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	<title>Jain Samaj News &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Jain Samaj News &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बोरीवली जैन संघ में साधु पर गंभीर आरोप, हार्दिक हुंडिया बोले—संघ जागेंगे तो शिथिलाचारी भागेंग</title>
		<link>https://swarajvani.com/borivali-jain-sangh-sadhu-allegations-hardik-hundia-statement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 14:36:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
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					<description><![CDATA[बोरीवली संभवनाथ जैन संघ से जुड़े एक साधु पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। हार्दिक हुंडिया ने संघों से अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई की अपील की है। बोरीवली ... <a title="बोरीवली जैन संघ में साधु पर गंभीर आरोप, हार्दिक हुंडिया बोले—संघ जागेंगे तो शिथिलाचारी भागेंग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/borivali-jain-sangh-sadhu-allegations-hardik-hundia-statement/" aria-label="Read more about बोरीवली जैन संघ में साधु पर गंभीर आरोप, हार्दिक हुंडिया बोले—संघ जागेंगे तो शिथिलाचारी भागेंग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बोरीवली संभवनाथ जैन संघ से जुड़े एक साधु पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। हार्दिक हुंडिया ने संघों से अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई की अपील की है।</p>
<p>बोरीवली जैन संघ में साधु पर गंभीर आरोप, हार्दिक हुंडिया बोले—संघ जागेंगे तो शिथिलाचारी भागेंगे</p>
<p>संभवनाथ जैन संघ की कथित कार्रवाई की सराहना, धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी जैन संघों से सतर्क रहने की अपील</p>
<p>मुंबई/बोरीवली। मुंबई के बोरीवली स्थित संभवनाथ जैन संघ से जुड़े एक साधु के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर जैन समाज में चर्चा शुरू हो गई है। जैन समाज से जुड़े हार्दिक हुंडिया ने एक प्रेस नोट जारी कर दावा किया है कि संघ के ट्रस्टियों ने कथित अनुशासनहीनता के मामले में एक साधु को साधुवेश त्यागकर गृहस्थ जीवन में लौटने के लिए कहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>संघ के ट्रस्टियों की कार्रवाई को बताया उदाहरण</p>
<p>हार्दिक हुंडिया ने प्रेस नोट में बताया कि बोरीवली संभवनाथ जैन संघ के एक ट्रस्टी से बातचीत के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि धर्मसूरी समुदाय से जुड़े एक साधु पर कथित अनुचित आचरण के आरोप सामने आने के बाद संघ के ट्रस्टियों ने बैठक कर कार्रवाई की।</p>
<p>हुंडिया के अनुसार, ट्रस्टियों ने संबंधित साधु को साधुवेश छोड़कर सांसारिक जीवन में लौटने के लिए कहा। उन्होंने इस कथित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक मर्यादाओं और अनुशासन की रक्षा के लिए संघों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</p>
<p>हर जैन संघ को जागरूक होने की जरूरत : हुंडिया</p>
<p>हार्दिक हुंडिया ने कहा कि जैन साधु-संतों के प्रति समाज में गहरी श्रद्धा और विश्वास है। ऐसे में यदि किसी साधु के विरुद्ध अनुशासनहीनता की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;अगर संघ जाग गए तो शिथिलाचारी भाग जाएंगे।&#8221;</p>
<p>हुंडिया ने सभी जैन संघों और महासंघों से अपील की कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने के लिए अनुशासन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-368713" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c.jpeg" alt="67c27898 0bd0 4424 9d3c 705b5382025c" width="739" height="1600" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c.jpeg 739w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c-139x300.jpeg 139w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c-473x1024.jpeg 473w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/67c27898-0bd0-4424-9d3c-705b5382025c-709x1536.jpeg 709w" sizes="(max-width: 739px) 100vw, 739px" /></a> <a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-368714" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893.jpeg" alt="73b97273 c000 452f 8db5 958b681a6893" width="739" height="1600" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893.jpeg 739w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893-139x300.jpeg 139w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893-473x1024.jpeg 473w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/73b97273-c000-452f-8db5-958b681a6893-709x1536.jpeg 709w" sizes="(max-width: 739px) 100vw, 739px" /></a></p>
<p>धार्मिक मर्यादा और समाज की सुरक्षा पर दिया जोर</p>
<p>प्रेस नोट में हुंडिया ने पूर्व में अन्य जैन संघों से जुड़े कथित विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज को धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।</p>
<p>उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी गंभीर शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोप प्रमाणित होने पर धार्मिक नियमों तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>
<p>आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी</p>
<p>यह समाचार हार्दिक हुंडिया द्वारा जारी प्रेस नोट में किए गए दावों पर आधारित है। संबंधित साधु के विरुद्ध लगाए गए आरोपों, संघ द्वारा कथित रूप से की गई कार्रवाई और पूर्व घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित जैन संघ, आरोपित पक्ष और पुलिस का आधिकारिक बयान भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।</p>
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		<item>
		<title>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी को जबलपुर में</title>
		<link>https://swarajvani.com/digambar-jain-social-group-federation-31st-national-convention-jabalpur-2027/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 14:03:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jabalpur News]]></category>
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					<description><![CDATA[दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी 2027 को जबलपुर में होगा। इंदौर में राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान कर मनुहार पत्रिका भेंट की गई। दिगम्बर जैन ... <a title="दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी को जबलपुर में" class="read-more" href="https://swarajvani.com/digambar-jain-social-group-federation-31st-national-convention-jabalpur-2027/" aria-label="Read more about दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी को जबलपुर में">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी 2027 को जबलपुर में होगा। इंदौर में राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान कर मनुहार पत्रिका भेंट की गई।</p>
<h1 data-pm-slice="1 1 []"><strong>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी को जबलपुर में</strong></h1>
<h3><strong>इंदौर में राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान, मनुहार पत्रिका भेंट कर अधिवेशन में शामिल होने का दिया आत्मीय निमंत्रण</strong></h3>
<p><strong>इंदौर।</strong> दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का <strong>31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 3 जनवरी 2027 को जबलपुर</strong> में आयोजित होने जा रहा है। राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों के क्रम में इंदौर स्थित अनूप भवन में फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पदाधिकारियों को जबलपुर में होने वाले अधिवेशन की <strong>मनुहार पत्रिका</strong> भेंट कर कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आत्मीय निमंत्रण दिया गया।</p>
