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	<title>Tribal Rights &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Tribal Rights &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>कुक्षी में ‘जय जोहार’ के सम्मान को लेकर जयस ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 14:54:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुक्षी में जयस ने &#8216;जय जोहार&#8217; के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रविराज बघेल ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कुक्षी में ... <a title="कुक्षी में ‘जय जोहार’ के सम्मान को लेकर जयस ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/kukshi-jays-jai-johar-memorandum-raviraj-baghel/" aria-label="Read more about कुक्षी में ‘जय जोहार’ के सम्मान को लेकर जयस ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कुक्षी में जयस ने &#8216;जय जोहार&#8217; के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रविराज बघेल ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>कुक्षी में ‘जय जोहार’ के सम्मान को लेकर जयस ने सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी | रिपोर्ट – नरेन्द्र सिरवी, कुक्षी (धार)</p>
<p>कुक्षी। आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक ‘जय जोहार’ के सम्मान को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने कुक्षी थाना प्रभारी को मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>ज्ञापन में आदिवासी समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।</p>
<p>इस दौरान जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल के नेतृत्व में जयस कार्यकर्ताओं, आदिवासी युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा।</p>
<p>रविराज बघेल ने कहा कि ‘जय जोहार’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। समाज के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।</p>
<p>जयस ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद पहली बार राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट प्रभावितों से करेंगे मुलाकात</title>
		<link>https://swarajvani.com/rahul-gandhis-proposed-bastar-visit-to-focus-on-villagers-affected-by-project/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Oct 2026 07:46:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Raipur]]></category>
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		<category><![CDATA[Adivasi Villagers]]></category>
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					<description><![CDATA[माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद पहली बार राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट प्रभावितों से करेंगे मुलाकात रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ के बस्तर ... <a title="माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद पहली बार राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट प्रभावितों से करेंगे मुलाकात" class="read-more" href="https://swarajvani.com/rahul-gandhis-proposed-bastar-visit-to-focus-on-villagers-affected-by-project/" aria-label="Read more about माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद पहली बार राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट प्रभावितों से करेंगे मुलाकात">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद पहली बार राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट प्रभावितों से करेंगे मुलाकात</strong></h1>
<p><strong>रायपुर।</strong> लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का दौरा प्रस्तावित है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के मुताबिक, राहुल गांधी बस्तर में बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से मिलकर उनकी चिंताएं सुनेंगे। दौरे की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है। कांग्रेस इस प्रवास के जरिए आदिवासी ग्रामीणों के अधिकार, विस्थापन और परियोजना से जुड़ी आशंकाओं को उठाने की तैयारी में है।</p>
<p>यह दौरा ऐसे समय प्रस्तावित है, जब बस्तर में माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद विकास परियोजनाओं और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हुई है। बोधघाट परियोजना का मुद्दा लंबे समय से क्षेत्र में विवाद का विषय रहा है। कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी प्रभावित गांवों के लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानेंगे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे किन गांवों में जाएंगे और दौरे के दौरान उनकी बैठकें कहां होंगी।</p>
<h2><strong>बोधघाट परियोजना को लेकर ग्रामीणों की चिंता</strong></h2>
<p>बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे लाभ देना बताया गया है। हालांकि, परियोजना से जमीन, जंगल और बस्तियों के प्रभावित होने की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। जून में दंतेवाड़ा जिले के हिटलाकुडुम में 56 गांवों के लोगों की बैठक हुई थी। ग्रामीणों ने कहा था कि परियोजना आगे बढ़ने पर उन्हें विस्थापन और आजीविका के नुकसान का डर है।</p>
<p>बोधघाट परियोजना की परिकल्पना 1979 में की गई थी। विस्थापन और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बाद इस पर काम रुक गया था। हाल में परियोजना से जुड़े सर्वे फिर शुरू होने की खबरों के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ी है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन और जंगल केवल आजीविका के साधन नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से भी जुड़े हैं।</p>
<h2><strong>कांग्रेस उठाएगी आदिवासी अधिकारों का मुद्दा</strong></h2>
<p>प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पार्टी प्रभावित ग्रामीणों की आवाज उठाएगी। राहुल गांधी के संभावित दौरे में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी मांगें और आशंकाएं समझने की योजना है। कांग्रेस का कहना है कि परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले स्थानीय लोगों की सहमति, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान होना चाहिए। यह पार्टी का राजनीतिक पक्ष है; परियोजना के भविष्य और प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और संबंधित विभागों को लेना है।</p>
<p>परियोजना को लेकर प्रशासन और समर्थकों का पक्ष भी है। अधिकारियों ने इसके संभावित सिंचाई और बिजली उत्पादन लाभों का उल्लेख किया है तथा प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा और कानून के अनुसार मुआवजा देने की बात कही है। ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले उन्हें परियोजना की पूरी जानकारी दी जाए और उनकी चिंताओं पर खुली बातचीत हो।</p>
<h2><strong>बिजली और स्मार्ट मीटर पर भी चर्चा की तैयारी</strong></h2>
<p>दौरे से जुड़ी रिपोर्ट में बिजली संकट और स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी कांग्रेस की संभावित रणनीति में शामिल बताया गया है। पार्टी राज्य सरकार को इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है। हालांकि, राहुल गांधी के कार्यक्रम में इन विषयों पर कोई अलग बैठक या स्थल तय होने की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।</p>
<p>राहुल गांधी के बस्तर पहुंचने की तारीख तय होने के बाद दौरे का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जा सकता है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित मुलाकात में उनकी विस्थापन, जमीन, जंगल और पुनर्वास संबंधी चिंताओं को किस तरह सुना जाता है। वहीं, कांग्रेस इस दौरे को आदिवासी अधिकारों और क्षेत्रीय विकास के मुद्दे पर संवाद के अवसर के रूप में देख रही है।</p>
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			</item>
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		<title>जमीन बचाओ जनसभा में महेश पटेल का भाजपा पर हमला, बोले- भाषण नहीं, कागज और सरकारी आदेश चाहिए</title>
		<link>https://swarajvani.com/alirajpur-zameen-bachao-rally-mahesh-patel-targets-bjp-over-mineral-blocks-pesa-act-and-tribal-land-issues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 13:02:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जमीन बचाओ जनसभा में महेश पटेल का भाजपा पर हमला, बोले- भाषण नहीं, कागज और सरकारी आदेश चाहिए चंद्रशेखर आजाद नगर में जनसभा के बाद आदिवासी समाज ने निकाली रैली, ... <a title="जमीन बचाओ जनसभा में महेश पटेल का भाजपा पर हमला, बोले- भाषण नहीं, कागज और सरकारी आदेश चाहिए" class="read-more" href="https://swarajvani.com/alirajpur-zameen-bachao-rally-mahesh-patel-targets-bjp-over-mineral-blocks-pesa-act-and-tribal-land-issues/" aria-label="Read more about जमीन बचाओ जनसभा में महेश पटेल का भाजपा पर हमला, बोले- भाषण नहीं, कागज और सरकारी आदेश चाहिए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>जमीन बचाओ जनसभा में महेश पटेल का भाजपा पर हमला, बोले- भाषण नहीं, कागज और सरकारी आदेश चाहिए</strong></h1>
<h2><strong>चंद्रशेखर आजाद नगर में जनसभा के बाद आदिवासी समाज ने निकाली रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; खनिज ब्लॉक, ग्रामसभा, पेसा एक्ट और खाद संकट पर उठाए सवाल</strong></h2>
<p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट – खलील मंसूरी</strong></p>
<p><strong>चंद्रशेखर आजाद नगर, आलीराजपुर।</strong> आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल ने बुधवार को चंद्रशेखर आजाद नगर के मंडी ग्राउंड में आयोजित ‘जमीन बचाओ जनसभा’ को संबोधित करते हुए खनिज ब्लॉक, आदिवासी जमीन, पेसा कानून, ग्रामसभा, किसानों की खाद समस्या और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार और भाजपा नेताओं पर कई सवाल उठाए।</p>
