Sajjan Singh Verma का बड़ा आरोप—मतदाता सूची से 43 लाख वोट हटाए गए, BLO पर BJP से मिलीभगत का दावा
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची (Voter List) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Sajjan Singh Verma ने मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में 43 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) और भारतीय जनता पार्टी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। सज्जन सिंह वर्मा ने यह भी दावा किया कि यह गड़बड़ी केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 12 राज्यों में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) के दौरान इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
केंद्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। Sajjan Singh Verma के अनुसार, SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना होता है, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया में चयनित वर्गों को निशाना बनाकर उनके नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
43 लाख वोट हटाए जाने का दावा
Sajjan Singh Verma ने दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में कुल 43 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BLO द्वारा एक ही दिन में 50-50 फॉर्म भरवाए गए, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म भरवाना इस बात का संकेत है कि यह काम पूर्व नियोजित योजना के तहत किया गया।
BLO पर BJP से मिलीभगत का आरोप
Sajjan Singh Verma ने सबसे गंभीर आरोप BLO की भूमिका को लेकर लगाए। उन्होंने कहा कि BLO द्वारा एक ही नाम की प्रिंटेड सूची बीजेपी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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BLO खुलेआम आपत्तियां लेकर फॉर्म भरवा रहे हैं
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बीजेपी के कार्यकर्ताओं को प्रिंटेड सूची दी गई
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प्रिंटेड दुपट्टों और फॉर्म के जरिए मिलीभगत की जा रही है
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सब कुछ जनता की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।
अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों के नाम काटे गए
Sajjan Singh Verma ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के लोगों के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश है।
कांग्रेस के पास पूरी सूची होने का दावा
Sajjan Singh Verma ने दावा किया कि उनके पास मतदाता सूची से हटाए गए नामों की पूरी जानकारी मौजूद है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने निर्वाचन आयोग से 1 लाख 45 हजार मतदाताओं के नामों की सूची मांगी थी। हालांकि, उनका आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने केवल संख्या बताई, लेकिन नाम उपलब्ध नहीं कराए। उन्होंने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
Sajjan Singh Verma ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मतदाता सूची में की गई गड़बड़ियों की जांच में त्रुटियां साबित होती हैं, तो निर्वाचन आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकार का हनन है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत
Sajjan Singh Verma ने कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ियां लोकतंत्र की नींव को कमजोर करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।
