Anuppur में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन, लोकनृत्य और लोकगीतों ने बांधा समां
ज्योति दुबे ने आयोजन की सराहना की, चैतन्य मिश्रा बोले—कलाकारों को मंच देना शासन की अच्छी पहल
Anuppur। मध्य प्रदेश शासन के युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार 28 अक्टूबर 2026 को जिला खेल परिसर, माइकल क्लब में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने लोकनृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला और कविता लेखन जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम कलेक्टर रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं प्रभारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी जगनाथ मरकाम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षित निरीक्षक श्रीमती ज्योति दुबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के शहडोल संभागीय अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा उपस्थित रहे।
ज्योति दुबे ने की युवा उत्सव की सराहना
मुख्य अतिथि रक्षित निरीक्षक ज्योति दुबे ने युवा उत्सव की सराहना करते हुए इसे सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले उनकी धारणा थी कि खेल विभाग में केवल खेल गतिविधियां ही आयोजित होती हैं, लेकिन यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई।
उन्होंने आयोजन से जुड़े विभागीय कर्मचारियों और विभिन्न विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।
कलाकारों को मंच देना शासन की अच्छी पहल: चैतन्य मिश्रा
विशिष्ट अतिथि चैतन्य मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन की यह अच्छी पहल है, जिसके माध्यम से प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। ऐसे आयोजनों से युवाओं की प्रतिभा को पहचान मिलती है और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। युवा उत्सव जैसे कार्यक्रम उन्हें आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।

लोकनृत्य, लोकगीत और कविता लेखन में दिखी प्रतिभा
जिला स्तरीय युवा उत्सव के अंतर्गत समूह लोकनृत्य, समूह लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला और कविता लेखन सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कला, संस्कृति और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं, प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष संचालन में योगदान देने वाले निर्णायकों को भी ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला वॉलीबॉल प्रशिक्षक रामचंद्र यादव, जैतहरी विकासखंड समन्वयक दिनेश कुमार सिंह चंदेल, कोतमा के मिथिलेश सिंह नेताम, पुष्पराजगढ़ के खेलन प्रसाद कोल और पूरन सिंह श्याम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका डॉ. पुष्पेंद्र नामदेव, डॉ. तरन्नुम शरबत, डॉ. दीपक गुप्ता, एस. हार्डिया, राहुल रंजन सिंह, राजेश्वरी घुरे, चंदन सिंह, बबलू महंत, गिरधारी साहू और विजय पटेल सहित अन्य लोगों ने निभाई।
कार्यक्रम का मंच संचालन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विकासखंड समन्वयक दिनेश कुमार सिंह चंदेल ने किया।
जिला स्तरीय युवा उत्सव के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। लोककला, संगीत, नाटक, चित्रकला और साहित्यिक गतिविधियों में भागीदारी ने आयोजन को विविधतापूर्ण बनाया। कार्यक्रम ने युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
रिपोर्ट: मदन मोहन मिश्रा, अनूपपुर।
