कुक्षी में नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, सर्वदलीय नेताओं एवं सामाजिक संगठनों ने किया स्मरण
रिपोर्ट: नरेन्द्र सिरवी
स्थान: कुक्षी (धार)
श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह
धार जिले के कुक्षी नगर में शनिवार को नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान की पावन स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, ब्राह्मण भोज एवं अस्थि दान कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लेकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
माधवश्री प्रसादम् परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह श्रद्धामय रहा। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके द्वारा समाज और नगर के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
16 जुलाई को हुआ था आकस्मिक निधन
उल्लेखनीय है कि कुक्षी नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती रेलम चौहान का 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आकस्मिक निधन हो गया था। उनके असामयिक निधन से नगर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, जनसेवा के प्रति समर्पण और सक्रिय सामाजिक भागीदारी के कारण आमजन के बीच विशेष पहचान रखती थीं।
उनके निधन के बाद नगरवासियों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा लगातार शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई थीं। इसी क्रम में उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
माधवश्री प्रसादम् में हुआ आयोजन
शनिवार, 1 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे माधवश्री प्रसादम् में श्रद्धांजलि सभा, ब्राह्मण भोज एवं अस्थि दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक समय से पहले ही पहुंच गए थे।
सभास्थल पर स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान का चित्र सजाकर रखा गया था, जहां उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक बना रहा और अनेक लोगों ने उन्हें याद करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
राजनीतिक दलों ने भुलाए मतभेद, एक मंच पर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा की विशेष बात यह रही कि इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एक साथ उपस्थित हुए। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत नगर परिषद अध्यक्ष को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी नेताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले व्यक्तियों का मूल्यांकन उनके जनहित के कार्यों से होता है और स्वर्गीय रेलम चौहान ने अपने कार्यकाल में नगरहित को प्राथमिकता देने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में प्रदेश, जिला एवं स्थानीय स्तर के अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह संदेश भी दिया कि समाज सेवा और जनहित के कार्य राजनीति से ऊपर होते हैं।
सामाजिक संगठनों और प्रेस क्लब की रही सक्रिय भागीदारी
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। इसके अलावा प्रेस क्लब के सदस्य, शिक्षाविद, व्यापारी, युवा संगठन, महिला संगठन तथा नगर के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी ने स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जनसेवा के प्रति समर्पण को किया गया याद
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसी जनप्रतिनिधि थीं जिन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में आम नागरिकों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने सामाजिक सरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी और नगर के विकास से जुड़े विषयों पर सक्रियता से कार्य किया। उनके सरल व्यवहार और सभी वर्गों से आत्मीय संबंधों ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया।
नगर विकास में उनके योगदान को किया गया स्मरण
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान ने नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में नगर विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने नगर की मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, नागरिक समस्याओं के समाधान और जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य करने का प्रयास किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका कार्यकाल नगर के विकास के लिए किए गए प्रयासों के कारण हमेशा याद किया जाएगा।
भावुक हुआ श्रद्धांजलि सभा का वातावरण
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई वक्ताओं ने स्वर्गीय रेलम चौहान से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सहज व्यवहार को याद करते हुए अनेक लोग भावुक हो गए।
उपस्थित लोगों ने कहा कि उन्होंने हमेशा सभी वर्गों के लोगों के साथ समान व्यवहार किया और जनप्रतिनिधि होने के बावजूद आम नागरिकों से सीधे संवाद बनाए रखा।
कार्यक्रम के दौरान अनेक लोगों की आंखें नम दिखाई दीं और पूरे वातावरण में गहरा भावनात्मक माहौल बना रहा।
ब्राह्मण भोज एवं अस्थि दान कार्यक्रम भी संपन्न
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत धार्मिक परंपराओं के अनुसार ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया। इसके साथ ही दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अस्थि दान कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
परिवारजनों एवं उपस्थित लोगों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम में भाग लिया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने प्रिय सदस्य को खोना अत्यंत पीड़ादायक होता है। ऐसे कठिन समय में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सर्वदलीय एकजुटता का बना संदेश
श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की एक साथ उपस्थिति ने सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सेवा करने वाले व्यक्तियों को उनके योगदान के आधार पर हमेशा सम्मान मिलना चाहिए। स्वर्गीय रेलम चौहान ने अपने कार्यकाल में जनहित के लिए जो प्रयास किए, उन्हें नगर लंबे समय तक याद रखेगा।
श्रद्धांजलि के साथ किया गया उनके कार्यों का स्मरण
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान के व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा उनके परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल और साहस दें। श्रद्धांजलि सभा का समापन शोक संवेदनाओं और मौन प्रार्थना के साथ हुआ।
स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान के निधन से कुक्षी नगर ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी व्यक्तित्व को खो दिया है। नगरवासियों का कहना है कि उनकी सेवाएं और जनहित के लिए किए गए प्रयास लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेंगे।
