विश्व आदिवासी दिवस टांडा: उमंग सिंघार ने वर्चुअल दी बधाई, हजारों आदिवासियों ने निकाली भव्य रैली
टांडा, धार। रिपोर्टर कौशिक पंडित, मनावर।
विश्व आदिवासी दिवस टांडा में शनिवार 9 अगस्त को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। टांडा के डाक बंगले पर आयोजित कार्यक्रम में गंधवानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल से वर्चुअल माध्यम के जरिए सर्व आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने आदिवासी समाज के हक और अधिकार की लड़ाई मरते दम तक लड़ते रहेंगे। उनके इस संदेश के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने उत्साह व्यक्त किया।
टांडा में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
विश्व आदिवासी दिवस टांडा के अवसर पर डाक बंगले पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।
वर्चुअल संबोधन के बाद डाक बंगले से आदिवासी समाज की भव्य रैली प्रारंभ हुई। रैली में आदिवासी नृत्य दल यानी अखाड़ों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं डीजे की धुन पर बड़ी संख्या में आदिवासी युवक-युवतियां उत्साह के साथ नृत्य करते हुए रैली में शामिल हुए।
डाक बंगले से निकली भव्य रैली
रैली डाक बंगले से प्रारंभ होकर टांडा बस स्टैंड पहुंची। इसके बाद नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रैली वापस डाक बंगले पर पहुंची। पूरे मार्ग में आदिवासी समाज के लोगों में उत्साह और उल्लास नजर आया।
रैली के दौरान पारंपरिक आदिवासी नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में समाजजन के शामिल होने से नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य आदिवासी समुदायों की संस्कृति, परंपराओं, अधिकारों और उनकी विशिष्ट पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 9 अगस्त को International Day of the World’s Indigenous Peoples के रूप में मनाता है।
बड़ी संख्या में समाजजन हुए शामिल
कार्यक्रम और रैली में जिला पंचायत सदस्य मुकामसिंग अलावा, जनपद अध्यक्ष नारायण भूरिया, प्यारसिंह सरपंच, मंडलम अध्यक्ष करमसिंह मेहड़ा, तेनु भूरिया सरपंच, भूरू अनारे भूतिया सरपंच, रोशन सरपंच गातला, बिरसिंह मचार जनपद सदस्य, बायसिंह मंडलोई, वेरसिंह अलावा, अरुण निगवाल गातला सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं समाजजन उपस्थित रहे।
इसके अलावा संतोष अखाड़े चूंपिया, चंद्रपाल अखाड़े चूंपिया, पप्पू चौहान खेड़ली, बबलू चौहान खेड़ली, सुनील चौहान बढ़दा, रोहित बघेल, कृष्णा मेहता जाली, नूरसिंह सिंगार घोर, मुकेश अनारे घोर और उमन सेंगर गेटा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कांग्रेस पदाधिकारी भी रहे मौजूद
विश्व आदिवासी दिवस टांडा के आयोजन में आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता सजनसिंह काटी, महेंद्र काटी, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि अशोक मांझी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी, टांडा ब्लॉक अध्यक्ष पवन ठाकुर, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रिंस ठाकुर और युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष अंतिम प्रजापत सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों की उपस्थिति रही। समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया।
आदिवासी संस्कृति और एकजुटता का संदेश
टांडा में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता साफ तौर पर दिखाई दी। पारंपरिक अखाड़ों और नृत्य दलों की प्रस्तुतियों ने रैली में विशेष आकर्षण पैदा किया।
रैली के दौरान युवाओं और महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। डीजे की धुन पर युवक-युवतियां नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। वहीं पारंपरिक आदिवासी नृत्य दलों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दुनिया में अनुमानित 476 मिलियन Indigenous Peoples 90 देशों में रहते हैं और उनकी हजारों विशिष्ट संस्कृतियां एवं भाषाएं हैं। 9 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और पहचान के महत्व को रेखांकित करता है।
उमंग सिंघार का संदेश बना चर्चा का विषय
वर्चुअल माध्यम से दिए गए अपने संदेश में उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। उनके संदेश को कार्यक्रम में मौजूद समाजजनों ने ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम के बाद निकली रैली में हजारों लोगों की भागीदारी ने टांडा में आदिवासी समाज की एकजुटता और उत्साह को प्रदर्शित किया। पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग और सामाजिक एकता प्रमुख रूप से देखने को मिली।