<p>जनसभा के बाद आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने, ग्राम पंचायतों पर नीलामी के समर्थन में प्रस्ताव पारित करने के कथित दबाव को रोकने, पेसा एक्ट के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने और किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।</p>
<h3><strong>‘यह किसी पार्टी की नहीं, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई’</strong></h3>
<p>महेश पटेल ने कहा कि इस मुद्दे को केवल कांग्रेस और भाजपा की राजनीतिक लड़ाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़ा विषय है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि क्षेत्र का आदिवासी समाज अपनी जमीन, खेती, संस्कृति, धार्मिक स्थलों और पुरखों की विरासत की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रख रहा है।</p>
<p>पटेल ने कहा कि सरकार और प्रशासन को प्रभावित गांवों के लोगों की आशंकाओं का स्पष्ट जवाब देना चाहिए और यदि किसी खनिज ब्लॉक अथवा जमीन को लेकर कोई निर्णय लिया गया है तो उससे संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।</p>
<h3><strong>‘प्री-ऑक्शन’ को लेकर सरकार पर साधा निशाना</strong></h3>
<p>महेश पटेल ने आरोप लगाया कि खनिज ब्लॉक के मुद्दे पर जनता को ‘प्री-ऑक्शन’ जैसे तकनीकी शब्दों में उलझाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे सरकार के भू-विज्ञान एवं खनन संचालनालय से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अपनी बात ग्रामीणों के सामने रख रहे हैं।</p>
<p>पटेल के मुताबिक संबंधित दस्तावेज में आलीराजपुर जिले के खेरिया लाइमस्टोन ब्लॉक, चूना पत्थर और कम्पोजिट लाइसेंस (CL) का उल्लेख है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि टेंडर दस्तावेज की कीमत 5 लाख रुपये जीएसटी अतिरिक्त रखी गई थी, जबकि दस्तावेज खरीदने की अंतिम तारीख 4 नवंबर 2025, ऑनलाइन नीलामी की तारीख 9 दिसंबर 2025 और बोली जमा करने की अंतिम तारीख 16 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे निर्धारित थी।</p>
<p>इन दावों के आधार पर उन्होंने सवाल किया कि यदि टेंडर दस्तावेज, उसकी कीमत और नीलामी से संबंधित तारीखें निर्धारित की गई थीं तो सरकार को पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।</p>
<h3><strong>कई गांवों का नाम लेकर जताई चिंता</strong></h3>
<p>महेश पटेल ने जनसभा में क्षेत्र के कई गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि खनिज ब्लॉक से जुड़ी गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में आशंका बनी हुई है।</p>
<p>उन्होंने बलदमुग, बड़ी खट्टाली, खेरवा, छोटी खट्टाली, डाबड़ी, नेहतड़ा, गुडाबड़ा, उबलड, चगदी, बेटवासा और कोसदुना सहित अन्य गांवों का उल्लेख किया।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने चूना पत्थर से जुड़े बताए जा रहे माथना, कुहिवाव, भूरियाकुवा, सेजावाड़ा, अमनकुआं, कांसट, खोरियामाली, बड़ी करेटी, सांदा और मालवेली सहित अन्य गांवों तथा मैंगनीज से जुड़े बताए जा रहे मोटाउमर, सेवड़, बड़ी जुवारी, छोटी जुवारी, सेमलाया, उबगारी और पनेरी सहित अन्य क्षेत्रों का भी जिक्र किया।</p>
<h3><strong>‘ग्रामीण पहले से विरोध में हैं तो फिर पत्र क्यों?’</strong></h3>
<p>पटेल ने आरोप लगाया कि शासन से प्राप्त पत्रों के आधार पर ग्राम पंचायतों से खनिज नीलामी के समर्थन में प्रस्ताव पारित कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंचायतों से प्रस्तावों की प्रतियां भी मांगी जा रही हैं।</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि जब प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण पहले ही विरोध प्रदर्शन, धरना और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं तथा यह विषय विधानसभा तक पहुंच चुका है, तो इसके बाद भी इस संबंध में लगातार पत्राचार क्यों किया जा रहा है।</p>
<p>हालांकि पंचायतों पर दबाव बनाए जाने संबंधी आरोप महेश पटेल और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासन अथवा सरकार का विस्तृत पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<h3><strong>ग्रामसभा और पेसा एक्ट का मुद्दा उठाया</strong></h3>
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<p>&nbsp;</p>
<p>जनसभा में पेसा एक्ट और ग्रामसभा के अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। महेश पटेल ने प्रभावित बताए जा रहे गांवों में ग्रामसभा की भूमिका को लेकर सरकार और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण है और आदिवासी समाज की जमीन एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में भी पेसा एक्ट के प्रावधानों के पालन की मांग प्रमुखता से रखी।</p>
<h3><strong>‘भाषण नहीं, लिखित आदेश दिखाए सरकार’</strong></h3>
<div style="width: 832px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-352678-2" width="832" height="464" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfdzsd.mp4?_=2" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfdzsd.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfdzsd.mp4</a></video></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज को केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि सरकार की ओर से स्पष्ट लिखित आदेश और दस्तावेज चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में यह सुनिश्चित कर रही है कि आदिवासियों की जमीन प्रभावित नहीं होगी, तो इससे संबंधित स्थिति आधिकारिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने खनिज ब्लॉकों और प्रभावित गांवों को लेकर जारी आदेशों तथा पत्राचार की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।</p>
<h3><strong>किसानों की खाद समस्या भी उठाई</strong></h3>
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<p>जमीन और खनिज ब्लॉक के साथ जनसभा में किसानों को समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। पटेल ने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने सरकार से मांग की कि क्षेत्र के वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद मिले।</p>
<h3><strong>रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण</strong></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p>जनसभा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने मंडी ग्राउंड से रैली निकाली। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंची।</p>
<p>यहां प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को निरस्त करने, पंचायतों पर कथित दबाव रोकने, पेसा एक्ट और ग्रामसभा के अधिकारों का पालन करने तथा किसानों की खाद समस्या का समाधान करने की मांग की।</p>
<p>जनसभा में महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के मुद्दे पर उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। वहीं प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर स्पष्ट और लिखित जवाब देने की मांग की।</p>
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		<title>Alirajpur में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जमीन अधिग्रहण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय घेरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:15:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Alirajpur]]></category>
		<category><![CDATA[Jal Jungle Zameen]]></category>
		<category><![CDATA[Land Acquisition]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Mining Blocks]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
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					<description><![CDATA[Alirajpur में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जमीन अधिग्रहण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय घेरा संवाददाता : खलील मंसूरी महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आंदोलन, ... <a title="Alirajpur में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जमीन अधिग्रहण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय घेरा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/protest-land-acquisition-mining-blocks-alirajpur/" aria-label="Read more about Alirajpur में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जमीन अधिग्रहण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय घेरा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Alirajpur में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जमीन अधिग्रहण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय घेरा</strong></h1>
<p><em><strong>संवाददाता : खलील मंसूरी</strong> </em></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आंदोलन, एसडीएम-अपर कलेक्टर के बाद कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बात</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>Alirajpur ।</strong> जमीन अधिग्रहण, प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों की प्रक्रिया और किसानों को खाद वितरण में आ रही परेशानियों को लेकर मंगलवार को Alirajpur में हजारों ग्रामीणों और किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल एवं जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आयोजित आंदोलन में Alirajpur -जोबट विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंच, कांग्रेस प्रतिनिधि, जनपद प्रतिनिधि, किसान, ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंदोलन की शुरुआत आलीराजपुर के रामदेव मंदिर परिसर में सभा के साथ हुई। सभा के बाद हजारों ग्रामीण और किसान हाथों में तख्तियां लेकर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण केंद्र एवं राज्य सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते हुए आगे बढ़े।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2><strong>तख्तियों और नारों से गूंजा क्षेत्र</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">रैली में ग्रामीणों के हाथों में “जल-जंगल-जमीन हमारा है”, “जमीन हमारी—फैसला हमारा”, “ग्राम सभा का निर्णय मानना होगा” और “जल-जंगल-जमीन बचाना है” जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शन के दौरान “जय जोहार”, “जय आदिवासी”, “आदिवासी एकता जिंदाबाद”, “ग्राम सभा जिंदाबाद” और “लड़ेंगे-लड़ेंगे, हक के लिए लड़ेंगे” जैसे नारे लगाए गए। ग्रामीणों ने “जय जोहार का नारा है, भारत देश हमारा है” का उद्घोष करते हुए आदिवासी एकता का संदेश दिया।</p>
