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	<title>Pune News &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Pune News &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस पर पुणे में रचा गया इतिहास: पंडित फार्म, कोथरूड में हजारों श्रावकों ने एक स्वर में किया भक्तामर अनुष्ठान</title>
		<link>https://swarajvani.com/pune-on-international-bhaktamar-day-under-acharya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 12:19:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharastra]]></category>
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					<description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस पर पुणे में रचा गया इतिहास: पंडित फार्म, कोथरूड में हजारों श्रावकों ने एक स्वर में किया भक्तामर अनुष्ठान डॉ. आचार्य श्री 108 प्रणाम सागर जी महाराज ... <a title="अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस पर पुणे में रचा गया इतिहास: पंडित फार्म, कोथरूड में हजारों श्रावकों ने एक स्वर में किया भक्तामर अनुष्ठान" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pune-on-international-bhaktamar-day-under-acharya/" aria-label="Read more about अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस पर पुणे में रचा गया इतिहास: पंडित फार्म, कोथरूड में हजारों श्रावकों ने एक स्वर में किया भक्तामर अनुष्ठान">Read more</a>]]></description>
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<p dir="ltr"><strong>डॉ. आचार्य श्री 108 प्रणाम सागर जी महाराज के सान्निध्य में भक्ति, साधना और संस्कार का अद्भुत संगम </strong></p>
<p dir="ltr"><strong>पुणे, 9 अक्टूबर।</strong> अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस के अवसर पर धर्मनगरी पुणे में पंडित फार्म, कोथरूड में एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। विश्व संत, भक्तामर वाले बाबा, डॉ. आचार्य श्री 108 प्रणाम सागर जी महाराज के सान्निध्य में हजारों जैन श्रावक-श्राविकाओं ने एक साथ, एक स्वर में भक्तामर अनुष्ठान कर भक्ति, आस्था और सामूहिक साधना की अनूठी मिसाल पेश की। यह जानकारी प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने दी।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>9 अक्टूबर, 9 मिनट, 9 सेकंड: भक्ति का ऐतिहासिक संकल्प</strong></h3>
<p dir="ltr">आयोजन का सबसे खास क्षण वह रहा, जब 9 अक्टूबर को निर्धारित 9 मिनट 9 सेकंड के समय पर हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ भक्तामर अनुष्ठान किया। पूरा वातावरण भक्तामर के पवित्र मंत्रों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की एकाग्रता, सामूहिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।</p>
<p dir="ltr">यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भक्तामर स्तोत्र के प्रति श्रद्धा, आत्मविश्वास, संस्कार और आध्यात्मिक जागरण का सामूहिक उद्घोष था।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>आचार्य श्री का संदेश: साधक के जीवन में परिवर्तन की प्रेरणा</strong></h3>
<p dir="ltr">इस अवसर पर आचार्य श्री प्रणाम सागर जी महाराज ने एक प्रेरक उदाहरण के माध्यम से भक्तामर की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि जब कोई संत किसी पाषाण पर मंत्रों का न्यास और अंकन करता है, तो वही पाषाण परमात्मा की प्रतिमा के रूप में प्रतिष्ठित होने की दिशा में आगे बढ़ता है।</p>
<p dir="ltr">इसी तरह, जब कोई संत उपवास, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के साथ भक्तों को भक्तामर के विशेष काव्यों, मंत्रों और संस्कारों का ज्ञान देता है, तो वह साधक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागृति का आधार बन सकता है।</p>
<p dir="ltr">आचार्य श्री के संदेश का मूल भाव यही था कि सच्ची साधना केवल मंत्रोच्चार तक सीमित नहीं होती, वह जीवन में संस्कार, अनुशासन, श्रद्धा और आत्मकल्याण की भावना जगाती है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>भक्तामर साधना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास</strong></h3>
<p dir="ltr">आचार्य श्री के मार्गदर्शन में भक्तामर को केवल पाठ तक सीमित न रखते हुए आध्यात्मिक जागरण, संस्कार निर्माण और आत्मकल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">पंडित फार्म, कोथरूड में आयोजित भक्तामर भक्त कल्याण महोत्सव ने भक्तामर साधना के प्रति समाज की सामूहिक आस्था और सहभागिता को नया आयाम दिया। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और एक साथ अनुष्ठान में भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष पहचान दी।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति</strong></h3>
