Digvijay Singh: सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर पांच दिन का विराम, 11 नवंबर से फिर होगी शुरू
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर दीपावली के कारण पांच दिन का विराम रखा गया है। यात्रा में शामिल पदयात्रियों को 6 से 10 नवंबर तक अवकाश दिया गया है, ताकि वे त्योहार अपने परिवारों और प्रियजनों के साथ मना सकें। दिग्विजय सिंह ने भी दीपावली अवकाश के दौरान दिल्ली जाने का कार्यक्रम बनाया है। वहां वे कांग्रेस नेताओं की चाय पार्टी में राहुल गांधी के साथ शामिल होंगे।
11 नवंबर को राघौगढ़ से फिर शुरू होगी पदयात्रा
दिग्विजय सिंह की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, दीपावली अवकाश पूरा होने के बाद यात्रा 11 नवंबर को राघौगढ़ से दोबारा शुरू होगी। वहां से पदयात्री ओरछा धाम की ओर बढ़ेंगे और आगे अयोध्या की यात्रा जारी रखेंगे। यह विराम यात्रा को समाप्त करने या उसका मार्ग बदलने के लिए नहीं, बल्कि त्योहार के अवसर पर पदयात्रियों को घर जाने का समय देने के लिए रखा गया है।
6 नवंबर को दिग्विजय सिंह भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके दौरे में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेताओं की चाय पार्टी में शामिल होना भी बताया गया है। दिल्ली में वे स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और रात वहीं रुकेंगे। इस बीच यात्रा के अन्य सहभागी दीपावली मनाने के लिए अपने परिवारों के पास रहेंगे।
20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई थी यात्रा
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के दिन उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से हुई थी। यात्रा का प्रस्तावित मार्ग उज्जैन से अयोध्या तक करीब 930 किलोमीटर का है और इसे लगभग 70 दिनों में पूरा करने की योजना बताई गई थी। पदयात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह और उनके साथ चल रहे लोग मध्यप्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेंगे।
प्रस्तावित मार्ग में मध्यप्रदेश के उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर और चंदेरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद यात्रा ओरछा धाम से होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगी और आगे अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के पहले चरण में पदयात्री उज्जैन से आगे बढ़ते हुए राघौगढ़ तक पहुंचे हैं। अब दीपावली अवकाश के बाद अगला चरण राघौगढ़ से शुरू होगा
यात्रा के उद्देश्य पर भी रहेगी चर्चा
यात्रा शुरू करते समय दिग्विजय सिंह ने धार्मिक स्थलों के चढ़ावे और प्रबंधन में पारदर्शिता, दान की कथित चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच और “वोट चोरी” के मुद्दे पर जनजागरूकता को यात्रा के प्रमुख विषयों में बताया था। उन्होंने सत्य, न्याय और जवाबदेही का संदेश लोगों तक पहुंचाने की बात भी कही थी। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और विभिन्न वर्गों से संवाद करने की योजना बताई गई थी।
पदयात्रा में प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखा गया था। यात्रा मार्ग में स्थानीय स्तर पर भोजन, चाय और रुकने की व्यवस्था सहयोगियों की ओर से की जा रही है। दीपावली के पांच दिवसीय अवकाश के बाद पदयात्री फिर राघौगढ़ से साथ चलेंगे और ओरछा होते हुए अयोध्या की ओर बढ़ेंगे।
फिलहाल यात्रा का कार्यक्रम घोषित समय के अनुसार 11 नवंबर से फिर शुरू होने का है। दिल्ली दौरे और दीपावली अवकाश के बाद आगे की पदयात्रा राघौगढ़ से जारी होगी। **
