सारंगपुर में पूरी रात निकला झांकियों और अखाड़ों का चल समारोह, कलाकारों का हुआ सम्मान
दैनिक स्वराज वाणी | सारंगपुर
सारंगपुर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर हिन्दू उत्सव समिति के तत्वावधान में शुक्रवार देर रात झांकियों और अखाड़ों का चल समारोह निकाला गया। रात करीब 11 बजे गांधी चौक से शुरू हुआ समारोह शनिवार सुबह लगभग 6 बजे परशुराम चौराहे पर समाप्त हुआ। करीब सात घंटे तक नगर के प्रमुख मार्गों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सजी झांकियां निकलती रहीं। अखाड़ों के कलाकारों ने भी अपने करतब प्रस्तुत किए। मार्ग में नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने झांकियों तथा कलाकारों का स्वागत किया।
गांधी चौक से शुरू हुआ चल समारोह
चल समारोह गांधी चौक से प्रारंभ होकर सदर बाजार, जामा मस्जिद, रंगेरवाड़ी, बाग कुआं और अस्पताल रोड से गुजरा। इसके बाद परशुराम चौराहे पर इसका समापन हुआ। विभिन्न समितियों की झांकियां निर्धारित मार्ग पर एक के बाद एक आगे बढ़ीं। रात का समय होने के बावजूद लोग झांकियों और अखाड़ों की प्रस्तुतियां देखने के लिए मार्ग पर मौजूद रहे।
समारोह में शामिल कलाकारों और समितियों का जगह-जगह स्वागत किया गया। सामाजिक संगठनों ने अपने मंचों के माध्यम से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। देर रात से सुबह तक चले आयोजन में दर्शकों को अलग-अलग विषयों पर तैयार झांकियां देखने को मिलीं।
राधा-कृष्ण से महाकाल के रुद्र रूप तक की झांकियां
एकता समिति ने राधा-कृष्ण की झांकी प्रस्तुत की। महादेव मित्र मंडल की ओर से भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का स्वरूप प्रदर्शित किया गया। युवा संकल्प समिति ने महाकाल के रुद्र रूप पर आधारित झांकी निकाली। इन धार्मिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए दर्शक मार्ग में रुके और समितियों की सजावट को निहारा।
प्रजापति ब्रह्माकुमारी संस्था की झांकी में भगवान गणेश के साथ ऋद्धि-सिद्धि का स्वरूप दिखाया गया। फूलमाली समाज ने हनुमान अंश और नीम करौली धाम से जुड़ी झांकी प्रस्तुत की। विभिन्न समितियों ने अपने विषयों को अलग-अलग सजावट और पात्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया, जिससे पूरे चल समारोह में विविधता बनी रही।
ऐतिहासिक और अन्य विषयों को भी मिला स्थान
बाबा मित्र मंडल, भैरू दरवाजा की झांकी में अंग्रेजों के अत्याचार को दर्शाया गया। वहीं मुक्ति धाम सेवा समिति ने ‘चक्र तीर्थ अंतिम पड़ाव’ विषय पर अपनी झांकी प्रस्तुत की। धार्मिक झांकियों के साथ इन प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
चल समारोह की झांकियों में शामिल विषयों से समितियों की अलग-अलग तैयारियां सामने आईं। किसी ने देवी-देवताओं के स्वरूप को केंद्र में रखा तो किसी ने ऐतिहासिक प्रसंग या अन्य विषय को प्रस्तुति का आधार बनाया। नगर के मार्गों से गुजरते हुए प्रत्येक समिति को अपनी झांकी प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
अखाड़ों के करतब बने आकर्षण का केंद्र
झांकियों के साथ अखाड़ों की प्रस्तुतियां भी समारोह का हिस्सा रहीं। शिव शक्ति अखाड़े के कलाकारों ने करतब दिखाए। वीर बजरंग अखाड़े में मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत करतबों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। अखाड़ों के प्रदर्शन के दौरान मार्ग पर मौजूद लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
समारोह में अखाड़ों की भागीदारी ने आयोजन को झांकियों के प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर कला और अभ्यास की प्रस्तुति का रूप दिया। देर रात तक कलाकार अपने-अपने दल के साथ आगे बढ़ते रहे और मार्ग में मौजूद दर्शकों के सामने प्रदर्शन करते रहे।
समितियों और कलाकारों को किया सम्मानित
हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष ध्रुव भल्ला, विधायक प्रतिनिधि पृथ्वीराज टेटवाल, वैभव पुष्पद, अशोक साहू, महेश पाटीदार, जितेंद्र सोलंकी और सतीश राठौर सहित समिति के सदस्यों ने झांकियों एवं अखाड़ों के कलाकारों का सम्मान किया। प्रतिभागियों को साफा पहनाया गया तथा सम्मान पत्र और शील्ड प्रदान की गई। मार्ग में लगे विभिन्न सामाजिक मंचों से भी कलाकारों और समितियों का स्वागत-सम्मान हुआ।
समारोह के दौरान एसडीएम जय सोलंकी, एडिशनल एसपी केएल बंजारे, एसडीओपी अरविंद सिंह और तहसीलदार कपिल शर्मा सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक चले इस आयोजन का समापन परशुराम चौराहे पर हुआ।