<p>समारोह में दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन की <strong>परम शिरोमणि संरक्षिका पुष्पाजी कासलीवाल, राष्ट्रीय सलाहकार अमित जी कासलीवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर जी झांझरी, राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुशील जी पांड्या एवं निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका जी</strong> का सम्मान किया गया।</p>
<p>राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में <strong>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप संस्कारधानी की सचिव चित्रा घीया एवं महाकौशल विंध्य रीजन के कोषाध्यक्ष सुनील घीया</strong> ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों को अधिवेशन की मनुहार पत्रिका ससम्मान भेंट की।</p>
<p>इस अवसर पर सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप के सदस्यों से 3 जनवरी को जबलपुर पहुंचकर राष्ट्रीय अधिवेशन में सहभागिता करने और आयोजन की गरिमा बढ़ाने का आग्रह किया गया।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार राष्ट्रीय अधिवेशन फेडरेशन से जुड़े सदस्यों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहभागिता की उम्मीद है। आयोजन को लेकर जबलपुर में तैयारियों का क्रम जारी है और विभिन्न स्तरों पर सदस्यों को आमंत्रित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>31वें राष्ट्रीय अधिवेशन</strong> को लेकर जबलपुर सहित देश के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारियों और सदस्यों में उत्साह का वातावरण है। इंदौर में आयोजित सम्मान एवं निमंत्रण कार्यक्रम के माध्यम से पदाधिकारियों ने अधिवेशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संदेश दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव: भव्य आयोजन में नन्हे संघपतियों ने दिया धर्म-संस्कार का संदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/khachrod-45-agam-ekasan-tap-paranotsav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2026 11:43:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
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					<description><![CDATA[खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव में नन्हे संघपतियों की भव्य यात्रा निकली। तपस्वियों का बहुमान हुआ और भगवान के रथ दर्शन के लिए बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी ... <a title="खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव: भव्य आयोजन में नन्हे संघपतियों ने दिया धर्म-संस्कार का संदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/khachrod-45-agam-ekasan-tap-paranotsav/" aria-label="Read more about खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव: भव्य आयोजन में नन्हे संघपतियों ने दिया धर्म-संस्कार का संदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव में नन्हे संघपतियों की भव्य यात्रा निकली। तपस्वियों का बहुमान हुआ और भगवान के रथ दर्शन के लिए बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन उमड़े।</p>
<h1>खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव: नन्हे संघपतियों ने दिया धर्म-संस्कार का संदेश, तपस्वियों की हुई भव्य अनुमोदना</h1>
<h2>सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव में भगवान के रथ दर्शन के लिए उमड़ा धर्मप्रेमी समाज</h2>
<p class="isSelectedEnd"><strong>खाचरौद (ब्रजेश बोहरा)।</strong> <strong>खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव</strong> के अवसर पर रविवार को खाचरौद नगरी धर्म, तप, त्याग एवं संस्कारों के मंगल संदेश से गुंजायमान रही। गुरूराज जन्म द्विशताब्दी “सुयं मे” वर्षावासोत्सव–3 चातुर्मास के अंतर्गत पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा की समुदायवर्ती साध्वी श्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. आदि ठाणा–4 की निश्रा में सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।</p>
<h2>नन्हे बच्चों की संघ यात्रा बनी मुख्य आकर्षण</h2>
<p class="isSelectedEnd">आयोजन का मुख्य आकर्षण नन्हे बच्चों की संघ यात्रा रही। पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने बाल संघपति बनकर धार्मिक यात्रा में सहभागिता की। राजेन्द्र सूरि पौषधशाला से नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर तक निकली इस यात्रा में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी मासूम मुस्कान, धार्मिक भाव एवं अनुशासन ने समाजजनों का मन मोह लिया। यह यात्रा नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी दे गई।</p>
<h2>45 आगम एकासन तपस्वियों का हुआ बहुमान</h2>
<p class="isSelectedEnd">नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर के सामने नागदा रोड स्थित शिवानी गार्डन में 45 आगम एकासन तपस्वियों का बहुमान किया गया। समाजजनों ने तपस्वियों की कठिन साधना, त्याग एवं संयम की भावपूर्वक अनुमोदना की। तपस्वियों के सम्मान के दौरान वातावरण श्रद्धा एवं भक्तिभाव से भर उठा।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम का शुभारंभ महेश्वरी भवन में आयोजित नवकारसी से हुआ। नवकारसी के लाभार्थी माणकलालजी उल्लासजी गांग परिवार रहे। इसके पश्चात राजेन्द्र सूरि पौषधशाला से संघ यात्रा निकाली गई। शिवानी गार्डन में तपस्वियों के बहुमान के बाद स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन शामिल हुए।</p>
<h2>समारोह में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति</h2>
<p class="isSelectedEnd">समारोह में विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष श्री गोविंदजी भरावा, अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिलजी दसेड़ा (जावरा), राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री ब्रजेशजी बोहरा (नागदा), अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती प्रेमाबेन मांगीलालजी गांधी मुथा, राष्ट्रीय महामंत्री संगीता जी पोरवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती निशाजी वनवट (खाचरौद), प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पंकजजी डूंगरवाल, प्रांतीय सचिव श्री संजयजी कोठारी (उज्जैन), स्थानीय परिषद अध्यक्ष श्री पंकज चौहान, श्रीसंघ अध्यक्ष श्री माणकलालजी नान्देचा, चातुर्मास समिति सचिव श्री राजेन्द्र नान्देचा, श्रीसंघ वरिष्ठ श्री देवेन्द्रजी वनवट एवं श्री घेवरचन्दजी नान्देचा ओरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में संगीत प्रवाक अभिषेक जैन (नागदा) ने मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-359341" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm.jpeg" alt="whatsapp image 2026 09 20 at 3.54.12 pm" width="1600" height="1066" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm-300x200.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm-1024x682.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm-768x512.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.12-pm-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<h2>धार्मिक कार्यों के लाभार्थियों का विशेष योगदान</h2>