<h2><strong>एसडीएम और अपर कलेक्टर को ज्ञापन देने से किया इनकार</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों से ज्ञापन लेने के लिए पहले एसडीएम मौके पर पहुंचे। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे अपनी मांगें और ग्राम सभा के प्रस्ताव सीधे कलेक्टर को सौंपेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद अपर कलेक्टर भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारियों ने उन्हें भी ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगें सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं और ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव भी उन्हीं को सौंपेंगे।</p>
<div style="width: 832px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-350031-3" width="832" height="464" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-1.mp4?_=3" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-1.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-1.mp4</a></video></div>
<h3><strong>कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बात</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">लगातार धरना-प्रदर्शन के बाद कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर चर्चा की।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस दौरान जमीन अधिग्रहण और प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों से संबंधित प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तार से बातचीत हुई।</p>
<h3><strong>सरकारों की ओर से पत्र जारी होने की जानकारी</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">चर्चा के दौरान प्रशासन की ओर से बताया गया कि भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से संबंधित पत्र जारी हुए हैं। इन्हीं पत्रों के आधार पर प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं से प्रस्ताव मांगे गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कलेक्टर ने बताया कि अब आंदोलनकारियों द्वारा सौंपे गए ग्राम सभा के प्रस्तावों में जमीन नहीं देने का निर्णय दर्ज है। इन प्रस्तावों से शासन के उच्च स्तर को अवगत कराया जाएगा।</p>
<div style="width: 832px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-350031-4" width="832" height="464" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.57.56-AM-1.mp4?_=4" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.57.56-AM-1.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.57.56-AM-1.mp4</a></video></div>
<h3><strong>तीन पंचायतों के प्रस्ताव सौंपे</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन के साथ सेमलाया पंचायत, मोटाउमर पंचायत और जुवारी पंचायत की ग्राम सभाओं द्वारा पारित प्रस्ताव भी सौंपे।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन प्रस्तावों में ग्राम सभाओं द्वारा जमीन अधिग्रहण के खिलाफ निर्णय लेने और जमीन नहीं देने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने मांग की कि इन प्रस्तावों को प्रशासनिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाए और ग्राम सभा के निर्णय का सम्मान किया जाए।</p>
<h3><strong>सेना महेश पटेल ने कहा—ग्राम सभा के अधिकारों से समझौता नहीं</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का आधार हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए और ग्रामीणों की सहमति के बिना उनकी जमीन से संबंधित कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधायक ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासन ने स्वयं स्पष्ट किया है कि संबंधित पत्र सरकारों की ओर से जारी हुए हैं और इन्हीं के आधार पर ग्राम सभाओं से प्रस्ताव मांगे गए थे। अब ग्राम सभाओं ने जमीन नहीं देने के प्रस्ताव प्रशासन को सौंप दिए हैं। प्रशासन को इन प्रस्तावों से शासन को अवगत कराना चाहिए।</p>
<div style="width: 832px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-350031-5" width="832" height="464" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-2.mp4?_=5" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-2.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-25-at-4.59.16-AM-2.mp4</a></video></div>
<h3><strong>महेश पटेल बोले—जल, जंगल और जमीन हमारी मां है</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने एकमत होकर अपनी जमीन नहीं देने का निर्णय लिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा, “जल, जंगल और जमीन हमारी मां है। ग्राम सभा के निर्णय और आदिवासी समाज के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। हम अपनी जमीन किसी को नहीं देंगे और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।”</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि आदिवासी क्षेत्रों में जमीन और खनिज से संबंधित किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।</p>
<h3><strong>खाद की समस्या भी बनी प्रमुख मुद्दा</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद वितरण की समस्या को लेकर भी आवाज उठाई। किसानों ने टोकन व्यवस्था समाप्त करने, आधार एवं खसरा नकल के आधार पर आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराने और पर्याप्त मात्रा में खाद की व्यवस्था करने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खाद लेने के लिए किसानों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए और वितरण व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाया जाना चाहिए।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-350039 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-300x169.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 08 25 at 4.59.16 AM 1" width="300" height="169" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-300x169.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-1024x576.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1-768x432.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-25-at-4.59.16-AM-1.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h3><strong>मांगों पर कार्रवाई तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में हजारों ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आवाज बुलंद की।</p>
<p class="isSelectedEnd">हाथों में तख्तियां, नारों और ग्राम सभा के प्रस्तावों के साथ ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जल, जंगल, जमीन, किसान और ग्राम सभा के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p>कलेक्टर द्वारा ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनने और ग्राम सभाओं से प्राप्त “जमीन नहीं देने” के प्रस्तावों से शासन के उच्च स्तर को अवगत कराने की बात कही गई। इसके बाद भी आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
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			</item>
		<item>
		<title>विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल</title>
		<link>https://swarajvani.com/vishw-adivasi-diwas-katni/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 17:02:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Human Rights]]></category>
		<category><![CDATA[Katni Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Katni News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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		<category><![CDATA[Tribal News]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
		<category><![CDATA[World Indigenous Day]]></category>
		<category><![CDATA[अनिल कुमार हल्दकार]]></category>
		<category><![CDATA[आदिवासी अधिकार]]></category>
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		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश समाचार]]></category>
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		<category><![CDATA[सुरेंद्र शर्मा]]></category>
		<category><![CDATA[सेवा कार्यक्रम]]></category>
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					<description><![CDATA[विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल कटनी। विश्व आदिवासी दिवस कटनी के अवसर पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला कटनी ... <a title="विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/vishw-adivasi-diwas-katni/" aria-label="Read more about विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="1nw6234" data-start="558" data-end="642">विश्व आदिवासी दिवस कटनी: 5 प्रेरक संकल्पों के साथ सेवा और जनजागरूकता की शानदार पहल</h1>
<p data-start="644" data-end="960"><strong data-start="644" data-end="653">कटनी।</strong> <strong data-start="654" data-end="681">विश्व आदिवासी दिवस कटनी</strong> के अवसर पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला कटनी द्वारा आदिवासी बच्चों एवं ग्रामीणजनों के बीच सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को चॉकलेट एवं बिस्किट वितरित किए गए और उनके साथ समय बिताकर स्नेह, सहयोग तथा सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।</p>
<p class="" data-start="962" data-end="1211">इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बच्चों और ग्रामीणजनों से संवाद किया तथा उन्हें सामाजिक अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।</p>
<p data-start="1213" data-end="1270"><strong data-start="1213" data-end="1270">रिपोर्टर: नवल किशोर यादव, सिहोरा तहसील मीडिया प्रभारी</strong></p>
<h2 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="163uc0v" data-start="1611" data-end="1651">कटनी में सेवा और जनजागरूकता कार्यक्रम</h2>
<p data-start="1653" data-end="1859"><strong data-start="1653" data-end="1680">विश्व आदिवासी दिवस कटनी</strong> में आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के बीच पहुंचकर सेवा और संवाद का प्रयास किया।</p>
<p data-start="1861" data-end="2042">कार्यक्रम के दौरान बच्चों को चॉकलेट और बिस्किट वितरित किए गए। बच्चों के साथ समय बिताते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके साथ संवाद किया और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।</p>
<p data-start="2044" data-end="2170">संगठन का कहना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और जरूरतमंद वर्गों के बीच सेवा कार्य करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।</p>
<h2 data-section-id="1101wpf" data-start="2172" data-end="2214">बच्चों के साथ बिताया समय, बांटी खुशियां</h2>
<p data-start="2216" data-end="2353">कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने सहभागिता की। बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित करने के साथ उनके साथ आत्मीयता से बातचीत की गई।आयोजकों ने कहा कि <strong data-start="2373" data-end="2400">विश्व आदिवासी दिवस कटनी</strong> जैसे अवसरों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ाना होना चाहिए।संगठन ने इस अवसर को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सम्मान और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता से जोड़ने का संदेश दिया।</p>
<h2 data-section-id="em9j8o" data-start="2624" data-end="2669">राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश</h2>
<p data-start="2671" data-end="2873">भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong data-start="2724" data-end="2751">श्री सुनील सिंह यादव जी</strong> ने विश्व आदिवासी दिवस पर संदेश देते हुए कहा कि आदिवासी समाज देश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और जरूरतमंद वर्गों के बीच सेवा कार्य करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि केवल एक दिन सेवा करने के बजाय निरंतर जनजागरूकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सम्मान और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए कार्य करना ही वास्तविक सेवा है।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करने का आह्वान किया।</p>
<p data-start="2671" data-end="2873"><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-344746" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 08 10 at 9.05.30 PM" width="1080" height="804" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM.jpeg 1080w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM-300x223.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM-1024x762.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.30-PM-768x572.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></a></p>
<h2 data-section-id="bssaas" data-start="3341" data-end="3367">5 प्रमुख सामाजिक संकल्प</h2>
<p data-start="3369" data-end="3491"><strong data-start="3369" data-end="3396">विश्व आदिवासी दिवस कटनी</strong> के अवसर पर संगठन की ओर से विशेष रूप से पांच क्षेत्रों में निरंतर कार्य करने का संदेश दिया गया—</p>
<ul data-start="3493" data-end="3885">
<li data-section-id="qbmncf" data-start="3493" data-end="3555"><strong data-start="3495" data-end="3506">शिक्षा:</strong> बच्चों और युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना।</li>
<li data-section-id="15hclay" data-start="3556" data-end="3633"><strong data-start="3558" data-end="3572">स्वास्थ्य:</strong> ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना।</li>
<li data-section-id="cyuc0x" data-start="3634" data-end="3700"><strong data-start="3636" data-end="3650">नशामुक्ति:</strong> नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना।</li>
<li data-section-id="bm8z55" data-start="3701" data-end="3786"><strong data-start="3703" data-end="3728">बाल एवं महिला अधिकार:</strong> बच्चों के अधिकार और महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाना।</li>
<li data-section-id="q9ak96" data-start="3787" data-end="3885"><strong data-start="3789" data-end="3804">मानवाधिकार:</strong> प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता पैदा करना।</li>
</ul>
<p data-start="3887" data-end="3950">इन विषयों पर निरंतर अभियान चलाने की जरूरत पर संगठन ने जोर दिया।</p>
<h2 data-section-id="9wizrt" data-start="3952" data-end="4003">संगठन के पदाधिकारियों ने जारी किया संयुक्त संदेश</h2>
<p data-start="4005" data-end="4543">भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की <strong data-start="4040" data-end="4092">राष्ट्रीय संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव</strong>, <strong data-start="4094" data-end="4135">राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम कुमार वैध</strong>, <strong data-start="4137" data-end="4172">राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी</strong>, <strong data-start="4174" data-end="4216">राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी</strong>, <strong data-start="4218" data-end="4266">युवा विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्णा यादव</strong>, <strong data-start="4268" data-end="4320">राष्ट्रीय विधिक सलाहकार श्री इंद्रजीत सिंह चौहान</strong>, <strong data-start="4322" data-end="4367">मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे</strong>, <strong data-start="4369" data-end="4433">मध्यप्रदेश प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री जीवनलाल जैन “चाय वाले”</strong>, <strong data-start="4435" data-end="4462">श्री रामवेश सिंह राजावत</strong>, <strong data-start="4464" data-end="4484">श्री मनीष गुप्ता</strong> एवं <strong data-start="4489" data-end="4515">श्री युवराज सिंह राठौर</strong> ने संयुक्त संदेश जारी किया।उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक दिवस मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर है।उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है और उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।</p>
<h2 data-section-id="9i17yj" data-start="4906" data-end="4964">कटनी जिले में सेवा कार्यक्रम को बताया महत्वपूर्ण प्रयास</h2>
<p data-start="4966" data-end="5169">संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा, सहयोग एवं जनजागरूकता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कटनी जिले में आयोजित यह सेवा कार्यक्रम इसी सामाजिक संकल्प का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है।पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, मानवाधिकार एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान के साथ खड़ा होना ही वास्तविक सामाजिक सेवा है।</p>
<h2 data-section-id="9qykyl" data-start="5589" data-end="5645">कार्यक्रम में ये पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित</h2>
<p data-start="5647" data-end="5922">कार्यक्रम में <strong data-start="5661" data-end="5698">सुरेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष कटनी</strong>, <strong data-start="5700" data-end="5735">अनिल कुमार हल्दकार, जिला संयोजक</strong>, <strong data-start="5737" data-end="5751">राहुल काछी</strong>, <strong data-start="5753" data-end="5784">अभिषेक काछी, जिला उपाध्यक्ष</strong>, <strong data-start="5786" data-end="5833">नवल किशोर यादव, सिहोरा तहसील मीडिया प्रभारी</strong>, <strong data-start="5835" data-end="5871">सुनील कुमार सेन, तहसील उपाध्यक्ष</strong> तथा <strong data-start="5876" data-end="5909">मिंटू काछी, कार्यकारिणी सदस्य</strong> उपस्थित रहे।कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए बच्चों एवं ग्रामीणजनों के साथ संवाद किया और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।</p>
<p data-start="5647" data-end="5922"><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-344747" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 08 10 at 9.05.29 PM" width="942" height="1280" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM.jpeg 942w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM-221x300.jpeg 221w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM-754x1024.jpeg 754w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-08-10-at-9.05.29-PM-768x1044.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 942px) 100vw, 942px" /></a></p>
<h2 data-section-id="ggk6g3" data-start="6056" data-end="6100">“जहां जरूरत है, वहां हमारी जिम्मेदारी है”</h2>
<p data-start="6102" data-end="6194"><strong data-start="6102" data-end="6129">विश्व आदिवासी दिवस कटनी</strong> के अवसर पर संगठन की ओर से सेवा और मानवता को लेकर संदेश दिया गया—</p>
<blockquote data-start="6196" data-end="6358">
<p data-start="6198" data-end="6358"><strong data-start="6198" data-end="6358">“जहां जरूरत है, वहां हमारी जिम्मेदारी है;<br data-start="6241" data-end="6244" />जहां पीड़ा है, वहां हमारी संवेदना है;<br data-start="6283" data-end="6286" />और जहां मानवता है, वहीं भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सेवा है।”</strong></p>
</blockquote>
<p data-start="6360" data-end="6473">संगठन ने कहा कि सेवा, जागरूकता, सम्मान और मानवाधिकार को केंद्र में रखकर सामाजिक कार्यों को आगे भी जारी रखा जाएगा।</p>
<p data-start="6475" data-end="6516"><strong data-start="6475" data-end="6516">सेवा • जागरूकता • सम्मान • मानवाधिकार</strong></p>
<p data-start="6518" data-end="6572"><strong data-start="6518" data-end="6572">🙏 सेवा ही मानवता है, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सहरिया समाज ने कर्मचारी संगठनों और नेताओं से की राघोगढ़ में आंदोलन में शामिल होने की अपील</title>
		<link>https://swarajvani.com/sahariya-community-questions-leaders-silence/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 06:36:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Raghogarh News]]></category>
		<category><![CDATA[Sahariya Community Issues]]></category>
		<category><![CDATA[Sahariya Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[social justice movement]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
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					<description><![CDATA[सहरिया समाज ने कर्मचारी संगठनों और नेताओं से की राघोगढ़ में आंदोलन में शामिल होने की अपील स्थान: राघोगढ़ (म.प्र.) रिपोर्टर  : हेमराज सहरिया अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर समाज ... <a title="सहरिया समाज ने कर्मचारी संगठनों और नेताओं से की राघोगढ़ में आंदोलन में शामिल होने की अपील" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sahariya-community-questions-leaders-silence/" aria-label="Read more about सहरिया समाज ने कर्मचारी संगठनों और नेताओं से की राघोगढ़ में आंदोलन में शामिल होने की अपील">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>सहरिया समाज ने कर्मचारी संगठनों और नेताओं से की राघोगढ़ में आंदोलन में शामिल होने की अपील</strong></h1>
<p><strong>स्थान: राघोगढ़ (म.प्र.)</strong><br />
<strong><em>रिपोर्टर </em> : <em>हेमराज सहरिया</em></strong></p>
<h2><strong>अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर समाज में नाराजगी, 3 अगस्त को राघोगढ़ में प्रदर्शन का आह्वान</strong></h2>
<p><strong>राघोगढ़।</strong> सहरिया समाज के अधिकारों, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने सहरिया कर्मचारी संगठनों और सामाजिक नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सहरिया समाज संघर्ष मोर्चा एवं जागरूक नागरिकों की ओर से जारी प्रेस वक्तव्य में कहा गया है कि समाज की समस्याओं को लेकर केवल मंचों पर चर्चा करने के बजाय धरातल पर संघर्ष और भागीदारी की आवश्यकता है।</p>
<p>समाज के प्रतिनिधियों ने आगामी <strong>3 अगस्त को राघोगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम</strong> में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर यह स्पष्ट होगा कि समाज के हितों के लिए आवाज उठाने वाले लोग वास्तव में कितनी सक्रियता से साथ खड़े होते हैं।</p>
<h2><strong>शिक्षा और सुविधाओं के मुद्दे पर उठाए सवाल</strong></h2>
<p>जारी बयान में कहा गया कि सहरिया समाज में शिक्षा, रोजगार, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि कई लोग इन मुद्दों पर सार्वजनिक मंचों से अपनी बात रखते हैं, लेकिन जब समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन या संघर्ष की आवश्यकता होती है तो उनकी सक्रियता दिखाई नहीं देती।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज से जुड़े पढ़े-लिखे वर्ग और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे समुदाय के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं।</p>
<h2><strong>कर्मचारी संगठनों से सक्रिय भूमिका निभाने की मांग</strong></h2>
<p>प्रेस वक्तव्य में सहरिया कर्मचारी संगठनों से अपील की गई है कि वे समाज की समस्याओं को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट करें। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि संगठन समाज की शिक्षा, सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी मुद्दों के लिए प्रभावी प्रयास नहीं कर सकते, तो उन्हें अपनी कार्यप्रणाली पर विचार करना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने समाज के नाम पर चलने वाले संगठनों से पारदर्शिता और जवाबदेही की भी मांग की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-341310 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2-300x226.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 07 31 at 8.48.39 PM 2" width="300" height="226" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2-300x226.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2-1024x771.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2-768x578.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2-1536x1156.jpeg 1536w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Image-2026-07-31-at-8.48.39-PM-2.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><strong>3 अगस्त को राघोगढ़ में भागीदारी की अपील</strong></h2>
<p>सहरिया समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगामी <strong>3 अगस्त को राघोगढ़ में आयोजित होने वाला कार्यक्रम</strong> समाज की एकजुटता, जागरूकता और सामूहिक भागीदारी को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण अवसर होगा। उनके अनुसार इस कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट होगा कि समाज के अधिकारों, विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कौन लोग वास्तव में सक्रिय रूप से आगे आते हैं और जमीनी स्तर पर सहयोग करते हैं।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल बैठकों, भाषणों और आश्वासनों तक सीमित रहने से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।</p>
<p>उन्होंने युवाओं, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे समाज हित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रतिनिधियों का कहना है कि एकजुट प्रयासों के माध्यम से ही सहरिया समाज के लोगों को उनके अधिकार और बेहतर सुविधाएं दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>समाज हित में संघर्ष का आह्वान</strong></h2>
<p>सहरिया समाज संघर्ष मोर्चा और जागरूक नागरिकों ने समाज के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों से एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।</p>
<p>समाज के प्रतिनिधियों ने युवाओं, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समाज हित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देते हुए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आपसी सहयोग के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समाज के अधिकारों और विकास के लिए चल रहे प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने और रचनात्मक प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।</p>
<p>यह वक्तव्य सहरिया समाज संघर्ष मोर्चा एवं जागरूक नागरिकों की ओर से जारी किया गया, जिसमें हेमराज सहरिया सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधि शामिल रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मनावर : नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन</title>
		<link>https://swarajvani.com/jays-submits-memorandum-to-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 07:21:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Manawar]]></category>
		<category><![CDATA[Adivasi Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Hiralal Alawa]]></category>
		<category><![CDATA[Jai Adivasi Yuva Shakti]]></category>
		<category><![CDATA[Manawar MLA]]></category>
		<category><![CDATA[Manawar News]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
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					<description><![CDATA[नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन संवाददाता : कौशिक पण्डित कुशाग्र समाचार सेवा मनावर जिला धार मध्य ... <a title="मनावर : नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jays-submits-memorandum-to-chief-minister/" aria-label="Read more about मनावर : नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1>नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन</h1>
<p><em><strong>संवाददाता :</strong> <strong>कौशिक पण्डित कुशाग्र समाचार सेवा मनावर जिला धार मध्य प्रदेश</strong></em></p>
<p>नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन</p>
<p>मनावर (धार)। मनावर विधायक एवं जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन  के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने धार जिले की मनावर तहसील में नर्मदा नदी में हो रहे संगठित अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तीन पृष्ठों का विस्तृत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में अवैध खनन से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान, पर्यावरणीय क्षति तथा प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख करते हुए उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।</p>
