रीवा में पटाखों की आपूर्ति पर संकट, थोक कारोबारियों ने रोकी सप्लाई
दीपावली से पहले पटाखे नहीं मिलने से फुटकर व्यापारियों की चिंता बढ़ी; कलेक्ट्रेट पहुंचकर गोदाम खुलवाने और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की
रीवा। दीपावली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही रीवा में पटाखों की उपलब्धता को लेकर फुटकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि थोक कारोबारियों की ओर से पटाखों की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिसके कारण उन्हें बिक्री के लिए माल नहीं मिल पा रहा। त्योहार के लिए बहुत कम समय बचने के बीच फुटकर व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी और जल्द समाधान की मांग की।
व्यापारियों के अनुसार दीपावली उनके कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान पटाखों की मांग बढ़ती है और ग्राहक खरीदारी के लिए दुकानों तक पहुंचते हैं। लेकिन इस बार समय पर माल नहीं मिलने से व्यापारियों को सीजन का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। उनका कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई, तो वे ग्राहकों की मांग पूरी नहीं कर पाएंगे।
त्योहार का सीजन, लेकिन दुकानों तक नहीं पहुंचा माल
फुटकर व्यापारियों ने बताया कि दीपावली में अब गिनती के दिन शेष हैं, फिर भी उन्हें बिक्री के लिए पटाखे उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। व्यापारियों के मुताबिक, दुकानें लगाने और बिक्री की तैयारी का समय तेजी से निकल रहा है। ऐसे में पटाखों की आपूर्ति में देरी उनके लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब त्योहार का मुख्य सीजन चल रहा है, तब पटाखों की सप्लाई रुकने से कारोबार कैसे होगा? उन्होंने कहा कि दुकान और अन्य तैयारियों पर खर्च करने के बाद भी यदि समय पर पटाखे नहीं मिले, तो व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्राहक भी खरीदारी के लिए बाजार पहुंचेंगे, लेकिन दुकानों पर माल नहीं होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ सकता है।
थोक कारोबारियों की ओर से आपूर्ति रोके जाने का आरोप
फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि थोक कारोबारियों ने पटाखों की आपूर्ति रोक रखी है। हालांकि, आपूर्ति बाधित होने का कारण क्या है, इस बारे में व्यापारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित पक्षों से बात कर स्थिति स्पष्ट कराई जाए और आपूर्ति में आ रही बाधा को दूर किया जाए।
व्यापारियों का कहना है कि पटाखों की खरीद और बिक्री नियमों के तहत होती है। यदि किसी प्रक्रिया, अनुमति या अन्य व्यवस्था के कारण गोदाम बंद हैं अथवा माल बाहर नहीं निकल पा रहा, तो प्रशासन को इस स्थिति की जानकारी लेकर नियमानुसार समाधान करना चाहिए। व्यापारियों ने यह भी कहा कि उन्हें समय पर जानकारी मिले, ताकि वे आगे की तैयारी कर सकें।
गोदाम जल्द खुलवाने की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे फुटकर व्यापारियों ने प्रशासन से संबंधित गोदामों को नियमानुसार जल्द खुलवाने की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि गोदामों से पटाखे उपलब्ध होने पर ही वे त्योहार से पहले दुकानों तक माल पहुंचा पाएंगे। समय पर आपूर्ति शुरू होने से व्यापारियों को कारोबार की तैयारी करने और ग्राहकों को पटाखे उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।
व्यापारियों ने अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर थोक कारोबारियों और फुटकर विक्रेताओं के बीच समन्वय कराने की अपील की। उनका कहना है कि यदि आपूर्ति की व्यवस्था जल्द नहीं बनी, तो त्योहार के दौरान बाजार में पटाखों की कमी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए व्यापारियों की समस्या का शीघ्र निराकरण कराया जाए।
कारोबार प्रभावित होने की आशंका
फुटकर कारोबारियों के मुताबिक दीपावली के आसपास पटाखों की बिक्री सीमित अवधि में होती है। इसलिए माल मिलने में देरी का असर पूरे सीजन पर पड़ सकता है। यदि उन्हें त्योहार से ठीक पहले पटाखे मिलते हैं, तो दुकानों तक सामान पहुंचाने, बिक्री की तैयारी करने और ग्राहकों को जानकारी देने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा।
व्यापारियों ने आशंका जताई कि आपूर्ति बाधित रहने से उनका कारोबार प्रभावित होगा। साथ ही, स्थानीय ग्राहकों को भी मनचाहे पटाखे खरीदने में परेशानी हो सकती है। फिलहाल व्यापारी प्रशासन के निर्णय और आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन के हस्तक्षेप पर टिकी निगाहें
रीवा में पटाखों की आपूर्ति का मामला अब फुटकर व्यापारियों की प्रमुख चिंता बन गया है। व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है। अब यह देखना होगा कि अधिकारी आपूर्ति बाधित होने के कारणों की जानकारी लेकर क्या कदम उठाते हैं और गोदामों से माल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया कितनी जल्दी शुरू होती है।
फुटकर व्यापारियों ने मांग की है कि मामले का समाधान समय रहते किया जाए, ताकि दीपावली से पहले उन्हें पटाखे मिल सकें और वे अपना कारोबार कर सकें। त्योहार में अब कम समय बचा है, इसलिए व्यापारियों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