<p class="isSelectedEnd">आयोजन में विभिन्न धार्मिक कार्यों के लाभार्थियों का भी विशेष योगदान रहा। आकर्षक रथ यात्रा में प्रभुजी को विराजमान करने का लाभ रत्नचंदजी राजल बाई परिवार एवं राजेन्द्र कुमार-भूपेन्द्र कुमार लुणावत ने लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बग्गी में गुरुदेव को विराजमान करने का लाभ श्रीमती मोवनबाई फतेहचन्द्रजी नांदेचा परिवार ने लिया। बाल संघपतियों के तिलक बहुमान का लाभ चन्द्रप्रकाशजी सूरजमलजी डेंगरा परिवार, साफा बहुमान का लाभ श्रीमती मोवनबाई फतेहचन्द्रजी नांदेचा परिवार एवं पाद पक्षालन का लाभ मन्नालालजी सा. नागदा परिवार ने लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी प्रकार बाल संघपतियों के उपहार द्वारा बहुमान का लाभ बालचंदजी लालचंदजी भंडारी परिवार तथा संघ माला से बहुमान का लाभ कांतिलालजी सोभागमलजी गेलड़ा परिवार ने लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">तपस्वियों के माला एवं तिलक से बहुमान का लाभ श्रीमती चंदाबाई उल्लासमलजी एवं श्री पंकजजी वागरेचा ने तथा उपहार द्वारा बहुमान का लाभ श्रीमान शांतिलालजी राजेशजी कटारिया परिवार ने लिया।</p>
<h2>धर्म, तप, त्याग और संस्कारों का अनुपम संगम</h2>
<p class="isSelectedEnd">समूचा <strong>खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव</strong> धर्म, तप, त्याग एवं संस्कारों का अनुपम संगम बन गया। तपस्वियों ने अपनी साधना से समाज को संयम एवं त्याग का संदेश दिया, वहीं नन्हे संघपतियों की सहभागिता ने बाल संस्कार एवं धार्मिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।</p>
<p>आयोजन श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ खाचरौद एवं “सुयं मे” वर्षावासोत्सव–3 चातुर्मास समिति 2026, खाचरौद के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-359340" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm.jpeg" alt="whatsapp image 2026 09 20 at 3.54.17 pm" width="1600" height="1066" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm-300x200.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm-1024x682.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm-768x512.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-3.54.17-pm-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
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		<title>अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की भव्य संयम वंदन यात्रा, राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने किए साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी के दर्शन</title>
		<link>https://swarajvani.com/akhil-bhartiya-rajendra-jain-mahila-parishad-sanyam-vandan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2026 11:32:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Mahidpur]]></category>
		<category><![CDATA[Akhil Bharatiya Rajendra Jain Mahila Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Amritrasa Shri Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Samaj News]]></category>
		<category><![CDATA[Mahidpur Road News]]></category>
		<category><![CDATA[Prem Ben Mutha]]></category>
		<category><![CDATA[Rajendra Jain Mahila Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Sangeeta Ben Porwal]]></category>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम बेन मुथा और राष्ट्रीय महामंत्री संगीता बेन पोरवाल सहित पदाधिकारियों ने महिदपुर रोड में साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज ... <a title="अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की भव्य संयम वंदन यात्रा, राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने किए साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी के दर्शन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/akhil-bhartiya-rajendra-jain-mahila-parishad-sanyam-vandan/" aria-label="Read more about अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की भव्य संयम वंदन यात्रा, राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने किए साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी के दर्शन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम बेन मुथा और राष्ट्रीय महामंत्री संगीता बेन पोरवाल सहित पदाधिकारियों ने महिदपुर रोड में साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा के दर्शन-वंदन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<h1>अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की भव्य संयम वंदन यात्रा, राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने किए साध्वी जी के दर्शन</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>रिपोर्टर – सचिन भंडारी, जैन समाज मीडिया प्रभारी</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>महिदपुर रोड। अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद</strong> की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम बेन मुथा, महिला परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री संगीता बेन पोरवाल, विनोद जी पोरवाल एवं मांगीलाल जी मुथा का महिदपुर रोड नगर में चातुर्मास हेतु विराजित परमपूज्य साध्वी जी भगवंत डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा के दर्शन-वंदन हेतु आगमन हुआ।</p>
<h2>अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की संयम वंदन यात्रा</h2>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय पदाधिकारी <strong>संयम वंदन यात्रा</strong> लेकर विभिन्न नगरों में विराजित साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन एवं खमत खामणा करते हुए धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में पदाधिकारी महिदपुर रोड पहुंचे और परमपूज्य साध्वी जी भगवंत डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा के दर्शन-वंदन किए।</p>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम बेन मुथा, राष्ट्रीय महामंत्री संगीता बेन पोरवाल, विनोद जी पोरवाल एवं मांगीलाल जी मुथा ने पूज्य साध्वी जी भगवंत की मंगलमय सुखसाता पूछी। इस दौरान सभी ने सामूहिक रूप से <strong>मिच्छामि दुक्ढम</strong> किया।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-359336" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1.jpeg" alt="whatsapp image 2026 09 20 at 4.38.33 pm 1 1" width="1152" height="519" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1.jpeg 1152w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1-300x135.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1-1024x461.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-20-at-4.38.33-pm-1-1-768x346.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1152px) 100vw, 1152px" /></a></p>
<h2>साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी ने दिया मंगल आशीर्वाद</h2>
<p class="isSelectedEnd">पूज्य साध्वी जी द्वारा सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। साथ ही कहा गया कि इसी प्रकार निरंतर जिन शासन की सेवा करते हुए धर्म प्रभावना के कार्य करते रहें।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहां से पदाधिकारी खाचरोद और मंदसौर होते हुए अनेक नगरों में विराजित साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन एवं खमत खामणा करने हेतु विभिन्न नगरों में पहुंच रहे हैं। पूज्य गुरु भगवंतों का मंगल आशीर्वाद लेकर धर्म लाभ प्राप्त करना इस संयम वंदन यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।</p>
<h2>उज्जैन नयापुरा जैन श्री संघ के 50 से अधिक सदस्य रहे उपस्थित</h2>
<p class="isSelectedEnd">जैन समाज मीडिया प्रभारी <strong>सचिन भंडारी</strong> ने बताया कि इस अवसर पर उज्जैन नयापुरा जैन श्री संघ के अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारी, सदस्य और महिलाएं भी उपस्थित रहे। <strong>50 से अधिक समाजजनों</strong> ने परमपूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा के दर्शन-वंदन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p>अखिल भारतीय राजेंद्र जैन महिला परिषद की इस संयम वंदन यात्रा के माध्यम से विभिन्न नगरों में साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन, खमत खामणा और जिन शासन की प्रभावना का क्रम निरंतर जारी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर की 161वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई</title>
