इंदौर में भीड़ में फंसी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कार, 150 मीटर पैदल चलकर पहुंचे कार्यक्रम स्थल
विजय नगर में रावण दहन के दौरान बिगड़ी व्यवस्था; मंच से पुलिस को भीड़ प्रबंधन और इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने की नसीहत दी
इंदौर। विजय नगर में रावण दहन कार्यक्रम के दौरान भीड़ के कारण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का काफिला रास्ते में फंस गया। उनकी कार समेत अन्य वाहनों को आगे बढ़ने के लिए जगह नहीं मिली। खबर के मुताबिक, काफिले को करीब आधे घंटे तक रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मंत्री सुरक्षा घेरे में वाहन से उतरे और लगभग 150 मीटर पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
घटना के दौरान सड़क पर लोगों और वाहनों की भीड़ जमा थी। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे, जिससे कार्यक्रम स्थल के आसपास आवाजाही प्रभावित हुई। मंत्री के काफिले को आगे बढ़ाने की कोशिश के बीच रास्ता साफ नहीं हो सका। अंततः पैदल जाने का फैसला किया गया।
सुरक्षा घेरे में पैदल पहुंचे मंत्री
काफिले के भीड़ में फंसने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने मंत्री को घेरकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। वह रास्ते में मौजूद लोगों के बीच से पैदल आगे बढ़े। इस दौरान वहां मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर गया और आयोजन स्थल पर भीड़ का दबाव बना रहा।
रावण दहन जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन में स्थानीय नागरिकों के साथ जनप्रतिनिधि और अतिथि भी शामिल होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में यातायात और भीड़ का प्रबंधन पहले से तय करना जरूरी होता है, ताकि लोगों की आवाजाही बनी रहे और किसी आपात स्थिति में वाहन आसानी से निकल सकें।
मंच से पुलिस को व्यवस्था सुधारने की सलाह
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को व्यवस्था सुधारने की नसीहत दी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने और आपातकालीन वाहनों के लिए एक लेन खाली रखने की बात कही।
इस तरह का रास्ता एम्बुलेंस, दमकल वाहन और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए मददगार होता है। बड़े आयोजनों में एक लेन खुली रखने से जरूरत पड़ने पर मदद तेजी से पहुंच सकती है। भीड़ के बीच रास्ता बंद हो जाने से आम लोगों और आयोजकों को भी परेशानी होती है।
आयोजनों में यातायात प्रबंधन की अहमियत
रावण दहन और दशहरा कार्यक्रमों में परिवारों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। आयोजन स्थल के आसपास वाहन पार्किंग, पैदल आने-जाने वालों के लिए मार्ग और आपातकालीन निकास की व्यवस्था पहले से तय हो तो जाम और अव्यवस्था की आशंका कम की जा सकती है।
इस घटना ने विजय नगर में कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए। भीड़ वाले आयोजनों में पुलिस, आयोजकों और प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी रहता है। यातायात मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग के स्पष्ट निर्देश और आपातकालीन वाहनों के लिए खुला रास्ता व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद कर सकते हैं।
काफिले के फंसने और मंत्री के पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की घटना के बाद पुलिस को भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। रावण दहन का आयोजन जारी रहा, जबकि मंच से दी गई नसीहत ने ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहले से बेहतर इंतजाम करने की जरूरत को रेखांकित किया।
