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    ठगी अपने लिए बुरी और दूसरे के लिए अच्छी कैसे? – मुनिपुंगव सुधासागर जी ने दिया आर्जव धर्म का संदेश

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    Published On: 18 September 2026
    ठगी अपने लिए बुरी और दूसरे के लिए अच्छी कैसे? - मुनिपुंगव सुधासागर जी ने दिया आर्जव धर्म का संदेश

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    *ठगी अपने लिए बुरी और दूसरे के लिए अच्छी कैसे? – मुनिपुंगव सुधासागर जी ने दिया आर्जव धर्म का संदेश*

    राजेश जैन दद्दू

    *इंदौर।* दलाल बाग में चल रहे 33वें श्रावक संस्कार शिविर के तीसरे दिन उत्तम दशधर्म पर्व के अंतर्गत *उत्तम आर्जव धर्म* पर मुनिपुंगव *श्री 108 सुधासागर जी महाराज* ने हजारों श्रावकों को सरलता और ईमानदारी का मार्मिक संदेश दिया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 16 से 25 सितंबर तक आयोजित इस भव्य शिविर में देशभर से पधारे श्रावक जैन धर्म के दस लक्षणों की आध्यात्मिक व्याख्या का लाभ ले रहे हैं।
    *ठगे जाओ तो रोना और ठग लो तो खुश होना – यह कैसा न्याय?*
    मायाचारी और छल-कपट पर आत्मचिंतन कराते हुए गुरुदेव ने कहा –

    > “फैसला करो – ठगी अच्छी है या बुरी?”

    यदि कोई हमें 500 रुपये से ठग ले तो हम दुखी होते हैं, लेकिन जब हम किसी दूसरे को हजारों रुपये से ठगते हैं तो खुशी मनाते हैं। गुरुदेव ने कहा – *”ठगे जाओ तो रोना और ठग लो तो खुश होना – यह कैसा न्याय है?”*
    दूसरे ने बेईमानी की तो पाप और हमने की तो व्यापार – यह दोहरा मापदंड छोड़ना होगा। गुरु देव ने संबोधित करते हुए कहा
    *उत्तम आर्जव धर्म का सार –
    गुरुदेव ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म का सार है – *मन, वचन और कर्म में एकरूपता।* अंदर कुछ और बाहर कुछ और नहीं। छल-कपट से मिली सफलता क्षणिक हो सकती है, लेकिन वह आत्मा की शांति छीन लेती है।
    “ठगी चाहे मैं करूँ या कोई दूसरा – सिद्धांत दोनों के लिए एक ही होना चाहिए। जो व्यवहार हम अपने लिए गलत मानते हैं, वही दूसरे के साथ भी नहीं करना चाहिए।”
    धर्म हमें दूसरों को बदलने से पहले अपने भीतर की मायाचारी को पहचानने और समाप्त करने की प्रेरणा देता है।
    धर्मसभा में चक्रवर्ती नवीन आनंद गोधा , सपना मनीष गोधा, अशोक डोशी, हर्ष जैन, आलोक आकाश कोल डॉ जैनेन्द्र जैन, संजय पाटोदी हुकुमचंद जैन काका, ब्रह्मचारी प्रदीप भैया,पारस भैया जी ब्रह्मचारी, विनोद भैया, विजय धुर्रा भुपेंद्र जैन कमल जैन चेलेंजर श्रीमती मुक्ता जैन,सोनाली बागड़िया, सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।

    *प्रचार प्रमुख – राजेश जैन दद्दू*

    > *सूत्र – मन-वचन-काया की सरलता ही सच्चा आर्जव धर्म है।*

    कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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