<p dir="ltr">आयोजन में राज्यसभा से जुड़े ललित गांधी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जैन श्रावक और समाज के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और बढ़ाई।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>लंबे समय तक याद रहेगा यह आयोजन</strong></h3>
<p dir="ltr">सामूहिक भक्तामर साधना, आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक एकता के लिए यह महोत्सव लंबे समय तक याद किया जाएगा। 9 अक्टूबर, 9 मिनट और 9 सेकंड का यह आध्यात्मिक संकल्प श्रद्धालुओं के लिए केवल एक आयोजन की स्मृति नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनकर उभरा है।</p>
<p dir="ltr">पुणे की पावन धरा पर भक्तामर के मंत्रों से गूंजते इस वातावरण ने संदेश दिया कि जब श्रद्धा को साधना का साथ मिलता है, ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ते हैं और समाज एक स्वर में धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तब ऐसे आयोजन जनमानस पर अमिट छाप छोड़ते हैं।</p>
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		<title>Nitin Gadkari: पुणे में एक ही पिलर पर बनेंगे कई स्तर के फ्लाईओवर, सबसे ऊपर दौड़ेगी मेट्रो</title>
		<link>https://swarajvani.com/pune-to-get-multi-level-roads-on-single-pillars-with-metro-on-top-nitin/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 08:34:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharastra]]></category>
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					<description><![CDATA[Nitin Gadkari: पुणे में एक ही पिलर पर बनेंगे कई स्तर के फ्लाईओवर, सबसे ऊपर दौड़ेगी मेट्रो ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, मलेशिया की तकनीक ... <a title="Nitin Gadkari: पुणे में एक ही पिलर पर बनेंगे कई स्तर के फ्लाईओवर, सबसे ऊपर दौड़ेगी मेट्रो" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pune-to-get-multi-level-roads-on-single-pillars-with-metro-on-top-nitin/" aria-label="Read more about Nitin Gadkari: पुणे में एक ही पिलर पर बनेंगे कई स्तर के फ्लाईओवर, सबसे ऊपर दौड़ेगी मेट्रो">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Nitin Gadkari: पुणे में एक ही पिलर पर बनेंगे कई स्तर के फ्लाईओवर, सबसे ऊपर दौड़ेगी मेट्रो</strong></h1>
<h2><strong>ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, मलेशिया की तकनीक से कम जमीन में तैयार होंगे बहुस्तरीय मार्ग</strong></h2>
<p><strong>पुणे।</strong> देश के बड़े शहरों में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जमीन की कमी से निपटने के लिए केंद्र सरकार अब वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि पुणे में एक ही पिलर पर कई स्तर की एलिवेटेड सड़कें बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सबसे ऊपरी स्तर पर मेट्रो रेल चलाने का भी प्रावधान होगा।</p>
<p>इस व्यवस्था के अंतर्गत जमीन की सतह पर स्थानीय यातायात चलता रहेगा। उसके ऊपर अलग-अलग स्तर पर एलिवेटेड सड़कें बनाई जाएंगी, जबकि सबसे ऊपर मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा सकेगा। एक ही पिलर प्रणाली का उपयोग होने से अलग-अलग सड़क और मेट्रो परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त जमीन लेने की आवश्यकता कम होगी।</p>
<p>गडकरी के अनुसार, भारत ने मलेशिया में इस्तेमाल होने वाली ऐसी तकनीक को अपनाया है, जिसकी सहायता से एक ही आधार अथवा पिलर पर बहुस्तरीय परिवहन ढांचा तैयार किया जा सकता है। पुणे जिले के तीन प्रमुख एलिवेटेड रोड कॉरिडोर में इस तकनीक के उपयोग की तैयारी होने की बात सामने आई है।</p>
<h2><strong>क्या है वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर?</strong></h2>
<p>सामान्य तौर पर सड़कों, फ्लाईओवर और मेट्रो लाइन के लिए अलग-अलग जगह की आवश्यकता होती है। घनी आबादी वाले शहरों में पर्याप्त जमीन मिलना मुश्किल होता है। जमीन अधिग्रहण के कारण परियोजनाओं की लागत बढ़ती है और निर्माण में भी लंबा समय लग सकता है।</p>
