मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026: मनावर में अगस्त से जनवरी तक लगेंगे विकासखंड स्तरीय शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं का होगा मौके पर समाधान
संवाददाता : कौशिक पण्डित
Manawar(धार)। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत धार ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। कलेक्टर धार के निर्देशानुसार जनपद पंचायत मनावर के अंतर्गत अगस्त 2026 से जनवरी 2027 तक विभिन्न सेक्टरों में विकासखंड स्तरीय जन-शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।
जिला प्रशासन का मानना है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब अधिकारी स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रशासन सीधे गांवों में पहुंचकर जनसुनवाई करेगा।
7 अगस्त से शुरू होगा अभियान
जारी आदेश के अनुसार अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 से होगी और यह क्रमबद्ध रूप से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान मनावर विकासखंड के विभिन्न सेक्टरों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों का आयोजन गणपुर, सिंघाना, अजन्दा, खंडलाई और टोंकी सेक्टर की ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं ताकि सभी पंचायतों के ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
ग्रामीणों की समस्याओं का होगा मौके पर समाधान
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में ग्रामीण अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्त शिकायतों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाए।
इसके अलावा जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उन्हें समय-सीमा में निपटाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
शासकीय योजनाओं की होगी समीक्षा
शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने, लंबित प्रकरणों का निराकरण करने और योजना क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विशेष जोर रहेगा।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। शिविरों के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान हितग्राही योजनाएं, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत विभाग से संबंधित मामलों का भी समाधान किया जाएगा।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
प्रत्येक शिविर में संबंधित ग्राम पंचायतों के पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस), पंचायत कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा सेक्टरवार विकासखंड स्तर के अधिकारियों को अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वे शिविरों की निगरानी करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
सेक्टरवार तय किए गए प्रभारी अधिकारी
जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश में प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों को शिविरों के सफल संचालन, शिकायतों के निराकरण, योजनाओं की समीक्षा और रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साथ ही प्रत्येक शिविर का वारवार कार्यक्रम भी तय किया गया है ताकि सभी विभाग समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें।
एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर बने नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के संपूर्ण संचालन और समन्वय के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनावर प्रमोद सिंह गुर्जर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नोडल अधिकारी के रूप में वे अभियान की निगरानी करेंगे, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो।
जन-विश्वास बढ़ाने की पहल
प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से शासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा। ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान ग्रामीण विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित समस्याओं का समाधान होगा और शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।
