सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत Manawar के लायंस जूनियर कॉलेज में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय, थाना प्रभारी ईश्वरसिंह चौहान एवं साइबर पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, फेक लिंक और डिजिटल सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत Manawar में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के बताए प्रभावी उपाय
मनावर, 24 जून 2026
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत धार पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से लायंस जूनियर कॉलेज, मनावर में विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
सेफ क्लिक 2.0 अभियान का उद्देश्य
पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित सेफ क्लिक 2.0 अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान समय में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।
विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की जानकारी
कार्यक्रम में एसडीओपी मनावर श्री बृजेश कुमार मालवीय, थाना प्रभारी Manawar श्री ईश्वरसिंह चौहान तथा साइबर पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, फेक प्रोफाइल, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक इंटरनेट उपयोगकर्ता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के दौरान विद्यार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए—
- किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
- ओटीपी, बैंक खाता संख्या और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
- फर्जी कॉल और संदेशों से सावधान रहें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
अधिकारियों ने दिया जागरूकता का संदेश
एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी हमें बड़े आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचा सकती है।थाना प्रभारी ईश्वरसिंह चौहान ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।
विद्यालय परिवार की रही सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य श्री सुखदेव पाटीदार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों की नियमित आवश्यकता पर बल दिया।
साइबर अपराध होने पर क्या करें?
धार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
महत्वपूर्ण लिंक
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
- साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
निष्कर्ष
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। धार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान युवाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की सीख दे रहा है।