		<link>https://swarajvani.com/abhishek-shantidhara-and-64-riddhi-mahamandal-vidhan-held-at-adinath-jinalaya-manak-chowk-lal-mandir/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 12:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[161st Birth Anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[64 Riddhi Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Adinath Jinalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Religious Event]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Samaj News]]></category>
		<category><![CDATA[Manak Chowk Lal Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Samprabhsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shantanu Sagar Ji]]></category>
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					<description><![CDATA[पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर की 161वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई आदिनाथ जिनालय माणक चौक लाल मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और 64 ऋद्धि महामंडल विधान का ... <a title="पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर की 161वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई" class="read-more" href="https://swarajvani.com/abhishek-shantidhara-and-64-riddhi-mahamandal-vidhan-held-at-adinath-jinalaya-manak-chowk-lal-mandir/" aria-label="Read more about पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर की 161वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर की 161वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई</strong></h1>
<h2><strong>आदिनाथ जिनालय माणक चौक लाल मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और 64 ऋद्धि महामंडल विधान का हुआ आयोजन</strong></h2>
<p><strong>माणक चौक।</strong> परम पूज्य मुनि कुंजर पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर महाराज की 161वीं जन्म जयंती आदिनाथ जिनालय माणक चौक स्थित लाल मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। परम पूज्य प्राकृताचार्य श्री सुनील सागर जी महामुनिराज के संघस्थ पूज्य मुनि श्री 108 संप्रभसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शांतनु सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित जन्म जयंती महोत्सव में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।</p>
<p>जन्म जयंती महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना करने के साथ पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी महाराज के जीवन, तप, त्याग और संयम का स्मरण किया। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाजजनों को साधना एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।</p>
<h2><strong>अभिषेक और शांतिधारा से हुआ शुभारंभ</strong></h2>
<p>धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभावपूर्वक अभिषेक कर विश्व शांति, समाज की सुख-समृद्धि और सभी जीवों के कल्याण की मंगल कामना की।</p>
<p>अभिषेक एवं शांतिधारा के पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य संजय जैन और बाबूलाल कोठारी को प्राप्त हुआ। मंत्रोच्चार के बीच संपन्न शांतिधारा के दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान जिनेंद्र देव एवं आचार्य परमेष्ठी के जयकारों से गूंज उठा।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने शांतिधारा के बाद सामूहिक पूजन किया और अपने जीवन में अहिंसा, सत्य, संयम एवं सदाचार को अपनाने का संकल्प लिया।</p>
<h2><strong>64 ऋद्धि महामंडल विधान में अर्पित किए अर्घ्य</strong></h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-357786 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6-300x225.jpeg" alt="tryrrt6" width="405" height="304" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6-1536x1152.jpeg 1536w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/tryrrt6.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 405px) 100vw, 405px" /><span style="font-size: inherit;">अभिषेक और शांतिधारा के बाद मंदिर में 64 ऋद्धि महामंडल विधान का आयोजन किया गया। विधान में श्रद्धालुओं ने भक्तिभावपूर्वक मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य समर्पित किए। धार्मिक संगीत और भजनों के बीच हुए विधान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।</span></p>
<p>मुकेश जैन ने सौधर्म इंद्र का स्वरूप धारण कर विधान मंडल पर अर्घ्य समर्पित किया। उनके साथ विदर्भ जैन, सुरेश जैन, अनिल जैन और अन्य श्रावकों ने भी इंद्र बनकर विधान की विभिन्न धार्मिक क्रियाओं में सहभागिता की।</p>
<p>विधान के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना करते हुए आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा की भावना व्यक्त की। पूजा में महिला-पुरुषों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।</p>
<h2><strong>काला परिवार ने किया दीप प्रज्ज्वलन</strong></h2>
<p>जन्म जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जम्बू कुमार एवं अम्बू कुमार काला परिवार को दीप प्रज्ज्वलन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p>दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से ज्ञान, दर्शन और चारित्र रूपी प्रकाश को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी महाराज के चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया।</p>
<h2><strong>आदिसागर महाराज के तप और संयम से लें प्रेरणा</strong></h2>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर महाराज के तप, साधना, त्याग और संयम पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महाराज के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायी और चमत्कारिक घटनाओं का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्ममय एवं अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा दी।</p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हम अपने आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। तप और संयम केवल मुनियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रत्येक गृहस्थ के जीवन में भी महत्वपूर्ण हैं। व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार इच्छाओं पर नियंत्रण रखकर तथा धार्मिक नियमों का पालन कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।</p>
<p>उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन जीने की कला समझाई। मुनि श्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, धैर्य और विवेक का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे आंतरिक विकार मनुष्य को उसके वास्तविक आत्मस्वरूप से दूर करते हैं।</p>
<h2><strong>सादगी, त्याग और आत्मानुशासन का दिया संदेश</strong></h2>
<p>धर्मसभा में बताया गया कि पूर्वाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलीकर महाराज का जीवन कठोर तपस्या, त्याग और संयम का अनुपम उदाहरण था। उन्होंने अपने साधनामय जीवन के माध्यम से समाज को अहिंसा, आत्मानुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।</p>
<p>श्रद्धालुओं से आह्वान किया गया कि वे आचार्य श्री के आदर्शों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी उनका अनुसरण करें। धार्मिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और बच्चों को जिनवाणी एवं जैन दर्शन से जोड़ना भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताई गई।</p>
