Bhopal Water Supply Shutdown: धनतेरस पर पानी सप्लाई रोकने की चेतावनी, नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित
भोपाल। दीपावली से पहले भोपाल नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर शुक्रवार से पानी की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है। इससे त्योहार के दौरान शहर में पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है। फिलहाल पानी सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी गई है; जलापूर्ति रुकने की पुष्टि नहीं हुई है।
करीब 11 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल नगर निगम के लगभग 11 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी काम बंद कर चुके हैं। इसमें सफाईकर्मियों के साथ जलप्रदाय, कंप्यूटर संचालन, अग्निशमन, भवन अनुमति, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी और उद्यान विभाग से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। हड़ताल का असर नगर निगम मुख्यालय के अलावा शहर के सभी 85 वार्डों और 21 जोन में भी पड़ा है।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते घरों से कचरा उठाने और उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने का काम प्रभावित हुआ है। भोपाल से रोजाना करीब 850 टन कचरा निकलता है और घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 400 से अधिक वाहन संचालित होते हैं। हड़ताल के कारण कई इलाकों में कचरा जमा होने और सफाई व्यवस्था बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं।
मांगें पूरी नहीं होने पर जलापूर्ति रोकने की चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो शुक्रवार से जलापूर्ति का काम भी रोका जा सकता है। इस चेतावनी से त्योहार के समय पानी की उपलब्धता को लेकर नागरिकों की चिंता बढ़ी है। प्रशासन और नगर निगम के सामने अब सफाई व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति प्रभावित न होने देने की चुनौती है।
नगर निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अलग-अलग विभागों में काम करते हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी चलने पर शहर की अन्य नागरिक सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति से संबंधित सूचना नगर निगम के आधिकारिक माध्यमों से लेते रहें।
कर्मचारियों की मांगों पर गतिरोध
प्रदेशभर के नगरीय निकाय कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ठेका व्यवस्था समाप्त करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। भोपाल में हड़ताल समाप्त कराने के लिए हुई बातचीत बेनतीजा रहने की खबर है। कर्मचारी अपनी मांगों पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
दीपावली के पहले बाजारों और कॉलोनियों में सफाई की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में कचरा संग्रहण और जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने आम लोगों की परेशानी बढ़ाई है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या हड़ताल आगे भी जारी रहती है।
