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Yogi Cabinet के बड़े फैसले: एक्सप्रेसवे विस्तार से लेकर छात्राओं को स्कूटी योजना तक कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

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Published On: 21 July 2026
Yogi Cabinet के बड़े फैसले: एक्सप्रेसवे विस्तार से लेकर छात्राओं को स्कूटी योजना तक कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

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Yogi Cabinet के बड़े फैसले: एक्सप्रेसवे विस्तार से लेकर छात्राओं को स्कूटी योजना तक कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, महिला सशक्तिकरण, उच्च शिक्षा, परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने जहां प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए तीन बड़ी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को हरी झंडी दी, वहीं छात्राओं और महिलाओं के लिए कई योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की।

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन निर्णयों से प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर, शिक्षा सुविधाओं और महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तीन बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में तेज और सुगम यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सबसे प्रमुख परियोजना प्रयागराज–सोनभद्र एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे करीब 330 किलोमीटर लंबा होगा और प्रदेश के पूर्वी तथा दक्षिणी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

इसके अलावा विंध्य–पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। लगभग 117 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इससे विंध्य क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होगा और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कैबिनेट ने आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा।

इन सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का निर्माण EPC (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल के तहत कराया जाएगा। सरकार ने इनके लिए विकासकर्ता चयन से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से छात्राओं को मिलेगा लाभ

कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित फैसला रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी देना रहा। इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना के तहत सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को लाभ दिया जाएगा। स्नातक और अन्य पात्र पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा।

सरकार ने इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 12 लाख रुपये तक निर्धारित की है। चयनित छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि पेट्रोल स्कूटी का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसके रखरखाव और ईंधन की सुविधा आसानी से उपलब्ध है।

स्कूटी के साथ मिलेंगी कई अतिरिक्त सुविधाएं

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत छात्राओं को केवल वाहन ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि उससे जुड़ी कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकार छात्राओं को स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, बीमा, ISI मार्क हेलमेट, आवश्यक एक्सेसरीज और 5 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। इससे छात्राओं को शुरुआती खर्च से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकेंगी।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

निराश्रित और शहीदों की बेटियों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना केवल सामान्य वर्ग की मेधावी छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें निराश्रित, दिव्यांगजन और शहीदों की बेटियों को भी प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।

इस कदम को महिला शिक्षा और समान अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने का फैसला

कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करने का भी निर्णय लिया है।

इसके लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा शोध पीठ स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इसके लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है।

पात्र विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखी जाएगी और इससे मिलने वाले ब्याज का उपयोग शोध कार्यों तथा अकादमिक गतिविधियों में किया जाएगा।

यह व्यवस्था उन विश्वविद्यालयों पर लागू होगी जो कम से कम 50 वर्ष पुराने हैं और जहां 5,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

महिलाओं के लिए हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार

महिला शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए 500 कमरों वाले हॉस्टल के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

इन सुविधाओं से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं और नौकरी करने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेगा।

परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी

प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने 220 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें 50 इलेक्ट्रिक एसी बसें शामिल होंगी।

इन बसों की क्षमता 42 सीटों की होगी। इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 400 किलोमीटर तक चलने में सक्षम होंगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

3 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र

कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की तारीखों को भी मंजूरी दी गई है। विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक चलेगा।

इस सत्र के दौरान राज्य सरकार अपने विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी और अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। विपक्ष ने भी संकेत दिए हैं कि वह विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

विकास और जनकल्याण पर सरकार का फोकस

योगी कैबिनेट के ताजा फैसलों में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ शिक्षा, महिला कल्याण और परिवहन सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जहां प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं स्कूटी योजना और हॉस्टल सुविधाओं से छात्राओं एवं महिलाओं को नई सुविधाएं मिलेंगी।

सरकार का दावा है कि इन योजनाओं और परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश को आर्थिक विकास, बेहतर यातायात व्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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