धार जिले के ग्राम वायल में गणेशोत्सव पर भव्य झांकियां निकाली गईं। सत्यनारायण कथा, कृष्ण लीला, अघोरी भोले की भस्म आरती, आदिवासी और राजस्थानी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे।
वायल में गणेशोत्सव की धूम: सत्यनारायण कथा, कृष्ण लीला और अघोरी भोले की भस्म आरती ने मोहा मन
ढोल-नगाड़ों, डीजे, राजस्थानी और आदिवासी नृत्य के साथ निकलीं भव्य झांकियां, नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
मनावर/धार। ग्राम वायल में गणेशोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भव्य एवं आकर्षक झांकियां निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों, डीजे, भजनों, राजस्थानी नृत्य और आदिवासी नृत्य की प्रस्तुतियों के बीच निकली झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़े। पूरे गांव में देर तक धार्मिक उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा।
सत्यनारायण कथा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन
बजरंग मित्र मंडल द्वारा भगवान सत्यनारायण की कथा पर आधारित आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। इसमें कथा से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को कलाकारों ने जीवंत रूप देने का प्रयास किया।
वहीं सावरिया मित्र मंडल की झांकी में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और माखन चोरी के प्रसंगों का मनमोहक चित्रण किया गया। दोनों झांकियां नर्मदा मंदिर से प्रारंभ होकर बजरंग मंदिर और सती माता चौक होते हुए शिव मंदिर तक पहुंचीं।
झांकियों के पूरे मार्ग पर डीजे, ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
अघोरी भोले की भस्म आरती बनी आकर्षण का केंद्र
गणेशोत्सव में गणेश मित्र मंडल द्वारा प्रस्तुत अघोरी भोले की भस्म आरती का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की वेशभूषा और प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।
नन्हे बाल कलाकारों द्वारा भगवान विघ्नहर्ता श्रीगणेश की आकर्षक झांकी भी निकाली गई। इसके साथ आदिवासी नृत्य और पारंपरिक ढोल की प्रस्तुतियों ने उत्सव में अलग ही रंग भर दिया। यह झांकी पाटीदार समाज धर्मशाला से प्रारंभ होकर लक्ष्मी नारायण मंदिर चौक पहुंची, जहां गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
दूसरे शहरों में भी पहचान बना रहे वायल के कलाकार
ग्राम वायल की झांकियों की खासियत यहां के स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा है। गांव में तैयार होने वाली आकर्षक झांकियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों की पहचान आसपास के क्षेत्रों में भी बन रही है।
वायल के कलाकारों को मनावर, सिंघाना, खरगोन, पाटी, बड़वानी, सेंधवा और गोगावां सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाता है। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्राम वायल की पहचान को आगे बढ़ा रहे हैं।
पाटीदार समाज वायल की ओर से झांकियों में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। आयोजन के दौरान पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।