<h2><strong>मनीष जैन ने किया कार्यक्रम का संचालन</strong></h2>
<p>महोत्सव के प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया कि विधानाचार्य मनीष जैन ने संपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम का विधिपूर्वक संचालन कराया। उनके निर्देशन में अभिषेक, शांतिधारा, महामंडल विधान और अन्य धार्मिक क्रियाएं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुईं।</p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर सनत जैन ने सभी साधु-संतों, पुण्यार्जक परिवारों, अतिथियों, आयोजन सहयोगियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p>इस अवसर पर पवन जैन, अनिल जैन, आशीष जैन, पुष्पा काला, संगीता जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के साधर्मी बंधु उपस्थित रहे। जन्म जयंती महोत्सव का समापन भगवान की आरती, गुरु वंदना और मंगलकामना के साथ हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिन बदलते देर नहीं लगती, कर्म किसी को नहीं छोड़ता’, विशुद्धसागर जी ने गिरनार पर भी दिया बड़ा संदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/vishuddhasagar-ji-gurudev-girnar-jain-dharm-sabha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 14:51:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vishuddhasagar Ji]]></category>
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		<category><![CDATA[विशुद्धसागर जी गुरुदेव]]></category>
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					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने दिल्ली ऋषभ विहार की मंगल देशना में कर्म, अहंकार, जीवन और गिरनार तीर्थ पर विशेष संदेश दिया। दिन बदलते देर नहीं लगती, कर्म ... <a title="दिन बदलते देर नहीं लगती, कर्म किसी को नहीं छोड़ता’, विशुद्धसागर जी ने गिरनार पर भी दिया बड़ा संदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/vishuddhasagar-ji-gurudev-girnar-jain-dharm-sabha/" aria-label="Read more about दिन बदलते देर नहीं लगती, कर्म किसी को नहीं छोड़ता’, विशुद्धसागर जी ने गिरनार पर भी दिया बड़ा संदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने दिल्ली ऋषभ विहार की मंगल देशना में कर्म, अहंकार, जीवन और गिरनार तीर्थ पर विशेष संदेश दिया।</p>
<p>दिन बदलते देर नहीं लगती, कर्म किसी को नहीं छोड़ता: पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी गुरुदेव</p>
<p>‘रावण सीता का हरण तो कर सका, पर अपना न बना सका; ऐसे ही गिरनार तीर्थ जैनों का था, है और रहेगा’</p>
<p>प्रस्तुति: राजेश जैन दद्दू, प्रचारक-जिन शासन एकता संघ | दैनिक स्वराज वाणी</p>
<p>दिल्ली/इंदौर। दिगंबर जैन पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने दिल्ली ऋषभ विहार में रविवार की मंगल देशना में कहा कि सबके दिन एक जैसे नहीं होते। दिन बदलते देर नहीं लगती और जिंदगी में किसके साथ क्या हो जाए, इसका पता नहीं। इसलिए मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।</p>
<p>गुरुदेव ने उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम को राज्य मिलने वाला था, उसी दिन वनवास हो गया। श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ और सती सीता को गर्भवती अवस्था में वन में छोड़ दिया गया। देखते ही देखते समय बदल जाता है।</p>
<p>गिरनार तीर्थ पर दी विशेष देशना</p>
<p>पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने कहा, “रावण ने सीता का हरण तो किया, लेकिन उन्हें अपना नहीं बना सका। इसी प्रकार गिरनार तीर्थ जैनों का था, है और रहेगा।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसी वस्तु को छीना जा सकता है, लेकिन उससे उसके वास्तविक स्वरूप और पहचान को नहीं बदला जा सकता।</p>
<p>‘अपमान नहीं, अपनत्व दो’</p>
<p>गुरुदेव ने कहा कि जिंदगी संभलकर जिएं और किसी का तिरस्कार न करें। “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाएं। बुरे कर्म का फल बुरा ही होता है। क्षणभर की कषाय जीव को भव-भव तक पीड़ित कर सकती है। कर्म किसी को नहीं छोड़ता। जैसा बीज बोया जाता है, वैसी ही फसल प्राप्त होती है।</p>
<p>भजन करो, भगवान बनो</p>
<p>गुरुदेव ने कहा कि दान देने से यश मिलता है, जिनेन्द्र प्रभु की पूजा और साधुओं की सेवा से जीवन में श्रेष्ठता आती है। श्रेष्ठता प्राप्त करनी है तो श्रेष्ठ कार्य करना आवश्यक है।</p>
<p>अंत में उन्होंने कहा कि प्रभु का नाम स्मरण करें, मंत्र जाप से मन को स्थिर रखें और सही सोचें, सही बोलें तथा सही रास्ते पर चलें। प्रयत्नपूर्वक प्रण, प्राण और यश की रक्षा करना ही धर्म है।</p>
<p>धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान महावीर के जन्म वाचन पर गूंजे जयकारे, नागदा में भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ जिनालय</title>
		<link>https://swarajvani.com/paryushan-mahavir-janm-vachan-nagda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:08:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
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		<category><![CDATA[शांतिनाथ जिनालय]]></category>
		<category><![CDATA[सरोज श्रीजी]]></category>
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					<description><![CDATA[पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन के दौरान नागदा के जिनालय जयकारों से गूंज उठे। साध्वीश्री की निश्रा में जन्म कल्याणक, पालना और धार्मिक आयोजन हुए। पर्यूषण पर्व में ... <a title="भगवान महावीर के जन्म वाचन पर गूंजे जयकारे, नागदा में भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ जिनालय" class="read-more" href="https://swarajvani.com/paryushan-mahavir-janm-vachan-nagda/" aria-label="Read more about भगवान महावीर के जन्म वाचन पर गूंजे जयकारे, नागदा में भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ जिनालय">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन के दौरान नागदा के जिनालय जयकारों से गूंज उठे। साध्वीश्री की निश्रा में जन्म कल्याणक, पालना और धार्मिक आयोजन हुए।</p>
<h1>पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन का भव्य उत्सव, जयकारों से गूंजा जिनालय</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>भगवान का जीवन केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत</strong></p>
<p class="isSelectedEnd">
<strong>नागदा।</strong> <strong>पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन</strong> के अवसर पर शनिवार को श्वेतांबर और स्थानक में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा। पर्यूषण पर्व के पांचवें दिन भगवान महावीर के जन्म पन्ने का वाचन किया गया। जैसे ही साध्वीश्री द्वारा जन्म पन्ने का वाचन किया गया, जिनालय भगवान महावीर के जयकारों से गूंज उठे।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रद्धालुओं ने कुमकुम से भगवान के पगलिए बनाए और अक्षत उड़ाकर भगवान के आगमन की खुशियां मनाईं। रविवार को जैन कॉलोनी स्थित शांतिनाथ जिनालय में भगवान के जन्म पन्ने का वाचन होगा और खुशियां मनाई जाएंगी।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-357061" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 09 13 at 12.11.56 PM" width="1600" height="738" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-300x138.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1024x472.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-768x354.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1536x708.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<h2>पार्श्व प्रधान पाठशाला में पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन का उत्सव</h2>
