विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल
कटनी। विश्व आदिवासी दिवस कटनी के अवसर पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला कटनी द्वारा आदिवासी बच्चों एवं ग्रामीणजनों के बीच सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को चॉकलेट एवं बिस्किट वितरित किए गए और उनके साथ समय बिताकर स्नेह, सहयोग तथा सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बच्चों और ग्रामीणजनों से संवाद किया तथा उन्हें सामाजिक अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रिपोर्टर: नवल किशोर यादव, सिहोरा तहसील मीडिया प्रभारी
कटनी में सेवा और जनजागरूकता कार्यक्रम
विश्व आदिवासी दिवस कटनी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के बीच पहुंचकर सेवा और संवाद का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को चॉकलेट और बिस्किट वितरित किए गए। बच्चों के साथ समय बिताते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके साथ संवाद किया और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
संगठन का कहना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और जरूरतमंद वर्गों के बीच सेवा कार्य करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
बच्चों के साथ बिताया समय, बांटी खुशियां
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने सहभागिता की। बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित करने के साथ उनके साथ आत्मीयता से बातचीत की गई।आयोजकों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस कटनी जैसे अवसरों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ाना होना चाहिए।संगठन ने इस अवसर को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सम्मान और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता से जोड़ने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी ने विश्व आदिवासी दिवस पर संदेश देते हुए कहा कि आदिवासी समाज देश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और जरूरतमंद वर्गों के बीच सेवा कार्य करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि केवल एक दिन सेवा करने के बजाय निरंतर जनजागरूकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सम्मान और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए कार्य करना ही वास्तविक सेवा है।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
5 प्रमुख सामाजिक संकल्प
विश्व आदिवासी दिवस कटनी के अवसर पर संगठन की ओर से विशेष रूप से पांच क्षेत्रों में निरंतर कार्य करने का संदेश दिया गया—
- शिक्षा: बच्चों और युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना।
- स्वास्थ्य: ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना।
- नशामुक्ति: नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना।
- बाल एवं महिला अधिकार: बच्चों के अधिकार और महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाना।
- मानवाधिकार: प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता पैदा करना।
इन विषयों पर निरंतर अभियान चलाने की जरूरत पर संगठन ने जोर दिया।
संगठन के पदाधिकारियों ने जारी किया संयुक्त संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम कुमार वैध, राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी, युवा विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार श्री इंद्रजीत सिंह चौहान, मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे, मध्यप्रदेश प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री जीवनलाल जैन “चाय वाले”, श्री रामवेश सिंह राजावत, श्री मनीष गुप्ता एवं श्री युवराज सिंह राठौर ने संयुक्त संदेश जारी किया।उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक दिवस मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर है।उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है और उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।
कटनी जिले में सेवा कार्यक्रम को बताया महत्वपूर्ण प्रयास
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा, सहयोग एवं जनजागरूकता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कटनी जिले में आयोजित यह सेवा कार्यक्रम इसी सामाजिक संकल्प का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है।पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, मानवाधिकार एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान के साथ खड़ा होना ही वास्तविक सामाजिक सेवा है।
कार्यक्रम में ये पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सुरेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष कटनी, अनिल कुमार हल्दकार, जिला संयोजक, राहुल काछी, अभिषेक काछी, जिला उपाध्यक्ष, नवल किशोर यादव, सिहोरा तहसील मीडिया प्रभारी, सुनील कुमार सेन, तहसील उपाध्यक्ष तथा मिंटू काछी, कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए बच्चों एवं ग्रामीणजनों के साथ संवाद किया और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
“जहां जरूरत है, वहां हमारी जिम्मेदारी है”
विश्व आदिवासी दिवस कटनी के अवसर पर संगठन की ओर से सेवा और मानवता को लेकर संदेश दिया गया—
“जहां जरूरत है, वहां हमारी जिम्मेदारी है;
जहां पीड़ा है, वहां हमारी संवेदना है;
और जहां मानवता है, वहीं भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सेवा है।”
संगठन ने कहा कि सेवा, जागरूकता, सम्मान और मानवाधिकार को केंद्र में रखकर सामाजिक कार्यों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
सेवा • जागरूकता • सम्मान • मानवाधिकार
🙏 सेवा ही मानवता है, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।


