Indore में दसलक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की आराधना
महावीर जिनालय में अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन संपन्न; श्रद्धालुओं ने की तप, त्याग और संयम की आराधना
Indore। दिगंबर जैन समाज द्वारा मनाए जा रहे पर्वराज दसलक्षण महापर्व के सातवें दिन मंगलवार को उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। इस अवसर पर संगम नगर स्थित महावीर जिनालय में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा और विभिन्न पूजन संपन्न किए। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि उत्तम तप धर्म का अर्थ केवल शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना, इंद्रियों को संयमित करना और क्रोध, मान, माया तथा लोभ जैसे कषायों पर विजय प्राप्त करना है। तप के माध्यम से आत्मा की शुद्धि होती है और कर्मों की निर्जरा का मार्ग प्रशस्त होता है। मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस जीवन में संयम, तप और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने लिया भाग
महावीर जिनालय, संगम नगर में सुबह भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद देव, शास्त्र और गुरु पूजन, 24 तीर्थंकर भगवानों की पूजा, 16 कारण पूजन में अर्घ्य समर्पण तथा दसलक्षण पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ स्वयंभू स्तोत्र का पाठ भी किया।
शांतिधारा का सौभाग्य प्रकाशचंद–प्रदीप–पदम गोधा परिवार, कमलेश सिंघई, मनोज जैन और विजय जैन परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं, समस्त पूजन का सम्मान मनोज जैन, सुबोध कासलीवाल, सतीश जैन, अमित जैन, अर्पित जैन, अरिहंत अनिमेष जैन, रितिक जैन और पीयूष जैन ने प्राप्त किया।
शाम को समायिक और महाआरती
दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत शाम 6:30 बजे समायिक का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे महाआरती संपन्न होगी, जिसमें समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
जैन समाज के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल एवं महामंत्री देवेंद्र सोगानी ने दसलक्षण महापर्व के दौरान कठिन निर्जल उपवास और तपस्या करने वाले श्रद्धालुओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि तप, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प के माध्यम से श्रद्धालु धर्म की आराधना कर रहे हैं। महापर्व आत्मसंयम, आध्यात्मिक शुद्धि और आत्मकल्याण की प्रेरणा देता है।
जानकारी: सतीश जैन, प्रचार प्रमुख, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर।
