श्री शिव श्रावण पदयात्रा के 70 से अधिक कावड़ यात्रियों का राजगढ़ क्षेत्र में फूल-माला, चाय और स्वल्पाहार से भव्य स्वागत किया गया।
श्री शिव श्रावण पदयात्रा का राजगढ़ में भव्य स्वागत
श्री शिव श्रावण पदयात्रा के तहत माँ नर्मदा घाट कोटेश्वर से उज्जैन स्थित बाबा महाकाल धाम के लिए निकले 70 से अधिक कावड़ यात्रियों का मालवा क्षेत्र में आत्मीयता और श्रद्धा के साथ भव्य स्वागत किया गया। पदयात्रियों की अगवानी फूल-मालाओं, चाय एवं स्वल्पाहार के साथ की गई।
कुक्षी के सिर्वी समाज नवयुवक संगठन द्वारा आयोजित यह धार्मिक पदयात्रा श्रद्धा और सेवा भाव का संदेश देते हुए आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान जगह-जगह समाजजनों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा पदयात्रियों का स्वागत किया जा रहा है।
पदयात्रियों का फूल-मालाओं से स्वागत
मालवा क्षेत्र में पहुंचने पर श्री शिव श्रावण पदयात्रा में शामिल सभी कावड़ यात्रियों का फूल-मालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के पहुंचने पर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सिर्वी महिला महासभा, मध्यप्रदेश राजगढ़ प्रगणा की केंद्रीय समिति सदस्य आदरणीया श्रीमती सोनू जी शंकरलाल जी बर्फ़ा ने पदयात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।उनके साथ राजगढ़ के प्रसिद्ध सब्जी मार्केट के कमीशन एजेंट श्री धन्नालाल पिता श्री गोपाल जी बर्फा तथा श्री हरिदास स्मारक ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री शंकरलाल जी बर्फ़ा भी मौजूद रहे।
सिर्वी महिला महासभा ने की अगवानी
अखिल भारतीय सिर्वी महिला महासभा, मध्यप्रदेश राजगढ़ प्रगणा की ओर से पदयात्रियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई। समाजजनों ने श्रद्धालुओं के साथ आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली और आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्रीमती सोनू जी शंकरलाल जी बर्फ़ा, श्री धन्नालाल पिता श्री गोपाल जी बर्फा और श्री शंकरलाल जी बर्फ़ा ने सेवा भाव के साथ यात्रियों का स्वागत करते हुए धार्मिक यात्रा के प्रति अपनी आस्था एवं सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया।
सेवा भाव से की गई स्वल्पाहार की व्यवस्था
पदयात्रियों के लिए स्वल्पाहार, चाय एवं विश्राम की व्यवस्था भी की गई। लंबी पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कुछ समय रुककर विश्राम करने और स्वल्पाहार ग्रहण करने का अवसर मिला।
सेवा के इस अवसर पर समाजजनों एवं क्षेत्रवासियों में भी उत्साह दिखाई दिया। पदयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई व्यवस्थाओं की यात्रियों ने सराहना की।
धार्मिक यात्राओं में सेवा को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे आयोजनों के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों का सहयोग यात्रियों के लिए उत्साह और ऊर्जा का माध्यम बनता है।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
पदयात्रियों के स्वागत के दौरान पूरा क्षेत्र “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।सावन के दौरान भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर — जिला प्रशासन, उज्जैन देश के प्रमुख शिव तीर्थों में शामिल है और बारह ज्योतिर्लिंगों में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।
मध्यप्रदेश पर्यटन भी उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर को प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल करता है। मध्यप्रदेश पर्यटन — महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
महाकाल धाम की ओर बढ़ रही यात्रा
माँ नर्मदा घाट कोटेश्वर से प्रारंभ हुई यह श्री शिव श्रावण पदयात्रा उज्जैन बाबा महाकाल धाम की ओर आगे बढ़ रही है। 70 से अधिक कावड़ यात्री श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हैं।
यात्रा के दौरान पदयात्रियों ने राजगढ़ क्षेत्र के लोगों द्वारा किए गए प्रेम, सहयोग एवं आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर समाजजनों ने भी पदयात्रियों के मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की। स्वागत कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता, धार्मिक आस्था और सेवा भावना का संदेश दिया।
उज्जैन में सावन के दौरान भगवान महाकाल से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों का विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
मध्यप्रदेश पर्यटन — उज्जैन और महाकाल की धार्मिक गतिविधियां