<p>वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में परिवहन के विभिन्न माध्यमों को जमीन पर एक-दूसरे के समानांतर फैलाने के बजाय अलग-अलग ऊंचाई पर विकसित किया जाता है। एक बहुस्तरीय कॉरिडोर में सबसे नीचे स्थानीय सड़क, उसके ऊपर एलिवेटेड मार्ग और सबसे ऊपरी स्तर पर मेट्रो लाइन हो सकती है।</p>
<p>इस डिजाइन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कम जमीन में अधिक यातायात क्षमता विकसित की जा सकती है। एक ही पिलर और साझा आधारभूत संरचना होने से शहर की मौजूदा सड़क के ऊपर कई परिवहन स्तर तैयार किए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>पुणे की ट्रैफिक समस्या को देखते हुए योजना</strong></h2>
<p>पुणे तेजी से विकसित होने वाले शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों और बढ़ती आबादी के कारण यहां वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर व्यस्त समय के दौरान लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।</p>
<p>नई सड़क बनाने के लिए शहर के बीच पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मौजूदा सड़क के ऊपर एलिवेटेड मार्ग विकसित करना एक व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है। बहुस्तरीय कॉरिडोर के माध्यम से स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग स्तरों पर बांटा जा सकेगा।</p>
<p>स्थानीय वाहन जमीन की सतह वाली सड़क पर चलेंगे, जबकि एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक जाने वाले वाहनों के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर उपलब्ध होगा। सबसे ऊपर चलने वाली मेट्रो सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में सहायता कर सकती है।</p>
<h2><strong>एक पिलर पर कई परिवहन स्तर</strong></h2>
<p>इस तकनीक के अंतर्गत मजबूत आधार और विशेष डिजाइन वाले पिलर तैयार किए जाएंगे। इन्हीं पिलरों पर अलग-अलग ऊंचाई पर सड़क तथा मेट्रो का ढांचा स्थापित होगा। प्रत्येक स्तर को उसकी जरूरत और भार के अनुसार डिजाइन किया जाएगा।</p>
<p>सामान्य फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर के लिए अलग-अलग पिलर बनाने से सड़क की चौड़ाई का बड़ा हिस्सा घिर जाता है। एकीकृत डिजाइन में पिलरों की संख्या और जमीन पर उनके फैलाव को कम किया जा सकता है। इससे मौजूदा सड़क पर वाहनों के लिए अधिक जगह उपलब्ध रह सकती है।</p>
<p>हालांकि, ऐसी संरचना के लिए अत्यधिक मजबूत डिजाइन, भूकंपरोधी तकनीक और विस्तृत सुरक्षा परीक्षण की आवश्यकता होगी। निर्माण से पहले मिट्टी की क्षमता, यातायात का दबाव, आसपास की इमारतों और भूमिगत उपयोगिता लाइनों का अध्ययन करना भी जरूरी होगा।</p>
<h2><strong>जमीन अधिग्रहण और परियोजना लागत में कमी की उम्मीद</strong></h2>
<p>शहरी सड़क परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती होती है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में निजी संपत्तियों का अधिग्रहण करना महंगा और समय लेने वाला हो सकता है। इससे परियोजनाओं के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति भी बन सकती है।</p>
<p>वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से मौजूदा सड़क क्षेत्र का उपयोग करते हुए अतिरिक्त यातायात क्षमता तैयार की जा सकती है। इससे जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता घटने और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>एक ही पिलर एवं साझा निर्माण व्यवस्था के कारण अलग-अलग फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तुलना में संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। हालांकि, वास्तविक लागत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, इंजीनियरिंग डिजाइन और निर्माण संबंधी आवश्यकताओं के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>पुणे में पहले से मौजूद है डबल-डेकर कॉरिडोर</strong></h2>
<p>पुणे में गणेशखिंड रोड स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय चौक पर एकीकृत डबल-डेकर कॉरिडोर विकसित किया जा चुका है। इस परियोजना में सड़क यातायात और मेट्रो को एक ही कॉरिडोर में अलग-अलग स्तरों पर स्थान दिया गया है। मार्च 2026 में सड़क यातायात के लिए इसका उद्घाटन किया गया था।  के अनुसार, इसका उद्देश्य पाषाण रोड, बाणेर रोड, औंध और शिवाजीनगर की ओर जाने वाले यातायात का दबाव कम करना है।</p>
<p>अब प्रस्तावित नई तकनीक इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए एक ही पिलर पर दो से अधिक परिवहन स्तर तैयार करने की संभावना प्रस्तुत करती है। इसके सफल होने पर पुणे के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी ऐसे कॉरिडोर विकसित किए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>अन्य शहरों के लिए भी बन सकता है मॉडल</strong></h2>
<p>नितिन गडकरी ने महानगरों में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए वर्टिकल निर्माण को भविष्य की आवश्यकता बताया है। पुणे में प्रस्तावित बहुस्तरीय कॉरिडोर सफल होता है तो मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य घनी आबादी वाले शहरों में भी इस मॉडल का उपयोग किया जा सकता है।</p>
<p>हालांकि, परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव, निर्माण अवधि में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और रखरखाव की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। तकनीकी स्वीकृति और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के बाद ही इसके मार्ग, लागत तथा निर्माण समयसीमा की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।</p>
<p>कुल मिलाकर, एक ही पिलर पर सड़क और मेट्रो के कई स्तर तैयार करने की योजना शहरों में सीमित जमीन के बेहतर उपयोग की दिशा में बड़ा कदम हो सकती है। इससे पुणे की यातायात व्यवस्था को नई क्षमता मिलने के साथ भविष्य की शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए एक नया मॉडल विकसित होने की उम्मीद है।</p>
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		<title>पिच्छी विवाद में मेनका गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! पुणे कोर्ट से समन, 30 दिन में देना होगा जवाब</title>
		<link>https://swarajvani.com/menaka-gandhi-pichhi-vivad-pune-court-summons/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 17:09:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
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		<category><![CDATA[राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रंमण संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[स्नेहा पांडे]]></category>
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					<description><![CDATA[जैन मुनियों की पवित्र पिच्छी को लेकर दिए गए कथित बयान का मामला अदालत पहुंचा। राजेश जैन दद्दू के अनुसार पुणे कोर्ट ने मेनका गांधी को समन जारी किया है। ... <a title="पिच्छी विवाद में मेनका गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! पुणे कोर्ट से समन, 30 दिन में देना होगा जवाब" class="read-more" href="https://swarajvani.com/menaka-gandhi-pichhi-vivad-pune-court-summons/" aria-label="Read more about पिच्छी विवाद में मेनका गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! पुणे कोर्ट से समन, 30 दिन में देना होगा जवाब">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैन मुनियों की पवित्र पिच्छी को लेकर दिए गए कथित बयान का मामला अदालत पहुंचा। राजेश जैन दद्दू के अनुसार पुणे कोर्ट ने मेनका गांधी को समन जारी किया है। याचिकाकर्ताओं ने सिर्फ 1 रुपये की सांकेतिक क्षतिपूर्ति मांगी है।</p>
<h1>मेनका गांधी पिच्छी विवाद में बड़ा मोड़: पुणे कोर्ट का समन, 30 दिन में मांगा जवाब</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>रिपोर्टर: राजेश जैन दद्दू</strong><br />
<strong>पुणे/इंदौर।</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>मेनका गांधी पिच्छी विवाद</strong> में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। श्रमण संस्कृति के दिगंबर जैन संतों की पवित्र मयूर पंखी पिच्छी को लेकर की गई कथित टिप्पणी के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता <strong>मेनका गांधी</strong> की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के प्रचारक <strong>राजेश जैन दद्दू</strong> के अनुसार, पुणे के न्यायालय ने मामले में मेनका गांधी को समन जारी कर <strong>30 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने</strong> का निर्देश दिया है।</p>
<h2>मेनका गांधी पिच्छी विवाद क्या है?</h2>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के प्रचारक <strong>राजेश जैन दद्दू</strong> ने बताया कि विवाद की शुरुआत मेनका गांधी के एक कथित बयान के बाद हुई। उनके अनुसार, मेनका गांधी ने पिच्छी के निर्माण और मोरों को लेकर एक दावा किया था, जिसका जैन समाज ने कड़ा विरोध किया।मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। दद्दू के मुताबिक, पुणे के माननीय न्यायालय ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मेनका गांधी को समन जारी किया है और 30 दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।</p>
<h2>किस बयान को लेकर जैन समाज में नाराजगी?</h2>
<p class="isSelectedEnd">राजेश जैन दद्दू के अनुसार, कुछ समय पूर्व मेनका गांधी ने एक बयान में आरोप लगाया था कि देश में जैन मुनियों की पिच्छियों के निर्माण के लिए लगभग <strong>15 लाख मोरों की हत्या</strong> की गई है।इस कथित बयान को लेकर भारतवर्षीय सकल जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। जैन समाज ने इस दावे को तथ्यहीन बताते हुए स्पष्ट किया कि दिगंबर जैन मुनियों द्वारा उपयोग की जाने वाली पिच्छी तैयार करने के लिए किसी मोर की हत्या नहीं की जाती।</p>
<h2>जैन समाज ने बताया कैसे बनाई जाती है पिच्छी</h2>
<p class="isSelectedEnd">जैन समाज का कहना है कि मोर प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत अपने पंख छोड़ते हैं। इन्हीं <strong>स्वाभाविक रूप से झड़े हुए मयूर पंखों</strong> को एकत्रित करके पिच्छी बनाई जाती है।दिगंबर जैन परंपरा में पिच्छी का विशेष धार्मिक महत्व है। मुनिराज इसका उपयोग चलते, उठते और बैठते समय सूक्ष्म जीवों की रक्षा के लिए करते हैं। जैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च सिद्धांतों में माना जाता है और समाज का कहना है कि पिच्छी भी इसी अहिंसक जीवन पद्धति का प्रतीक है।इसी कारण <strong>मेनका गांधी पिच्छी विवाद</strong> से जुड़ी टिप्पणी को लेकर जैन समाज ने आपत्ति दर्ज कराई और इसे संतों की गरिमा तथा धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया।</p>
<h2>इंदौर से भी भेजा गया था मेनका गांधी को लीगल नोटिस</h2>
<p class="isSelectedEnd">दद्दू ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले <strong>राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ, इंदौर के मयंक जैन</strong> द्वारा मेनका गांधी को कानूनी नोटिस भेजा गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">नोटिस के माध्यम से कथित बयान को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई थी। संघ का कहना है कि नोटिस के बावजूद बयान वापस नहीं लिया गया और माफी नहीं मांगी गई, जिसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ा।</p>
<h2>पुणे में अन्ना पाटिल और स्नेहा पांडे ने दायर की याचिका</h2>
<p class="isSelectedEnd">दद्दू के अनुसार, पुणे में शिकायतकर्ता <strong>अन्ना पाटिल और स्नेहा पांडे</strong> ने <strong>एडवोकेट जितुरकर</strong> के माध्यम से याचिका दायर की। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत द्वारा मेनका गांधी को समन जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।मामले में अब अदालत के समक्ष संबंधित पक्ष द्वारा जवाब प्रस्तुत किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।</p>
<h2>सिर्फ 1 रुपये की सांकेतिक क्षतिपूर्ति की मांग</h2>
<p class="isSelectedEnd">इस मामले की खास बात यह है कि याचिकाकर्ताओं ने मानहानि के बदले मेनका गांधी से केवल <strong>1 रुपये की सांकेतिक क्षतिपूर्ति</strong> की मांग की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस मांग का उद्देश्य किसी प्रकार का आर्थिक लाभ प्राप्त करना नहीं है। उनका उद्देश्य जैन संतों की गरिमा, अहिंसा धर्म और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए अपनी बात कानूनी एवं संवैधानिक तरीके से रखना है।</p>
<h2>राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने देशभर के जैन समाज से की अपील</h2>
<p class="isSelectedEnd">भारतवर्षीय <strong>राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ</strong> ने देशभर की जैन संस्थाओं से धर्म, संस्कृति, तीर्थों और संतों की रक्षा के लिए संवैधानिक एवं कानूनी तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं और संतों से संबंधित विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि समाज में किसी तरह की गलतफहमी पैदा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>राजेश जैन दद्दू</strong> ने कहा कि जैन समाज अहिंसा के सिद्धांत पर चलता है और पिच्छी भी जीवों की रक्षा तथा अहिंसा की भावना से जुड़ी हुई है। उन्होंने समाज से धर्म और श्रमण संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>जय हो श्रमण संस्कृति।</strong></p>
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		<title>Ketan Agarwal Death Case: लोहगढ़ किले में हुई रहस्यमयी घटना अब हत्या की साजिश में तब्दील, मंगेतर सिया गोयल पर गंभीर आरोप</title>
