Vijay Mallya का ‘कॉकरोच’ वाला बयान, बोले- भारत लौटना चाहता हूं लेकिन कानूनी प्रक्रिया रोक रही
₹14,131 करोड़ की रिकवरी का हवाला देकर उठाए सवाल, ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली। ब्रिटेन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार और मीडिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपने साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए कई पोस्ट में माल्या ने कहा कि वह भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
माल्या ने खुद को लगातार ‘भगोड़ा’ और बैंक धोखाधड़ी से जोड़कर पेश किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका दावा है कि उनकी संपत्तियों से बैंकों के बकाये की बड़ी रकम की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने इसी आधार पर मीडिया की रिपोर्टिंग और अपने कानूनी दर्जे को लेकर सवाल उठाए।
‘शायद कॉकरोच बन जाना चाहिए’
Vijay Mallya ने हाल में चर्चा में रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शनों का संदर्भ लेते हुए अपने पोस्ट में व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि उनके साथ हुए और जारी कथित अन्याय को देखते हुए उन्हें लगता है कि उन्हें कॉकरोच बन जाना चाहिए और शायद कॉकरोच की जिंदगी बेहतर हो।
माल्या ने इसी क्रम में दोहराया कि वह भारत आने से इनकार नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके अनुसार ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया उनकी वापसी में बाधा बनी हुई है।
ED के हलफनामे का दिया हवाला
माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल बताए गए एक हलफनामे का हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी संपत्तियों से बैंकों के लिए बड़ी रकम बरामद की गई है। उन्होंने विशेष रूप से ₹14,131.60 करोड़ की राशि का उल्लेख किया और दावा किया कि यह रकम 2021 में रिकवर हुई थी।
माल्या ने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी रकम बैंकों को वापस मिल चुकी है, तो उन्हें अब भी बैंक धोखाधड़ी से जोड़कर क्यों पेश किया जाता है। उन्होंने मीडिया से वसूली और बैंकों को भुगतान के आंकड़ों की भी चर्चा करने की अपील की।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹14,131.60 करोड़ की रिकवरी संबंधी आंकड़ा माल्या द्वारा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे के संदर्भ में सामने आया है। इस दावे और उसके कानूनी संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन गए थे
विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े बैंक कर्ज का मामला लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों और अदालतों में चल रहा है। माल्या 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ भारत में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी और उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया।
भारत सरकार लंबे समय से ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून?
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (FEOA) ऐसे मामलों में लागू होता है, जहां किसी व्यक्ति पर निर्धारित आर्थिक अपराधों से संबंधित आरोप हों और वह भारत में आपराधिक कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़ देता है।
इस कानून के तहत संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित व्यक्ति की भारत अथवा विदेश स्थित संपत्तियों पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। संपत्तियों की कुर्की और बिक्री के जरिए वित्तीय संस्थानों के बकाये की वसूली की प्रक्रिया भी कानून के तहत की जा सकती है।
भारत वापसी को लेकर कानूनी पेच
माल्या का भारत लौटने का मुद्दा उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपने हालिया पोस्ट में ब्रिटेन में कानूनी प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कहा है कि वह वहां की प्रक्रिया के कारण भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
इस पूरे मामले में माल्या की ओर से लगाए गए आरोप और उनके कानूनी मामलों में अदालतों के आदेश अलग-अलग विषय हैं। ऐसे में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को उनके पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का अंतिम निर्धारण संबंधित अदालतों के निर्णयों से होगा।