<p class="isSelectedEnd">चंद्रप्रभु जिनालय और पार्श्व प्रधान पाठशाला में शनिवार को वीर जन्म वाचन समारोह आयोजित हुआ। साध्वीश्री अर्हमव्रता श्रीजी मसा आदि ठाणा 4 की निश्रा में भगवान महावीर स्वामी के जन्म प्रसंग का मंगल वाचन होते ही जिनालय परिसर भगवान महावीर स्वामी के जयकारों से गूंज उठा।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के जन्मोत्सव की अनुमोदना कर भक्ति और उल्लास के साथ पालना झुलाया। साध्वी भगवंतों ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन और उनके अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अनेकांत और संयम के संदेश पर प्रकाश डाला।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का जीवन केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाकर ही हम सच्चे अर्थों में पर्युषण महापर्व की आराधना कर सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जन्म वाचन के बाद पालनाजी का चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर लाभार्थी परिवार <strong>भेरूलाल पारसमल मेवानगर वाले चौधरी परिवार</strong> के निवास स्थान पर पहुंचा। यहां रात में भक्ति का आयोजन किया गया।</p>
<h2>स्थानक भवन में भी भगवान महावीर के जन्म पन्ने का वाचन</h2>
<p class="isSelectedEnd">शनिवार को स्थानक भवन में भी <strong>पर्यूषण पर्व में भगवान महावीर जन्म वाचन</strong> का आयोजन हुआ। महासति <strong>चारित्र प्रभ श्रीजी मसा</strong> की निश्रा में आयोजन संपन्न हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">मीडिया प्रभारी <strong>नितिन बुड़ावनवाला</strong> ने बताया कि महासती <strong>सरोज श्रीजी</strong> ने कहा कि जीवन में कितने ही उतार-चढ़ाव, विकटता या कैसी भी परिस्थिति आ जाए, अपने धर्म के प्रति विचलित मत होना। धर्म के मार्ग पर चलना आसान है, पर निरंतर, अटल और संकल्पी बने रहना ही सच्ची ताकत है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद त्रिशला माता के 14 स्वप्न और भगवान महावीर के जन्म कल्याणक का वाचन किया गया। भगवान महावीर का जन्म वाचन सुनना मात्र नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारना है। जिस तरह त्रिशला माता ने 14 स्वप्न देखकर तीर्थंकर को जन्म दिया, उसी तरह हमें भी अपने जीवन में ऊंचे स्वप्न और ऊंचे विचार रखने चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रवचन पश्चात की प्रभावना का लाभ <strong>अजीत सिद्धार्थ कांठेड, नरेश नितिन ओरा और संपतबाई सुनील कोठारी परिवार</strong> द्वारा लिया गया।</p>
<h2>रविवार को होगा 21 घंटे की दया तप का आयोजन</h2>
<p>21 घंटे की दया तप का आयोजन रविवार को किया जाएगा। इसकी प्रभावना चातुर्मास समिति द्वारा दी जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-357063" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 09 13 at 12.11.56 PM 1 1" width="1600" height="738" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1-300x138.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1-1024x472.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1-768x354.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-13-at-12.11.56-PM-1-1-1536x708.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्थान का बड़ा फैसला: जैन पर्वों पर मांस बिक्री और बूचड़खाने बंद, मध्यप्रदेश में भी उठी मांग</title>
		<link>https://swarajvani.com/jain-parv-mans-bikri-band/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 19:52:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Samaj News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनंत चतुर्दशी 2026]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[क्षमावाणी पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[जिन शासन एकता संघ]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ जैनेन्द्र जैन]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ. मोहन यादव]]></category>
		<category><![CDATA[पर्युषण पर्व 2026]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[मयंक जैन]]></category>
		<category><![CDATA[राकेश गोहिल]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[राजेश जैन दद्दू]]></category>
		<category><![CDATA[संवत्सरी महापर्व]]></category>
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					<description><![CDATA[जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद करने के राजस्थान सरकार के निर्णय का राजेश जैन दद्दू, मयंक जैन और राकेश गोहिल ने स्वागत किया। मध्यप्रदेश में भी पर्युषण-संवत्सरी, अनंत चतुर्दशी ... <a title="राजस्थान का बड़ा फैसला: जैन पर्वों पर मांस बिक्री और बूचड़खाने बंद, मध्यप्रदेश में भी उठी मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jain-parv-mans-bikri-band/" aria-label="Read more about राजस्थान का बड़ा फैसला: जैन पर्वों पर मांस बिक्री और बूचड़खाने बंद, मध्यप्रदेश में भी उठी मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद करने के राजस्थान सरकार के निर्णय का राजेश जैन दद्दू, मयंक जैन और राकेश गोहिल ने स्वागत किया। मध्यप्रदेश में भी पर्युषण-संवत्सरी, अनंत चतुर्दशी और क्षमावाणी पर प्रतिबंध की मांग की गई।</p>
<h1>जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद: राजस्थान सरकार का सराहनीय फैसला, मध्यप्रदेश में भी प्रतिबंध की मांग</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंदौर। जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद</strong> करने के राजस्थान सरकार के निर्णय का राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने स्वागत किया है। संघ के राष्ट्रीय प्रचारक <strong>राजेश जैन दद्दू</strong>, <strong>मयंक जैन</strong> एवं <strong>राकेश गोहिल</strong> ने इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार का आभार जताया है। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार से भी इसी तरह के आदेश जारी करने की मांग की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजस्थान सरकार ने <strong>15 सितंबर 2026 को पर्युषण पर्व एवं संवत्सरी महापर्व, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर 2026 को क्षमावाणी पर्व</strong> के अवसर पर राजस्थान में समस्त बूचड़खानों एवं मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।</p>
<h2>जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद करने के निर्णय का स्वागत</h2>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राष्ट्रीय प्रचारक <strong>राजेश जैन दद्दू</strong> ने कहा कि राजस्थान सरकार का यह निर्णय जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जैन धर्म का मूल सिद्धांत <strong>‘अहिंसा परमो धर्मः’</strong> है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दद्दू ने कहा कि पर्युषण, संवत्सरी और क्षमावाणी आत्मशुद्धि, क्षमा और जीवदया के पर्व हैं। इन पवित्र दिनों में जीव हिंसा पर रोक लगाना न केवल जैन समाज की भावनाओं का सम्मान है, बल्कि भारतीय संस्कृति की <strong>‘जियो और जीने दो’</strong> की भावना का भी सम्मान है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने यह सिद्ध किया है कि सरकार सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करती है। यह निर्णय करोड़ों शाकाहारी और जैन समाजजनों की भावनाओं को सुकून देने वाला है।</p>
<h2>मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का आदेश जारी करने की मांग</h2>