<p>डॉ. अलावा ने कहा कि मनावर क्षेत्र में लंबे समय से जेसीबी, पोकलेन और हाइवा जैसे भारी वाहनों के माध्यम से अवैध रेत खनन किया जा रहा है। इससे नर्मदा नदी की प्राकृतिक संरचना, जल प्रवाह और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की निष्क्रियता के कारण अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-335798 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/Capture-326-300x132.jpg" alt="Capture 326" width="300" height="132" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/Capture-326-300x132.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/Capture-326-1024x451.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/Capture-326-768x338.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/Capture-326.jpg 1532w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48ए और 51ए(ग), खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, ईआईए अधिसूचना-2006 तथा सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइंस-2016 और 2020 का हवाला देते हुए अवैध खनन को कानून और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए पर्यावरणीय स्वीकृति और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।</p>
<p>डॉ. अलावा ने ज्ञापन में पूरे मामले की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) अथवा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कराने, अवैध खनन में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने, नर्मदा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी, जीपीएस आधारित परिवहन व्यवस्था तथा संयुक्त पुलिस-खनिज जांच चौकियां स्थापित करने की मांग की है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना शासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण और कानून के शासन पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Jhabua News 11वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब: आदिवासी जननायक दिलीप सिंह भूरिया को दी भावभीनी श्रद्धांजलि</title>
		<link>https://swarajvani.com/dilip-singh-bhuria-11vi-punyatithi-jhabua/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:08:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jhabua]]></category>
		<category><![CDATA[Dilip Singh Bhuria]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua News]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Bhuria]]></category>
		<category><![CDATA[PESA Act]]></category>
		<category><![CDATA[Swaraj Vani News.]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Leader]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
		<category><![CDATA[आदिवासी समाज]]></category>
		<category><![CDATA[झाबुआ न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[झाबुआ समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[दिलीप सिंह भूरिया]]></category>
		<category><![CDATA[दिलीप सिंह भूरिया पुण्यतिथि]]></category>
		<category><![CDATA[निर्मला भूरिया]]></category>
		<category><![CDATA[पेसा एक्ट जनक]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा झाबुआ]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[दिलीप सिंह भूरिया 11वीं पुण्यतिथि पर Jhabua में हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। आदिवासी परंपरा से पूजन, 30 मीटर साफा बांधकर स्व. दिलीप सिंह भूरिया को याद किया गया। ... <a title="Jhabua News 11वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब: आदिवासी जननायक दिलीप सिंह भूरिया को दी भावभीनी श्रद्धांजलि" class="read-more" href="https://swarajvani.com/dilip-singh-bhuria-11vi-punyatithi-jhabua/" aria-label="Read more about Jhabua News 11वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब: आदिवासी जननायक दिलीप सिंह भूरिया को दी भावभीनी श्रद्धांजलि">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिलीप सिंह भूरिया 11वीं पुण्यतिथि पर Jhabua में हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। आदिवासी परंपरा से पूजन, 30 मीटर साफा बांधकर स्व. दिलीप सिंह भूरिया को याद किया गया। कार्यक्रम में मंत्री निर्मला भूरिया सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="aqmfa4" data-start="642" data-end="731">दिलीप सिंह भूरिया 11वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, आदिवासी परंपरा से दी गई श्रद्धांजलि</h1>
<p data-start="733" data-end="764"><strong data-start="733" data-end="764">Jhabua प्रतिनिधि : मनीष कुमट</strong></p>
<h2 data-section-id="6olyr5" data-start="1045" data-end="1124">दिलीप सिंह भूरिया 11वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब</h2>
<p data-start="1126" data-end="1536"><strong data-start="1126" data-end="1163">दिलीप सिंह भूरिया 11वीं पुण्यतिथि</strong> के अवसर पर बुधवार को Jhabuaमें आदिवासी समाज के कद्दावर नेता एवं पेसा एक्ट के जनक स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनकी प्रतिमा स्थल पर सुबह से ही हजारों अनुयायियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों का तांता लगा रहा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर आदिवासी समाज के इस महान जननायक को नमन किया।कार्यक्रम स्थल पर पूरे दिन श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धांजलि सभा के दौरान लोगों ने स्वर्गीय भूरिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था।</p>
<h2 data-section-id="1ydnn9r" data-start="1795" data-end="1830">आदिवासी परंपरा से हुआ पूजन-अर्चन</h2>
<p data-start="1832" data-end="2082">स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया की 11वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार के सदस्यों ने आदिवासी संस्कृति और परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा पर विशेष रूप से <strong data-start="2015" data-end="2036">30 मीटर लंबा साफा</strong> बांधा गया, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान &#8220;जब तक सूरज चांद रहेगा, भूरिया जी का नाम रहेगा&#8221; जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<h2 data-section-id="1gjkd2l" data-start="2280" data-end="2340">निर्मला भूरिया ने कहा- महान व्यक्तित्व कभी विदा नहीं होते</h2>
<p data-start="2342" data-end="2522">प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री एवं स्व. दिलीप सिंह भूरिया की पुत्री <strong data-start="2410" data-end="2451"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">निर्मला भूरिया</span></span></strong> भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुईं।उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्व कभी विदा नहीं होते, बल्कि अपने विचारों, कार्यों और प्रेरणाओं के माध्यम से सदैव समाज के बीच जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए जीवनभर संघर्ष किया और समाज को नई दिशा प्रदान की।निर्मला भूरिया ने कहा कि पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष के रूप में स्व. दिलीप सिंह भूरिया ने आदिवासी हितों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पेसा एक्ट के माध्यम से उन्होंने आदिवासी समाज को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया।</p>
<h2 data-section-id="3bpquq" data-start="3082" data-end="3124">नेताओं ने याद किए स्व. भूरिया के योगदान</h2>
<p data-start="3126" data-end="3328">भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह भूरिया आदिवासी समाज की बुलंद आवाज थे। उन्होंने अपने संघर्षों और कार्यों के माध्यम से समाज के अधिकारों की रक्षा की और आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाया।वरिष्ठ आदिवासी नेता श्यामा ताहेड़ ने कहा कि स्व. भूरिया ने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों और विरोधों का सामना किया, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे अंतिम समय तक आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे।</p>
<h2 data-section-id="dtra5o" data-start="3558" data-end="3600">पेसा एक्ट और आदिवासी अधिकारों की विरासत</h2>
<h3 data-section-id="gzpg17" data-start="3602" data-end="3644">पेसा एक्ट के जनक के रूप में मिली पहचान</h3>
<p data-start="3646" data-end="3857">स्वर्गीय <strong data-start="3655" data-end="3696"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">दिलीप सिंह भूरिया</span></span></strong> को देशभर में पेसा एक्ट के जनक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए।उनके प्रयासों का परिणाम था कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिले और स्थानीय संसाधनों पर समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित हुई। यही कारण है कि आज भी आदिवासी समाज उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानता है।</p>
<h2 data-section-id="1v0cn6e" data-start="4075" data-end="4123">बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि एवं नागरिक</h2>
<p data-start="4125" data-end="4332">श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कलसिंह भाबर, पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर, रमेश सोलंकी, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि बिट्टू सिंगार सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लेकर स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा और लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।</p>
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		<title>Ken-Betwa Link Project और Runjh-Majhguwa Dam आदिवासियों का उग्र विरोध, 12वें दिन भी आंदोलन जारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/tribal-protest-intensifies-over-ken-betwa-project/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 12:39:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Chhatarpur News]]></category>
		<category><![CDATA[KeN-Betwa Link Project]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh protest]]></category>
