—Advertisement—

जाजमखेड़ी के रामदेव मंदिर में दस दिनों तक जागरण और भजन संध्या, भादवा दशमी पर निकली ज्योत

Author Picture
Published On: 22 September 2026
jgjhgf

—Advertisement—

जाजमखेड़ी के रामदेव मंदिर में दस दिनों तक जागरण और भजन संध्या, भादवा दशमी पर निकली ज्योत

मनावर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने कपड़े के घोड़े, ध्वजा और प्रसाद चढ़ाया; मन्नत पूरी होने पर बच्चों का तुलादान किया

कौशिक पण्डित

मनावर के पास जाजमखेड़ी स्थित प्राचीन लोकदेवता श्री रामदेव मंदिर में भादवा माह के दौरान दस दिनों तक धार्मिक आयोजन हुए। मंदिर में जागरण और रात्रिभर भजन संध्या का आयोजन किया गया। भादवा दशमी पर आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कपड़े के घोड़े, ध्वजा, नारियल और चूरमे का प्रसाद अर्पित किया।

मंदिर में भादवा माह के आयोजन का स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व है। इस दौरान लोग अपनी मन्नत लेकर मंदिर पहुंचते हैं और मन्नत पूरी होने पर बाबा को भेंट चढ़ाते हैं। भादवा दशमी के अवसर पर भी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन में गांव के लोगों के साथ आसपास के क्षेत्र से आए भक्तों ने भाग लिया।

दस दिनों तक हुए जागरण और भजन

gdfgdf 1आयोजकों के अनुसार, मंदिर में दस दिनों तक जागरण का क्रम चला। रात्रि में भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के भजनों में भाग लिया। रातभर चलने वाले जागरण के दौरान चार बार आरती की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

जागरण और भजन संध्या के कारण मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा। ग्रामीणों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। भादवा दशमी पर होने वाले मुख्य आयोजन से पहले भी भक्त मंदिर पहुंचते रहे। दस दिवसीय कार्यक्रम का समापन ज्योत यात्रा, महाआरती और भंडारा प्रसादी के साथ हुआ।

मन्नत पूरी होने पर बच्चों का तुलादान

मंदिर में मन्नत लेकर आने वाले कुछ परिवारों ने बच्चों का तुलादान भी किया। दी गई जानकारी के अनुसार, मन्नत पूरी होने पर बच्चों को फल और अन्य सामग्री के साथ तुला पर बैठाकर यह धार्मिक परंपरा निभाई जाती है। परिवार के सदस्यों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर बाबा रामदेव को प्रसाद अर्पित किया।

तुलादान के लिए पहुंचे परिवारों ने आयोजन में शामिल अन्य श्रद्धालुओं के साथ आरती में भी भाग लिया। मंदिर में कपड़े के घोड़े और ध्वजा चढ़ाने की परंपरा भी निभाई गई। श्रद्धालुओं ने नारियल और चूरमा प्रसाद अर्पित कर अपनी मन्नत और आस्था प्रकट की।

गांव में निकाली गई ज्योत यात्रा

htgrभादवा दशमी पर गांव के पंचों और श्रद्धालुओं की ओर से ज्योत यात्रा निकाली गई। डीजे के साथ निकले जुलूस में ग्रामीण शामिल हुए। यात्रा के दौरान घर-घर ज्योत की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ज्योत को मंदिर लाया गया, जहां महाआरती का आयोजन हुआ।

ज्योत यात्रा में गांव के लोगों की भागीदारी रही। ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने ज्योत का स्वागत किया और पूजा की। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने एक साथ महाआरती में भाग लिया। इसके साथ ही दस दिनों से चल रहे धार्मिक कार्यक्रम का समापन किया गया।

महाआरती के बाद भंडारा प्रसादी

समापन अवसर पर मंदिर में महाआरती के बाद भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। दस दिवसीय जागरण, भजन संध्या और भादवा दशमी के आयोजन को संपन्न कराने में ग्रामीणों का सहयोग रहा।

जाजमखेड़ी के श्री रामदेव मंदिर में भादवा दशमी पर कपड़े के घोड़े और ध्वजा अर्पित करने, मन्नत पूरी होने पर तुलादान करने तथा गांव में ज्योत निकालने की परंपराएं इस बार भी निभाई गईं। आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में महाआरती और भंडारा प्रसादी के साथ आयोजन संपन्न हुआ।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp