भोपाल में वरिष्ठ नागरिक से कथित धोखाधड़ी, सोलर हीटर की मरम्मत के नाम पर रुपये लेने का आरोप
कोलार थाना क्षेत्र का मामला; शिकायतकर्ता ने ₹3,500 नकद और ₹1,500 यूपीआई भुगतान का जिक्र कर जांच की मांग की
भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में सोलर हीटर की सफाई और मरम्मत के नाम पर एक वरिष्ठ नागरिक से रुपये लेने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया है कि दो व्यक्तियों ने मरम्मत और सामान लाने के नाम पर उनसे रकम ली, लेकिन काम पूरा नहीं किया। उन्होंने कोलार थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अनिल राजपूत और योगेश कुमार नाम के व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता के आवेदन के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे दो व्यक्ति उनके घर पहुंचे। उन्होंने सोलर हीटर की सफाई और रखरखाव करने की बात कही। आवेदन में बताया गया है कि शुरुआत में मरम्मत के लिए ₹500 मांगे गए। इसके बाद हीटर की एक ट्यूब खराब होने की बात कहकर ₹650 और पानी गर्म नहीं होने की समस्या दूर करने के लिए ₹1,350 का खर्च बताया गया।
रकम लेने के बाद काम अधूरा छोड़ने का आरोप
ओमप्रकाश सिंह का आरोप है कि सामान लाने के नाम पर उनसे ₹2,000 नकद लिए गए। शिकायत में मरम्मत और अन्य खर्चों के सिलसिले में कुल ₹3,500 नकद दिए जाने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम लेने के बाद भी सोलर हीटर का काम पूरा नहीं किया गया। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों के व्यवहार को लेकर उन्हें संदेह हुआ।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि हीटर की ट्यूबों के वॉशर या गैस्केट बदलने के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने यूपीआई के माध्यम से ₹1,500 का भुगतान भी किया। इस तरह शिकायत में नकद और डिजिटल भुगतान, दोनों का जिक्र है। पुलिस जांच में भुगतान की तारीख, रकम और संबंधित खातों का सत्यापन किया जाना है।
फोन पर संपर्क नहीं होने की शिकायत
शिकायतकर्ता ने आवेदन में कहा है कि भुगतान के बाद उन्होंने संबंधित व्यक्तियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बार-बार फोन करने पर भी बात नहीं हो सकी या समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और उपलब्ध मोबाइल नंबर तथा भुगतान से जुड़ी जानकारी आवेदन के साथ देने की बात कही।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से यह जांच करने का अनुरोध किया है कि मरम्मत के नाम पर कितनी राशि ली गई, यूपीआई भुगतान किस खाते में पहुंचा और सोलर हीटर की मरम्मत का काम क्यों अधूरा रहा। इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित व्यक्तियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दी सूचना
आवेदन के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने 28 अक्टूबर की रात करीब 9:25 बजे साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर भी सूचना दी थी। उन्होंने शिकायत संदर्भ संख्या POL2810260776 का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता चाहते हैं कि हेल्पलाइन पर दी गई जानकारी और यूपीआई लेनदेन के विवरण को भी जांच में शामिल किया जाए।
डिजिटल भुगतान के मामलों में लेनदेन का रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। पुलिस संबंधित भुगतान की जानकारी, मोबाइल नंबरों और घटना के समय की परिस्थितियों का मिलान कर सकती है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ओमप्रकाश सिंह ने कोलार थाना पुलिस से शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि आवेदन में बताए गए व्यक्तियों की पहचान, उनसे लिया गया भुगतान और मरम्मत के काम की स्थिति की जांच की जाए। शिकायतकर्ता ने मामले की प्रगति से उन्हें अवगत कराने का भी अनुरोध किया है।
इस प्रकरण में यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और रकम किस परिस्थिति में ली गई। पुलिस संबंधित पक्षों से पूछताछ कर सकती है और उपलब्ध भुगतान रिकॉर्ड का सत्यापन कर सकती है। यदि जांच में धोखाधड़ी के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी शिकायतों में समयबद्ध जांच जरूरी
घर पर मरम्मत या रखरखाव की सेवा देने के नाम पर आने वाले लोगों से संबंधित मामलों में भुगतान और काम का स्पष्ट रिकॉर्ड रखना नागरिकों के लिए मददगार हो सकता है। वहीं, शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा उपलब्ध तथ्यों की जांच करना और शिकायतकर्ता को प्रक्रिया की जानकारी देना जरूरी है।
अब मामले में कोलार थाना पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि नकद और यूपीआई भुगतान का सत्यापन कर घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाए तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