		<category><![CDATA[Panna district]]></category>
		<category><![CDATA[Runjh Majhguwa Dam]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights]]></category>
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					<description><![CDATA[Ken-Betwa Link Project और Runjh-Majhguwa Dam Protest: मध्यप्रदेश में आदिवासी आंदोलन का विस्तृत विवरण मध्यप्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में इन दिनों Ken-Betwa लिंक परियोजना और Runjh-Majhguwa Dam को ... <a title="Ken-Betwa Link Project और Runjh-Majhguwa Dam आदिवासियों का उग्र विरोध, 12वें दिन भी आंदोलन जारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/tribal-protest-intensifies-over-ken-betwa-project/" aria-label="Read more about Ken-Betwa Link Project और Runjh-Majhguwa Dam आदिवासियों का उग्र विरोध, 12वें दिन भी आंदोलन जारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<section class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto [content-visibility:auto] supports-[content-visibility:auto]:[contain-intrinsic-size:auto_100lvh] R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(--thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:9ff04faa-1703-45d2-ab7d-2f4203333542-0" data-testid="conversation-turn-2" data-scroll-anchor="false" data-turn="assistant">
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<h1 data-start="0" data-end="104"><strong data-start="0" data-end="104">Ken-Betwa Link Project और Runjh-Majhguwa Dam Protest: मध्यप्रदेश में आदिवासी आंदोलन का विस्तृत विवरण</strong></h1>
<p data-start="106" data-end="441">मध्यप्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में इन दिनों Ken-Betwa लिंक परियोजना और Runjh-Majhguwa Dam को लेकर आदिवासी समुदायों और स्थानीय किसानों के बीच गहरा असंतोष और विरोध देखने को मिल रहा है। यह विवाद केवल एक विकास परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जमीन, जंगल, आजीविका, पुनर्वास और पर्यावरणीय न्याय जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ गया है।</p>
<p data-start="443" data-end="864">16 अप्रैल 2026 को छतरपुर जिले में ढोडन बांध क्षेत्र के पास सैकड़ों आदिवासी पुरुषों और महिलाओं ने अपना विरोध तेज करते हुए एक अनोखे और प्रतीकात्मक आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन को “पंचतत्व और चिता आंदोलन” नाम दिया गया, जिसमें प्रदर्शनकारी जल, मिट्टी, आकाश और वायु जैसे प्राकृतिक तत्वों को प्रतीक मानकर विरोध दर्ज करा रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारी पानी में खड़े होकर विरोध करते नजर आए, जो उनके आक्रोश और असंतोष का प्रतीक बन गया।</p>
<h2 data-section-id="zzhetp" data-start="866" data-end="889"><strong>आंदोलन की पृष्ठभूमि</strong></h2>
<p data-start="891" data-end="1231">केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत सरकार की एक बड़ी नदी जोड़ो परियोजना है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करना बताया जाता है। इसके तहत केन नदी के पानी को बेतवा नदी से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना के अंतर्गत कई बांधों और जलाशयों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें रनझ-मझगुवा और अन्य क्षेत्रों में डूब प्रभावित गांव शामिल हैं।</p>
<p data-start="1233" data-end="1472">स्थानीय आदिवासी समुदायों का कहना है कि इस परियोजना के कारण उनके पारंपरिक जंगल, कृषि भूमि और घर प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और कई परिवारों को पर्याप्त या उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।</p>
<p data-start="1474" data-end="1665">आदिवासियों के अनुसार, वे पीढ़ियों से इन जंगलों और जमीनों पर निर्भर रहे हैं, जहां से उन्हें भोजन, जल, लकड़ी और आजीविका मिलती रही है। ऐसे में विस्थापन उनके अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन गया है।</p>
<h3 data-section-id="13wbafo" data-start="1667" data-end="1714"><strong>विरोध का उग्र रूप और प्रशासन की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p data-start="1716" data-end="1941">आंदोलन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में आकर कथित रूप से बंदूक उठाने और “नक्सली बनने” जैसी धमकी दी। यह बयान मीडिया रिपोर्टों में सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।</p>
<p data-start="1943" data-end="2145">स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत आंदोलन स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया।</p>
<p data-start="2147" data-end="2396">प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को यह भरोसा दिलाया कि अगले 7 दिनों के भीतर गांव-गांव जाकर सर्वे किया जाएगा ताकि वास्तविक स्थिति और प्रभावित परिवारों की संख्या का आकलन हो सके। इसके साथ ही 10 दिनों के भीतर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का वादा किया गया।</p>
<p data-start="2398" data-end="2507">इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शनकारियों ने अस्थायी रूप से आंदोलन को 25 अप्रैल 2026 तक स्थगित करने का निर्णय लिया।</p>
<h3 data-section-id="175rrxe" data-start="2509" data-end="2553"><strong>आदिवासी महिलाओं की भावनात्मक प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p data-start="2555" data-end="2758">इस आंदोलन में आदिवासी महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। एक महिला प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उनके जंगल, जमीन और घर छीने जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन संकट में है।</p>
<p data-start="2760" data-end="2995">उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि यदि उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो वे और अधिक उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो सकती हैं। उनके बयान में यह भी कहा गया कि वे अपने अधिकारों के लिए “दुर्गा और काली की तरह उग्र” रूप धारण कर सकती हैं।</p>
<p data-start="2997" data-end="3147">यह बयान सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि इसमें आक्रोश और सांस्कृतिक प्रतीकों का उपयोग करके अपने संघर्ष को व्यक्त किया गया था।</p>
<h3 data-section-id="pqux9a" data-start="3149" data-end="3188"><strong>प्रशासनिक बैठक और समाधान की कोशिशें</strong></h3>
<p data-start="3190" data-end="3381">आंदोलन को शांत करने के लिए जिला प्रशासन ने आदिवासी प्रतिनिधियों और किसानों के साथ एक विस्तृत बैठक की। इस बैठक में मुआवजे, पुनर्वास नीति और प्रभावित क्षेत्रों के सर्वेक्षण को लेकर चर्चा की गई।</p>
<p data-start="3383" data-end="3628">अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि कुछ क्षेत्रों में मुआवजे और पुनर्वास से संबंधित विसंगतियां सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा और हर प्रभावित परिवार का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।</p>
<p data-start="3630" data-end="3749">एसडीएम स्तर के अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई कि वे मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और रिपोर्ट तैयार करें।</p>
<h3 data-section-id="1qtypxu" data-start="3751" data-end="3779"><strong>आंदोलन का वर्तमान स्वरूप</strong></h3>
<p data-start="3781" data-end="3937">हालांकि प्रशासन के आश्वासनों के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।</p>
<p data-start="3939" data-end="4140">आंदोलन के प्रमुख अमित भटनागर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर कोई ठोस और व्यावहारिक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।</p>
<p data-start="4142" data-end="4275">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल विरोध नहीं है, बल्कि अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>
<h3 data-section-id="1addgl2" data-start="4277" data-end="4314"><strong>डूब क्षेत्र और पुनर्वास की समस्या</strong></h3>
<p data-start="4316" data-end="4519">इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा डूब क्षेत्र से जुड़े पुनर्वास और मुआवजे का है। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह उनकी जमीन और आजीविका के वास्तविक मूल्य से काफी कम है।</p>
<p data-start="4521" data-end="4739">कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अभी तक पुनर्वास स्थल भी नहीं दिया गया है, और जो स्थान प्रस्तावित हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। स्कूल, अस्पताल, सड़क और पानी जैसी सुविधाओं का अभाव लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।</p>
<h3 data-section-id="w9uotv" data-start="4741" data-end="4771"><strong>पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव</strong></h3>
<p data-start="4773" data-end="4993">विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बड़ी जल परियोजनाओं का पर्यावरणीय प्रभाव भी गंभीर हो सकता है। जंगलों की कटाई, जैव विविधता का नुकसान और स्थानीय जल प्रणाली में बदलाव जैसे मुद्दे लंबे समय में गंभीर परिणाम ला सकते हैं।</p>
<p data-start="4995" data-end="5241">इसके अलावा, आदिवासी समुदायों के विस्थापन से उनकी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संरचना पर भी असर पड़ता है। कई सामाजिक कार्यकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि विकास की इस प्रक्रिया में क्या स्थानीय समुदायों की आवाज को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है या नहीं।</p>
<h3 data-section-id="12j11ri" data-start="5243" data-end="5278"><strong>राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता</strong></h3>
