—Advertisement—

Bhinmal संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव 2026: भव्य श्रद्धा का सैलाब, पांच मंदिरों पर फहराई गई पावन ध्वजा

Author Picture
Published On: 22 June 2026
WhatsApp Image 2026 06 22 at 8.28.42 AM 1

—Advertisement—

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव के चौथे आयोजन में Bhinmal  के धोराढाल क्षेत्र में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। पांच मंदिरों पर ध्वजारोहण, वैदिक मंत्रोच्चार, महाप्रसादी और भक्ति कार्यक्रमों ने भक्तिमय माहौल बनाया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव: पांच मंदिरों पर फहराई गई ध्वजा, श्रद्धालुओं से गूंज उठा धोराढाल क्षेत्र

रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | Bhinmal

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव का भव्य आयोजन

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव के अवसर पर सोमवार को भीनमाल के धोराढाल क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्थानीय संतोषी माता मंदिर का चौथा पाटोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र माता के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर माता रानी के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ ध्वजारोहण

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। विद्वान पंडितों द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्य आयोजन के तहत संतोषी माता मंदिर के शिखर पर लाभार्थी परिवार विजयसिंह-मानसिंह ईरानी परिवार द्वारा श्रद्धापूर्वक ध्वजा चढ़ाई गई। ध्वजारोहण के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया।इस अवसर पर मोतीलाल घांची परिवार द्वारा माता जी का विशेष शृंगार (आंगी) किया गया। माता का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

पांच मंदिरों पर फहराई गई पावन ध्वजा

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव Bhinmal के दौरान केवल संतोषी माता मंदिर ही नहीं, बल्कि धोराढाल क्षेत्र के अन्य प्रमुख मंदिरों पर भी ध्वजारोहण का विशेष आयोजन किया गया।

संतोषी माता मंदिर

संतोषी माता मंदिर पर विजयसिंह-मानसिंह ईरानी परिवार द्वारा ध्वजा चढ़ाई गई।

रामदेव मंदिर

रामदेव मंदिर के शिखर पर गुमानमल चतराराम माली परिवार द्वारा श्रद्धापूर्वक ध्वजा अर्पित की गई।

श्यामपुरी मंदिर

श्यामपुरी मंदिर में जयंतीलाल रामाराम घांची परिवार ने ध्वजारोहण कर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया।

गणपति मंदिर

गणपति मंदिर पर नगाराम केसाराम परिवार द्वारा ध्वजा फहराई गई।

हनुमानजी मंदिर

हनुमानजी मंदिर के शिखर पर मसराराम अचलाराम घांची परिवार द्वारा ध्वजा अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई।इन सभी धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

श्रद्धालुओं ने लिया माता का आशीर्वाद

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव में शामिल होने के लिए भीनमाल शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक सजावट से सजाया गया था। माता के दरबार की भव्यता देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

महाप्रसादी एवं भक्ति कार्यक्रम ने बांधा समां

धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई। बड़ी संख्या में भक्तों ने महाप्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए धार्मिक उत्सव का आनंद लिया।

WhatsApp Image 2026 06 22 at 8.28.41 AM 1

आयोजन में शहरभर से पहुंचे श्रद्धालु

संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव के दौरान Bhinmal और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। लोगों ने इसे क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण आयोजन बताया।धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी प्रसारित हुआ।

आयोजन में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • ओखाराम माली
  • विजय सिंह राव
  • भगवानाराम घांची
  • सायरपुरी गोस्वामी
  • पहाड़सिंह राव
  • जयंतीलाल घांची
  • महादेवाराम घांची
  • मोतीलाल सोलंकी
  • भवसिंह राव
  • मोतीलाल घांची
  • सोमतमल घांची
  • सवाराम घांची
  • मसराराम लोहार
  • वालाराम घांची

सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाई।

धार्मिक आयोजनों का सामाजिक महत्व

भारत की सांस्कृतिक परंपरा में मंदिरों के पाटोत्सव केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव जैसे आयोजन समाज में भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

निष्कर्ष

Bhinmal के धोराढाल स्थित संतोषी माता मंदिर पाटोत्सव का चौथा आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पांच मंदिरों पर ध्वजारोहण, वैदिक मंत्रोच्चार, माता का विशेष शृंगार, महाप्रसादी वितरण और भक्ति कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और धार्मिक उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि संतोषी माता के प्रति लोगों की आस्था दिन-प्रतिदिन और अधिक मजबूत होती जा रही है। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp