Ketan Agarwal Death Case: लोहगढ़ किले में हुई रहस्यमयी घटना अब हत्या की साजिश में तब्दील, मंगेतर सिया गोयल पर गंभीर आरोप
लोहगढ़ किले की चट्टानों से गिरकर मौत या सुनियोजित हत्या?
Ketan Agarwal Death Case: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक और पर्यटक स्थल लोहगढ़ किले में पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक रहस्यमयी हादसे से बदलकर एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रहा है। शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस के हाथ लगे नए डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे केस की दिशा ही बदल दी है।
अब पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक पहले से तैयार की गई साजिश थी, जिसमें केतन को कथित तौर पर उनकी मंगेतर सिया गोयल और उनके कुछ साथियों ने मिलकर निशाना बनाया।
डिजिटल सबूतों ने खोला बड़ा राज
पुलिस जांच में सामने आए डिजिटल डेटा, मोबाइल रिकॉर्ड्स और चैट हिस्ट्री ने इस केस की पूरी तस्वीर बदल दी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इन सबूतों से यह संकेत मिलता है कि घटना से पहले ही केतन और सिया के बीच गंभीर तनाव था।
सूत्रों के मुताबिक, केतन को पहले से ही इस बात का शक था कि सिया गोयल का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है। यह शक धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव और अविश्वास का कारण बनता गया।
रिश्तों में बढ़ता तनाव और शक की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इस साल नवंबर में तय थी। लेकिन शादी से पहले ही दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी थी।
केतन ने अपने परिवार से कई बार इस बात का जिक्र किया था कि उन्हें सिया के व्यवहार में बदलाव नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या शादी तय करने से पहले लड़की की पूरी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी या नहीं।
चेतन चौधरी का नाम कैसे आया सामने?
जांच में एक और नाम सामने आया—चेतन चौधरी। पुलिस के अनुसार, केतन को सिया और चेतन के बीच नजदीकियों पर शक था। यह बात कई बार बातचीत में सामने आई थी, जिससे केतन मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भी पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने कई बार इस विषय पर चिंता व्यक्त की थी और रिश्ते को लेकर असहज महसूस कर रहे थे।
बाली ट्रिप कैंसिल होने से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, 6 जून को प्रस्तावित बाली ट्रिप अचानक रद्द हो गई थी, जिसके बाद केतन और सिया के बीच तनाव और बढ़ गया।
केतन ने अपने पिता को बताया था कि सिया छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने लगी है और उनका व्यवहार पहले जैसा नहीं रहा। परिवार ने उन्हें समझाया कि शादी से पहले इस तरह की परिस्थितियां सामान्य होती हैं, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।
फोन कॉल्स और बदलता व्यवहार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन ने कई बार अपने परिवार को बताया था कि जब वह सिया को फोन करते थे तो उसका नंबर अक्सर बिजी मिलता था। बातचीत के दौरान भी सिया बार-बार किसी अन्य व्यक्ति का जिक्र करती थी।
यह स्थिति केतन के लिए लगातार चिंता का कारण बनती गई और उन्होंने अपने परिवार से इस रिश्ते को लेकर सवाल भी किए।
18 जून की रात: लोहगढ़ किले में मौत
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले की एक चट्टान से गिरकर केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना या पैर फिसलने का मामला बताया गया था।
लेकिन अब पुलिस का कहना है कि यह एक पूर्व नियोजित हत्या थी, जिसमें केतन को धक्का देकर नीचे गिराया गया।
हादसे को दिखाने की कोशिश
जांच के दौरान सामने आया कि शुरुआती तौर पर आरोपियों ने इसे एक हादसा साबित करने की कोशिश की थी। सिया गोयल ने दावा किया था कि केतन सेल्फी लेते समय असंतुलित होकर गिर गए थे।
इसके अलावा यह भी कहा गया कि वह खतरनाक पॉइंट पर फोटो ले रहे थे, जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया।
हालांकि, डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान इस कहानी से मेल नहीं खाते।
गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत
इस मामले में पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस अब दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच की नई दिशा
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सुनियोजित योजना, डिजिटल साक्ष्य और संभावित आपराधिक साजिश के कई पहलू शामिल हैं।
पुलिस मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
परिवार का पक्ष और दर्द
केतन अग्रवाल के परिवार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके पिता ने कहा कि बेटे ने पहले ही रिश्ते को लेकर कई बार चिंता जताई थी, लेकिन उन्हें नहीं लगा था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा।
परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी
पुलिस का कहना है कि मामले में पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं और चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है। वहीं, कोर्ट में भी इस केस को लेकर गंभीर बहस की संभावना है क्योंकि यह मामला अब हाई-प्रोफाइल हत्या केस बन चुका है।
निष्कर्ष
केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक साधारण दुर्घटना से बदलकर एक गंभीर पूर्व नियोजित हत्या की साजिश में बदल चुका है। डिजिटल सबूतों, रिश्तों में तनाव और पुलिस जांच के आधार पर यह केस लगातार नए मोड़ ले रहा है।
आने वाले दिनों में जांच से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जो इस केस की पूरी तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।
