Dhirendra Shastri: भगवान कृष्ण पर कथित टिप्पणी को लेकर आगरा कोर्ट में मानहानि का परिवाद, 14 दिसंबर को अगली सुनवाई
आगरा। कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। मामले की सुनवाई बुधवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-5 की अदालत में हुई। अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
वादी ने सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने का लगाया आरोप
परिवाद में अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि कथावाचन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में ऐसी टिप्पणी की, जिससे उन्हें और श्रीकृष्ण के वंशजों को पीड़ा पहुंची तथा उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस लगी। वादी का कहना है कि उन्हें कथित बयान की जानकारी 3 नवंबर को समाचार चैनलों पर प्रसारित खबरों के माध्यम से मिली।
अजय प्रताप सिंह ने खुद को माता पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताते हुए अपने दावे के समर्थन में मथुरा गजेटियर और पुरातत्वविद अलेक्जेंडर कनिंघम की रिपोर्ट का हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदुवंशी और जादौन राजपूत समुदाय का संबंध श्रीकृष्ण के वंश से बताया गया है। ये सभी बातें परिवाद में वादी की ओर से रखे गए आरोप और दावे हैं।
अदालत में सुनवाई, अगली तारीख 14 दिसंबर
मामले की सुनवाई आगरा की सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-5 की अदालत में हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। अभी इस मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि या अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आगे की सुनवाई में अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों और दलीलों पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बयान को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
भगवान श्रीकृष्ण पर कथित टिप्पणी को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा था कि उनकी मंशा किसी की भावनाएं आहत करने की नहीं थी। हालांकि, आगरा में दाखिल परिवाद में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि कथित टिप्पणी से श्रीकृष्ण के वंशजों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। परिवाद में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
