नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाददाता : कौशिक पण्डित कुशाग्र समाचार सेवा मनावर जिला धार मध्य प्रदेश
नर्मदा में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
मनावर (धार)। मनावर विधायक एवं जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने धार जिले की मनावर तहसील में नर्मदा नदी में हो रहे संगठित अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तीन पृष्ठों का विस्तृत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में अवैध खनन से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान, पर्यावरणीय क्षति तथा प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख करते हुए उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
डॉ. अलावा ने कहा कि मनावर क्षेत्र में लंबे समय से जेसीबी, पोकलेन और हाइवा जैसे भारी वाहनों के माध्यम से अवैध रेत खनन किया जा रहा है। इससे नर्मदा नदी की प्राकृतिक संरचना, जल प्रवाह और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की निष्क्रियता के कारण अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं।

ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48ए और 51ए(ग), खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, ईआईए अधिसूचना-2006 तथा सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइंस-2016 और 2020 का हवाला देते हुए अवैध खनन को कानून और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए पर्यावरणीय स्वीकृति और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
डॉ. अलावा ने ज्ञापन में पूरे मामले की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) अथवा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कराने, अवैध खनन में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने, नर्मदा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी, जीपीएस आधारित परिवहन व्यवस्था तथा संयुक्त पुलिस-खनिज जांच चौकियां स्थापित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना शासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण और कानून के शासन पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
