पर्युषण के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया, अभिषेक और शांतिधारा में श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
बम्हौरी। पर्युषण पर्व के सातवें दिन श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधिविधानपूर्वक संपन्न हुई। दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ लिया।
अभिषेक में श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया सौभाग्य
मंदिर में आयोजित अभिषेक कार्यक्रम में विभिन्न पात्रों के रूप में श्रद्धालुओं ने सौभाग्य प्राप्त किया। प्रथम पात्र के रूप में बसंत कुमार जैन एवं नीरज जैन, द्वितीय पात्र के रूप में रमेशचंद जैन एवं संदीप जैन, तृतीय पात्र के रूप में सुभाष कुमार जैन एवं सोम जैन तथा चतुर्थ अभिषेक में बसंत कुमार जैन एवं विपिन जैन ने सहभागिता की।
धार्मिक विधियों के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ श्रीजी का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
शांतिधारा में परिवारों ने लिया हिस्सा
शांतिधारा कार्यक्रम में प्रथम पात्र बनने का सौभाग्य अजित कुमार जैन एवं अभिनव जैन परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं, द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य वैभव जैन एवं समस्त परिवार को मिला।
शांतिधारा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधियों में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आयोजन में शामिल परिवारों और समाजजनों ने भक्तिभाव के साथ पर्व का पालन किया।
संगीतमय आरती और धार्मिक क्रिकेट का आयोजन
पर्युषण पर्व के सातवें दिन शाम को मंदिर में संगीतमय आरती एवं भक्तिभाव का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाया।
इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत जैन धार्मिक क्रिकेट का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधि ने कार्यक्रम को विशेष बनाया और समाजजनों ने मिलकर आयोजन का आनंद लिया।
श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया उत्तम तप धर्म
उत्तम तप धर्म के अवसर पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाजजनों की सहभागिता रही। सुबह के धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर शाम की आरती और क्रिकेट आयोजन तक श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। मंदिर परिसर में पर्युषण पर्व की धार्मिक भावना और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा।