<p data-start="5280" data-end="5502">यह आंदोलन अब केवल स्थानीय स्तर का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है। विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि वह पारदर्शिता के साथ इस परियोजना की समीक्षा करे।</p>
<p data-start="5504" data-end="5617">कई लोगों का मानना है कि विकास और विस्थापन के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है, ताकि किसी एक वर्ग पर अत्यधिक बोझ न पड़े।</p>
<h3 data-section-id="10qxtp0" data-start="5619" data-end="5631"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="5633" data-end="5917">केन-बेतवा लिंक परियोजना और रुंझ-मझगुवा डैम को लेकर चल रहा यह आंदोलन मध्यप्रदेश में विकास बनाम विस्थापन की बहस को एक बार फिर सामने ला रहा है। एक ओर सरकार इसे क्षेत्रीय जल संकट के समाधान के रूप में देख रही है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित आदिवासी समुदाय इसे अपने अस्तित्व पर खतरा मान रहे हैं।</p>
<p data-start="5919" data-end="6137" data-is-last-node="" data-is-only-node="">अभी स्थिति अस्थायी रूप से शांत है, लेकिन अगले 10 दिनों में प्रशासन की कार्रवाई इस आंदोलन की दिशा तय करेगी। यदि मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तो यह संघर्ष फिर से तेज हो सकता है और एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।</p>
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		<title>BJP पर Rahul Gadhi की कड़ी प्रतिक्रिया, आदिवासी इलाकों में अन्याय का आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Jan 2026 10:44:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Rahul Ghandhi]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
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		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[Rahul Gadhi का भाजपा पर वार: आदिवासियों को मिला जहर, नेताओं में अहंकार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता Rahul Gadhi ने मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ... <a title="BJP पर Rahul Gadhi की कड़ी प्रतिक्रिया, आदिवासी इलाकों में अन्याय का आरोप" class="read-more" href="https://swarajvani.com/rahul-gandhi-hits-out-at-bjp-over-tribal-neglect/" aria-label="Read more about BJP पर Rahul Gadhi की कड़ी प्रतिक्रिया, आदिवासी इलाकों में अन्याय का आरोप">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="150" data-end="222"><strong>Rahul Gadhi का भाजपा पर वार: आदिवासियों को मिला जहर, नेताओं में अहंकार</strong></h1>
<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता Rahul Gadhi ने मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आदिवासियों के साथ अन्याय किया है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा है। राहुल गांधी ने कहा कि राज्य में सत्ता का अहंकार इतना बढ़ गया है कि लोग जनप्रतिनिधियों को इंसान के रूप में नहीं बल्कि सत्ता के उपकरण के रूप में देखते हैं। उनका यह हमला विशेष रूप से उन घटनाओं और कांडों पर केंद्रित था, जिन्होंने आदिवासी समुदाय और गरीब जनता की संवेदनशीलता को झकझोर दिया।</p>
<h2><strong>पानी की जगह जहर</strong></h2>
<p>Rahul Gadhi ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों को राज्य में ऐसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है जहां उन्हें साफ पानी मिलना चाहिए था, लेकिन उनके लिए जो दिया गया वह जहर के समान था। उनका इशारा मध्य प्रदेश में कई इलाकों में दूषित जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की ओर था। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, दूषित पानी और पर्याप्त स्वास्थ्य केंद्रों की अनुपस्थिति आदिवासी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल प्रशासनिक असफलता नहीं है, बल्कि सत्ता के अहंकार का प्रत्यक्ष प्रमाण है, क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करने के बजाय राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाते हैं।</p>
<figure id="attachment_299937" aria-describedby="caption-attachment-299937" style="width: 395px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-299937" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/navjivanindia_2024-07_a9a636f9-a084-47a0-a975-a3eba9d4bb4c_Rahul-Gandhi-300x169.webp" alt="Rahul Gandhi Hits Out at Madhya Pradesh BJP Over Tribal Neglect" width="405" height="228" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/navjivanindia_2024-07_a9a636f9-a084-47a0-a975-a3eba9d4bb4c_Rahul-Gandhi-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/navjivanindia_2024-07_a9a636f9-a084-47a0-a975-a3eba9d4bb4c_Rahul-Gandhi-1024x576.webp 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/navjivanindia_2024-07_a9a636f9-a084-47a0-a975-a3eba9d4bb4c_Rahul-Gandhi-768x432.webp 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/navjivanindia_2024-07_a9a636f9-a084-47a0-a975-a3eba9d4bb4c_Rahul-Gandhi.webp 1065w" sizes="auto, (max-width: 405px) 100vw, 405px" /><figcaption id="caption-attachment-299937" class="wp-caption-text">Rahul Gandhi Hits Out at Madhya Pradesh BJP Over Tribal Neglect</figcaption></figure>
<h3><strong>सीधी पेशाब कांड का जिक्र</strong></h3>
<p>Rahul Gadhi ने मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सीधी पेशाब कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक भाजपा नेता द्वारा आदिवासी युवक पर की गई यह शर्मनाक घटना न केवल पूरे देश को शर्मसार कर देती है, बल्कि यह दिखाती है कि सत्ता में बैठे लोगों में अहंकार और संवेदनहीनता का स्तर कितना ऊँचा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया,<br />
“भाजपा के नेताओं में इतना अहंकार आ गया है कि वे आदिवासियों को इंसान नहीं समझते। सीधी में जो हुआ, वह इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।”<br />
उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएँ समाज में असमानता और अत्याचार की मानसिकता को उजागर करती हैं और यह दर्शाती हैं कि सत्ता के संरक्षण में जिम्मेदार लोग कानून और न्याय की सीमा तक भी नहीं सोचते।</p>
<p><strong>Read Also : <a href="https://swarajvani.com/experiencing-the-mohan-model-in-mp-">मुख्यमंत्री यादव का ‘Mohan Model ’: सुशासन, संवेदना और महिला सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश का उदाहरण</a></strong></p>
<h4><strong>आदिवासियों के अधिकारों की बात</strong></h4>
<p>Rahul Gadhi ने आदिवासियों के अधिकारों पर भी जोर दिया और कहा कि कांग्रेस हमेशा आदिवासियों को उनके अधिकारों के साथ सम्मान देती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल मालिक हैं और उनका भूमि, जंगल और संसाधनों पर अधिकार है। वहीं भाजपा सरकार उन्हें केवल ‘वनवासी’ कहती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनका देश और संसाधनों पर कोई अधिकार नहीं है। राहुल गांधी ने इसे केवल शब्दों का अंतर नहीं बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि इससे नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं में भी आदिवासियों की हिस्सेदारी पर असर पड़ता है।</p>
<h5><strong>भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर आरोप</strong></h5>
<p>Rahul Gadhi ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने व्यापमं घोटाले और पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन भाजपा सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल नौकरियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और कौशल विकास में भी भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रभाव देखने को मिलता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस सरकार को जिम्मेदार ठहराएं और ऐसी सरकार का गठन करें जो युवाओं और आदिवासियों के अधिकारों और हितों की रक्षा करे।</p>
<h6><strong>स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता</strong></h6>
<p>कांग्रेस नेता ने राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है और स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप गरीब और आदिवासी समुदाय का जीवन कठिनाईपूर्ण और असुरक्षित बन गया है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों को अपने उद्योगपति मित्रों को बेच दिया, जिससे आम जनता और गरीबों का नुकसान हुआ। उनका कहना था कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में सरकारी उपक्रमों की निजीकरण की नीति सीधे तौर पर गरीब और कमजोर वर्ग के हितों के खिलाफ है।</p>
<pre><strong>जनता से अपील और आगामी रणनीति</strong></pre>
<p>Rahul Gadhi ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता को अब इस अहंकारी और संवेदनहीन सरकार को बदलने का समय आ गया है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस सरकार को उखाड़ फेंकें और कांग्रेस की सरकार को सत्ता में लाएं, जो सभी वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता के अहंकार और प्रशासनिक असफलता का परिणाम केवल आदिवासियों और गरीबों पर ही नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>Rahul Gadhi के इस भाषण ने मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार की नीति और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उजागर करते हुए आदिवासियों और गरीब जनता की दुर्दशा को प्रमुखता से बताया। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं में अहंकार इतना बढ़ गया है कि वे जनता की वास्तविक समस्याओं को समझने में असफल हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार हमेशा आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।</p>
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