्सव’ में प्रशिक्षार्थियों और कलाकारों ने अपनी गायन कला प्रस्तुत की। राग गुर्जरी तोड़ी और जौनपुरी में हुई प्रस्तुतियों के जरिए शास्त्रीय संगीत की परंपरा को मंच मिला। दीप पर्व के स्वागत में आयोजित इस कार्यक्रम ने संगीत और उत्सव के भाव को एक साथ जोड़ते हुए श्रोताओं को गायन सुनने का अवसर दिया।
