Tikamgarh में सहकारिता विभाग के जिला पंजीयक एसके कौशिक सस्पेंड, नॉमिनी को राशि नहीं देने पर सीएम ने लिया एक्शन
Tikamgarh News: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान एक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को टीकमगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के जिला पंजीयक एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए। मामला सहकारी बैंक की मवई शाखा से जुड़ा था, जहां एक खाताधारक की मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी के खाते में निर्धारित राशि ट्रांसफर नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई थी।
मुख्यमंत्री ने जनविश्वास अभियान के तहत लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समस्याओं का समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। इसी दौरान दयाराम लोधी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
नॉमिनी के खाते में नहीं पहुंची राशि
Tikamgarh निवासी दयाराम लोधी ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उनकी मां स्वर्गीय रानीबाई की मृत्यु के बाद सहकारी बैंक की मवई शाखा में जमा राशि को नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राशि नॉमिनी को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। मामला मुख्यमंत्री के सामने पहुंचने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।
मामले में संबंधित विभागीय स्तर पर लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के जिला पंजीयक एसके कौशिक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
जनविश्वास कार्यक्रम में सुनीं लोगों की समस्याएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ में साप्ताहिक जनविश्वास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से सीधे संवाद किया और सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली।
कार्यक्रम में अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए। किसी भी शिकायत का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से शिकायतकर्ता को राहत मिलनी चाहिए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कामकाज में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में गंभीरता और संवेदनशीलता जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जो शासकीय सेवक बेहतर काम करेंगे और जनता की समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान करेंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सुविधा देना है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी होती है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
फील्ड में जाकर योजनाओं की निगरानी करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें और अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी निगरानी जरूरी है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जाकर लोगों से संवाद करना चाहिए और जमीनी समस्याओं को समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि क्षेत्र विशेष से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए। यदि किसी इलाके में किसी योजना या सरकारी व्यवस्था को लेकर बार-बार शिकायतें सामने आती हैं, तो उसके मूल कारण की पहचान कर स्थायी समाधान किया जाए।
समय सीमा में शिकायतों का निराकरण जरूरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी से लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है।
जनविश्वास अभियान का उद्देश्य भी आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और प्रशासनिक स्तर पर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि आवेदक को वास्तविक राहत मिले।
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनकी प्रगति की जानकारी लेने को भी कहा।
कार्रवाई के साथ अच्छे काम को मिलेगा सम्मान
Tikamgarh में हुई इस कार्रवाई के जरिए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को दोहरा संदेश दिया है। एक तरफ लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में कार्य करने वालों को अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए। जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
Tikamgarh में जिला पंजीयक के निलंबन का मामला इसी नीति के तहत कार्रवाई के रूप में सामने आया है। नॉमिनी के खाते में राशि ट्रांसफर नहीं होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के लिए भी यह संदेश स्पष्ट है कि जनता की शिकायतों की अनदेखी या उनके समाधान में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं, बेहतर कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही है।