		<link>https://swarajvani.com/ketan-agarwal-death-case-mystery-turns-into/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 07:29:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News India]]></category>
		<category><![CDATA[Fiancé Murder Case]]></category>
		<category><![CDATA[Ketan Agarwal]]></category>
		<category><![CDATA[Lohagad Fort]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Ketan Agarwal Death Case: लोहगढ़ किले में हुई रहस्यमयी घटना अब हत्या की साजिश में तब्दील, मंगेतर सिया गोयल पर गंभीर आरोप</strong></h1>
<h2>लोहगढ़ किले की चट्टानों से गिरकर मौत या सुनियोजित हत्या?</h2>
<p><strong>Ketan Agarwal Death Case:</strong> महाराष्ट्र के ऐतिहासिक और पर्यटक स्थल <strong>लोहगढ़ किले</strong> में पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी <strong>केतन अग्रवाल</strong> की मौत का मामला अब एक रहस्यमयी हादसे से बदलकर एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रहा है। शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस के हाथ लगे नए <strong>डिजिटल साक्ष्यों</strong> ने पूरे केस की दिशा ही बदल दी है।</p>
<p>अब पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक पहले से तैयार की गई साजिश थी, जिसमें केतन को कथित तौर पर उनकी मंगेतर <strong>सिया गोयल</strong> और उनके कुछ साथियों ने मिलकर निशाना बनाया।</p>
<h2><strong>डिजिटल सबूतों ने खोला बड़ा राज</strong></h2>
<p>पुलिस जांच में सामने आए डिजिटल डेटा, मोबाइल रिकॉर्ड्स और चैट हिस्ट्री ने इस केस की पूरी तस्वीर बदल दी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इन सबूतों से यह संकेत मिलता है कि घटना से पहले ही केतन और सिया के बीच गंभीर तनाव था।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, केतन को पहले से ही इस बात का शक था कि सिया गोयल का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है। यह शक धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव और अविश्वास का कारण बनता गया।</p>
<h2><strong>रिश्तों में बढ़ता तनाव और शक की शुरुआत</strong></h2>
<p>जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इस साल नवंबर में तय थी। लेकिन शादी से पहले ही दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी थी।</p>
<p>केतन ने अपने परिवार से कई बार इस बात का जिक्र किया था कि उन्हें सिया के व्यवहार में बदलाव नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या शादी तय करने से पहले लड़की की पूरी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी या नहीं।</p>
<h2><strong>चेतन चौधरी का नाम कैसे आया सामने?</strong></h2>
<p>जांच में एक और नाम सामने आया—<strong>चेतन चौधरी</strong>। पुलिस के अनुसार, केतन को सिया और चेतन के बीच नजदीकियों पर शक था। यह बात कई बार बातचीत में सामने आई थी, जिससे केतन मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे।</p>
<p>केतन के पिता <strong>विशाल अग्रवाल</strong> ने भी पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने कई बार इस विषय पर चिंता व्यक्त की थी और रिश्ते को लेकर असहज महसूस कर रहे थे।</p>
<h2><strong>बाली ट्रिप कैंसिल होने से बढ़ा तनाव</strong></h2>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, 6 जून को प्रस्तावित <strong>बाली ट्रिप</strong> अचानक रद्द हो गई थी, जिसके बाद केतन और सिया के बीच तनाव और बढ़ गया।</p>
<p>केतन ने अपने पिता को बताया था कि सिया छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने लगी है और उनका व्यवहार पहले जैसा नहीं रहा। परिवार ने उन्हें समझाया कि शादी से पहले इस तरह की परिस्थितियां सामान्य होती हैं, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।</p>
<h2><strong>फोन कॉल्स और बदलता व्यवहार</strong></h2>
<p>पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन ने कई बार अपने परिवार को बताया था कि जब वह सिया को फोन करते थे तो उसका नंबर अक्सर बिजी मिलता था। बातचीत के दौरान भी सिया बार-बार किसी अन्य व्यक्ति का जिक्र करती थी।</p>
<p>यह स्थिति केतन के लिए लगातार चिंता का कारण बनती गई और उन्होंने अपने परिवार से इस रिश्ते को लेकर सवाल भी किए।</p>
<h2><strong>18 जून की रात: लोहगढ़ किले में मौत</strong></h2>
<p>पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले की एक चट्टान से गिरकर केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना या पैर फिसलने का मामला बताया गया था।</p>