<p class="isSelectedEnd"><strong>राजेश जैन दद्दू</strong> ने राजस्थान की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार से भी जैन पर्वों पर मांस बिक्री बंद रखने का आदेश जारी करने की मांग की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश है और यहां भी बड़ी संख्या में जैन समाज निवास करता है। <strong>इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सागर, अशोक नगर और उज्जैन</strong> सहित पूरे प्रदेश में दसलक्षण महापर्व एवं पर्युषण बड़ी श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजेश जैन दद्दू ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>डॉ. मोहन यादव</strong> से मांग करते हुए कहा कि राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी <strong>15 सितंबर को पर्युषण-संवत्सरी, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर को क्षमावाणी पर्व</strong> के अवसर पर समस्त बूचड़खाने, मांस-मछली की दुकानें और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।</p>
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<h2>डॉ. जैनेन्द्र जैन ने भी किया मांग का समर्थन</h2>
<p class="isSelectedEnd">समाज के वरिष्ठ समाजसेवी <strong>डॉ. जैनेन्द्र जैन</strong> ने कहा कि यह केवल जैन समाज की मांग नहीं, बल्कि अहिंसा में विश्वास रखने वाले सभी समाजों की मांग है। इससे प्रदेश में अहिंसा, शाकाहार और करुणा का संदेश और मजबूत होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इस संबंध में <strong>मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं नगरीय प्रशासन विभाग</strong> को पत्र भेजकर मांग की है कि राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी जैन धर्म के प्रमुख पर्वों पर मांस-मछली की बिक्री और बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाया जाए।</p>
<h3>प्रमुख तारीखें</h3>
<ul data-spread="false">
<li><strong>15 सितंबर 2026:</strong> पर्युषण-संवत्सरी महापर्व</li>
<li><strong>25 सितंबर 2026:</strong> अनंत चतुर्दशी</li>
<li><strong>27 सितंबर 2026:</strong> क्षमावाणी पर्व</li>
</ul>
<p><strong>रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू</strong><br />
<strong>राष्ट्रीय प्रचारक, जिन शासन एकता संघ, इंदौर</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया, देशभर से मिले शुभकामना संदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/former-union-minister-pradeep-jain-aditya-celebrates-birthday-receives-wishes-from-across-the-country/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 10:21:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand News]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Leader]]></category>
		<category><![CDATA[Former Union Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Minority Status]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Samaj News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pra]]></category>
		<category><![CDATA[Political News]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Jain Daddu]]></category>
		<category><![CDATA[Rural Development]]></category>
		<category><![CDATA[Social Service]]></category>
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					<description><![CDATA[पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया, देशभर से मिले शुभकामना संदेश जैन समाज के पदाधिकारियों, संत-श्रमणों और राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन ... <a title="पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया, देशभर से मिले शुभकामना संदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/former-union-minister-pradeep-jain-aditya-celebrates-birthday-receives-wishes-from-across-the-country/" aria-label="Read more about पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया, देशभर से मिले शुभकामना संदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया, देशभर से मिले शुभकामना संदेश</strong></h1>
<h2><strong>जैन समाज के पदाधिकारियों, संत-श्रमणों और राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना</strong></h2>
<p><strong>राजेश जैन दद्दू | इंदौर</strong><br />
<strong>दैनिक स्वराज वाणी</strong></p>
<p><strong>इंदौर।</strong> भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जैन समाज के प्रमुख व्यक्तित्व प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देशभर के जैन समाज के विभिन्न संगठनों, संत-श्रमणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की।</p>
<p>पूर्व शहर कांग्रेस कमेटी महामंत्री एवं जैन समाज के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदीप जैन ‘आदित्य’ की पहचान एक सरल, सहज, मिलनसार और जनसेवा के प्रति समर्पित राजनेता के रूप में है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहे। यही कारण है कि उनके जन्मदिन पर देश के विभिन्न हिस्सों से शुभकामना संदेश प्राप्त हुए।</p>
<h2><strong>जनसेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा जीवन</strong></h2>
<p>राजेश जैन दद्दू ने कहा कि प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने का प्रयास किया। वे आम आदमी की आवाज को बुलंद करने और लोगों के दुख-सुख में सहभागी बनने के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता निभाई है।</p>
<p>उनके समर्थकों के अनुसार, प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का व्यवहार छोटे से छोटे कार्यकर्ता के प्रति भी आत्मीय रहता है। वे कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बनाए रखते हैं और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं पर ध्यान देते हैं। उनके इसी सरल और सहज स्वभाव ने उन्हें कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों के बीच लोकप्रिय बनाया है।</p>
<h2><strong>केंद्रीय मंत्री के रूप में किए विकास कार्यों को किया याद</strong></h2>
<p>जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों और शुभकामना संदेशों में प्रदीप जैन ‘आदित्य’ के केंद्रीय मंत्री के रूप में किए गए कार्यों को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बुंदेलखंड सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर काम करते हुए उन्होंने आम नागरिकों की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की भूमिका निभाई।</p>
<p>समाजजनों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा है। वे सामाजिक सद्भाव, धार्मिक प्रभावना, जरूरतमंदों की सहायता और समाज के संगठन से जुड़े विषयों पर भी निरंतर सक्रिय रहे हैं। उनके कार्यों और जनसंपर्क शैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।</p>
<h2><strong>जैन समाज में विशेष सम्मान</strong></h2>
<p>वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने प्रदीप जैन ‘आदित्य’ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जन-जन की आवाज हैं। उन्होंने अपने मंत्री कार्यकाल में बुंदेलखंड सहित देश के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। वे मुनि सेवा, धर्म प्रभावना और समाजसेवा से जुड़े कार्यों में सदैव अग्रणी रहते हैं।</p>
<p>डॉ. जैनेन्द्र जैन ने कहा कि प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का जैन समाज में विशेष सम्मान है। वे धार्मिक आयोजनों, सामाजिक अभियानों और समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करते हैं। संतों एवं मुनिराजों के प्रति उनकी श्रद्धा तथा सेवा भावना समाज के लोगों को प्रेरित करती है।</p>
<h2><strong>अल्पसंख्यक दर्जे के प्रयासों में योगदान को सराहा</strong></h2>
<p>इस अवसर पर जैन समाज के पदाधिकारियों ने जैन समुदाय को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने से जुड़े प्रयासों में प्रदीप जैन ‘आदित्य’ के योगदान का भी उल्लेख किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को शासन और संबंधित मंचों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।</p>
<p>समाजजनों के अनुसार, उन्होंने जैन धर्म, संस्कृति, धार्मिक विरासत और समाज की विशिष्ट पहचान के संरक्षण से जुड़े विषयों पर हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ उनके निरंतर संवाद के कारण जैन समाज में उनके प्रति विशेष सम्मान और आत्मीयता है।</p>