<p>लेकिन अब पुलिस का कहना है कि यह एक <strong>पूर्व नियोजित हत्या</strong> थी, जिसमें केतन को धक्का देकर नीचे गिराया गया।</p>
<h2><strong>हादसे को दिखाने की कोशिश</strong></h2>
<p>जांच के दौरान सामने आया कि शुरुआती तौर पर आरोपियों ने इसे एक हादसा साबित करने की कोशिश की थी। सिया गोयल ने दावा किया था कि केतन सेल्फी लेते समय असंतुलित होकर गिर गए थे।</p>
<p>इसके अलावा यह भी कहा गया कि वह खतरनाक पॉइंट पर फोटो ले रहे थे, जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया।</p>
<p>हालांकि, डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान इस कहानी से मेल नहीं खाते।</p>
<h2><strong>गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत</strong></h2>
<p>इस मामले में पुलिस ने <strong>सिया गोयल और चेतन चौधरी</strong> को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।</p>
<p>पुलिस अब दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>जांच की नई दिशा</strong></h2>
<p>जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सुनियोजित योजना, डिजिटल साक्ष्य और संभावित आपराधिक साजिश के कई पहलू शामिल हैं।</p>
<p>पुलिस मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।</p>
<h2><strong>परिवार का पक्ष और दर्द</strong></h2>
<p>केतन अग्रवाल के परिवार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके पिता ने कहा कि बेटे ने पहले ही रिश्ते को लेकर कई बार चिंता जताई थी, लेकिन उन्हें नहीं लगा था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा।</p>
<p>परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।</p>
<h2><strong>कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी</strong></h2>
<p>पुलिस का कहना है कि मामले में पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं और चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है। वहीं, कोर्ट में भी इस केस को लेकर गंभीर बहस की संभावना है क्योंकि यह मामला अब हाई-प्रोफाइल हत्या केस बन चुका है।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक साधारण दुर्घटना से बदलकर एक गंभीर <strong>पूर्व नियोजित हत्या की साजिश</strong> में बदल चुका है। डिजिटल सबूतों, रिश्तों में तनाव और पुलिस जांच के आधार पर यह केस लगातार नए मोड़ ले रहा है।</p>
<p>आने वाले दिनों में जांच से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जो इस केस की पूरी तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।</p>
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		<title>Indore : केतन अग्रवाल हत्याकांड पर छलका राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का दर्द, कहा– “हमारे बेटे छीने जा रहे हैं”</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-raja-raghuvanshi-mother-statement-ketan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 05:23:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Ketan Agarwal Murder Case]]></category>
		<category><![CDATA[Pune News]]></category>
		<category><![CDATA[Raja Raghuvanshi Murder Case]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore : केतन अग्रवाल हत्याकांड पर छलका राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का दर्द, कहा– “हमारे बेटे छीने जा रहे हैं” Indore में एक बार फिर चर्चित हत्याकांड मामलों ... <a title="Indore : केतन अग्रवाल हत्याकांड पर छलका राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का दर्द, कहा– “हमारे बेटे छीने जा रहे हैं”" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-raja-raghuvanshi-mother-statement-ketan/" aria-label="Read more about Indore : केतन अग्रवाल हत्याकांड पर छलका राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का दर्द, कहा– “हमारे बेटे छीने जा रहे हैं”">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore : केतन अग्रवाल हत्याकांड पर छलका राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का दर्द, कहा– “हमारे बेटे छीने जा रहे हैं”</strong></h1>
<p>Indore में एक बार फिर चर्चित हत्याकांड मामलों को लेकर भावनात्मक माहौल बन गया है। पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की खबरों के बीच इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी पीड़ा एक बार फिर सामने आई। राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है।</p>
<h2><strong>केतन अग्रवाल हत्याकांड ने बढ़ाया दर्द</strong></h2>
<p>पुणे में हुए 26 वर्षीय रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले ने पूरे देश में चर्चा बटोरी है। आरोप है कि केतन की उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बताया गया कि केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किले के पास ले जाया गया, जहां उसे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।</p>
<p>इस मामले की तुलना कई लोग राजा रघुवंशी हत्याकांड से कर रहे हैं, जिसके कारण यह मामला भी सुर्खियों में आ गया है। इसी बीच इंदौर में राजा रघुवंशी की मां का दर्द फिर से सामने आया।</p>
<h3><strong>सोनम को देखकर लड़कियों में आ रही हिम्मत”</strong></h3>
<p>Indore राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाल ही में सामने आए मामलों और आरोपियों के व्यवहार को देखकर उन्हें गहरी चिंता हो रही है। उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी जैसे मामलों में जब आरोपी को राहत या जमानत मिलती है, तो समाज में गलत संदेश जाता है।</p>
<p>उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा कि “सोनम को बाहर देखकर ऐसी लड़कियों में हिम्मत आ रही है कि वे भी गलत कदम उठा सकती हैं। ऐसा लगता है कि उनके पीछे कोई न कोई उन्हें बचाने के लिए खड़ा है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को देखकर अन्य अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को भी हिम्मत मिलती है।</p>
<h4><strong>हमसे हमारे बेटे छीने जा रहे हैं”</strong></h4>
<p>Indore राजा रघुवंशी की मां ने अपने दर्द को व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार ऐसे मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि समाज में हर साल इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें युवाओं की जान जा रही है।</p>
<p>उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हमसे हमारे बेटे छीने जा रहे हैं। आखिर हमारी क्या गलती है? क्या दोष है उन मां-बाप का जिनके बच्चे इस तरह मारे जा रहे हैं।”</p>
<h4><strong>पुराने मामलों का जिक्र</strong></h4>
<p>उमा रघुवंशी ने बातचीत के दौरान पिछले कुछ चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले “नीले ड्रम केस” और धार से जुड़े एक अन्य मामले ने भी समाज को झकझोर दिया था। अब केतन अग्रवाल हत्याकांड ने फिर से वही दर्द ताजा कर दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में पहले ही सख्त सजा दी जाती, तो शायद नए अपराधों को बढ़ावा नहीं मिलता। उनके अनुसार, कड़ी कानूनी कार्रवाई की कमी भी कहीं न कहीं अपराधियों को हिम्मत देती है।</p>
<h5><strong>कड़ी सजा से ही रुकेगा अपराध”</strong></h5>
<p>उमा रघुवंशी ने कहा कि अगर इन मामलों में समय पर और सख्त सजा दी जाए तो ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है। उन्होंने कहा कि केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि तेजी से न्याय मिलना भी बेहद जरूरी है।</p>
<p>उनका मानना है कि जब तक समाज में डर और कानून का सख्त प्रभाव नहीं होगा, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।</p>
<h6><strong>परिवारों का दर्द और सामाजिक चिंता</strong></h6>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान उन परिवारों का होता है, जिनके बच्चे मारे जाते हैं। एक मां के लिए अपने बेटे को खोने का दर्द जीवनभर का होता है और बार-बार ऐसे मामले सामने आना पुराने घावों को फिर से हरा कर देता है।</p>
<p>उमा रघुवंशी ने कहा कि जब भी इस तरह की कोई घटना सामने आती है, उन्हें अपने बेटे राजा की यादें सताने लगती हैं। उन्होंने कहा कि यह दर्द केवल वही समझ सकते हैं जिन्होंने अपना बच्चा खोया हो।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>केतन अग्रवाल हत्याकांड ने एक बार फिर देश में बढ़ते अपराध और रिश्तों में हो रहे खतरनाक बदलावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, राजा रघुवंशी की मां का दर्द इस बात को दर्शाता है कि ऐसे मामलों का प्रभाव केवल कानूनी नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक स्तर पर भी गहरा होता है।</p>
<p>यह घटना न केवल एक परिवार का दर्द है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि रिश्तों में विश्वास और सुरक्षा बनाए रखना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।</p>
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