<h2><strong>सरल और मिलनसार स्वभाव उनकी पहचान</strong></h2>
<p>राजेश जैन दद्दू ने कहा कि प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का सरल, सहज एवं मिलनसार स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। राजनीति और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों से अपना जुड़ाव बनाए रखा। उनसे मिलने वाला प्रत्येक व्यक्ति उनके आत्मीय व्यवहार से प्रभावित होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “प्रदीप जैन ‘आदित्य’ जैसा मिलनसार, सहयोगी और धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व विरला ही मिलता है। वे समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान देते हैं और जरूरत के समय सहयोग के लिए आगे आते हैं। उनके जन्मदिन पर हम सभी उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना करते हैं।”</p>
<h2><strong>देशभर से लगा बधाई संदेशों का तांता</strong></h2>
<p>प्रदीप जैन ‘आदित्य’ के जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से जैन समाज के संगठनों और प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े नेताओं, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, धर्मप्रेमियों, मुनि भक्तों और कार्यकर्ताओं ने फोन, संदेश एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी।</p>
<p>समर्थकों ने उनके जन्मदिन को सेवा और सद्भाव के संकल्प के रूप में मनाते हुए कहा कि समाज और देश को उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन की निरंतर आवश्यकता है। अनेक लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखी और यशस्वी जीवन की कामना की। दिनभर बधाई संदेशों का सिलसिला जारी रहा और उनके समर्थकों में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।</p>
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		<title>भायंदर में श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण, बंबोरी परिवार बना लाभार्थी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:41:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को बंबोरी परिवार ने अष्टमंगल अर्पण किया। साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने धर्मसभा में अष्टमंगल के 8 पवित्र चिन्हों का महत्व बताया। श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन ... <a title="भायंदर में श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण, बंबोरी परिवार बना लाभार्थी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/chintamani-parshwanath-jain-sangh-ashtmangal/" aria-label="Read more about भायंदर में श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण, बंबोरी परिवार बना लाभार्थी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को बंबोरी परिवार ने अष्टमंगल अर्पण किया। साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने धर्मसभा में अष्टमंगल के 8 पवित्र चिन्हों का महत्व बताया।</p>
<h1>श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण, बंबोरी परिवार ने लिया लाभ</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>अष्टमंगल से होगी मंदिर के साधारण खाते में वृद्धि, साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने बताए 8 पवित्र चिन्हों के आध्यात्मिक अर्थ</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>भायंदर।</strong> श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण का धार्मिक एवं मंगलकारी आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। गच्छाधिपति आचार्य विजय नित्यानंद सुरीश्वरजी म.सा. एवं गच्छाधिपति आचार्य कुलचंद्र सुरीश्वरजी (KC) म.सा. के आशीर्वाद से श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ द्वारा संचालित भायंदर के प्रथम ऐसे श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर को अष्टमंगल अर्पण किया गया। इससे मंदिर के साधारण खाते में वृद्धि होगी।</p>
<h2>बंबोरी परिवार ने लिया अष्टमंगल अर्पण का लाभ</h2>
<p class="isSelectedEnd">यह आयोजन संघ के तत्वावधान में गच्छाधिपति आचार्य विजय धर्म धुरंधर सुरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी सौम्यकला श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में संपन्न हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके लाभार्थी रमेश बंबोरी परिवार ने मोहनराजजी डी. बंबोरी एवं सोहनबाई मोहनराजजी बंबोरी, सादड़ी के दिव्य आशीष से अ.सौ. शकुंतला रमेश बंबोरी एवं वीणा दीपक बंबोरी के चौदह पूर्व की तपस्या पूर्ण होने के अवसर पर संघ को अष्टमंगल अर्पण किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बंबोरी परिवार के निवास स्थान से उपाश्रय पहुंचने के बाद विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ।</p>
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<h2>साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने बताया अष्टमंगल का महत्व</h2>
<p class="isSelectedEnd">धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने कहा कि जैन धर्म में <strong>अष्टमंगल 8 सबसे पवित्र और मांगलिक चिन्ह</strong> माने जाते हैं। कोई भी शुभ कार्य, पूजा, स्थापना या अर्पण इनके बिना अधूरा माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि ये आठ चिन्ह हमें मोक्ष के मार्ग की याद दिलाते हैं।</p>
<h3>जानिए अष्टमंगल के 8 पवित्र चिन्ह</h3>
<p class="isSelectedEnd"><strong>1. स्वस्तिक:</strong> शांति और चार गतियों—देव, मनुष्य, तिर्यंच और नरक से मुक्ति का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>2. श्रीवत्स:</strong> भगवान के हृदय पर स्थित चिन्ह है। यह अनंत करुणा और विशुद्ध प्रेम का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>3. नंदावर्त:</strong> बड़ा स्वस्तिक है। यह भव्यता और उच्च आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है, जिससे मोक्ष का द्वार खुलता है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>4. वर्धमानक/सम्पुट:</strong> दीपक जैसी आकृति वाला पात्र है। यह धन, वृद्धि और सांसारिक दुखों के नाश का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>5. भद्रासन/सिंहासन:</strong> भगवान के बैठने का पवित्र आसन है। यह सर्वोच्च पद और जगत के कल्याण का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>6. कलश:</strong> मंगल कलश ज्ञान रूपी अमृत से भरा हुआ माना जाता है। यह पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>7. दर्पण:</strong> आत्म दर्शन का प्रतीक है। जैसे दर्पण में अपना रूप दिखाई देता है, वैसे ही मनुष्य को अपने आत्म-स्वरूप को देखना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>8. मत्स्य युगल/मीन युगल:</strong> दो मछलियों का जोड़ा संसार रूपी सागर से पार होने और जीवन की चंचलता पर नियंत्रण का प्रतीक है।</p>
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<h2>संघ और परिवार में हमेशा मंगल की कामना</h2>
<p class="isSelectedEnd">साध्वी सौम्यकला श्रीजी ने अष्टमंगल के महत्व को समझाते हुए कहा कि जब श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ को अष्टमंगल अर्पण किया जाता है, तो इसका अर्थ है कि हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि हमारे जीवन, संघ और परिवार में हमेशा मंगल बना रहे, सभी विघ्न दूर हों और सभी जीवों को धर्म का मार्ग मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि अष्टमंगल को घर, मंदिर और शुभ प्रसंगों पर अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।</p>
<p>इस धार्मिक अवसर पर शहर की पहली पूर्व महिला विधायक <strong>गीता जैन</strong> सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। श्रद्धा और धर्ममय वातावरण के बीच संपन्न आयोजन में बंबोरी परिवार द्वारा किए गए अष्टमंगल अर्पण का विशेष महत्व रहा।</p>
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