—Advertisement—

सीवेज लाइन के लिए खोदी सड़कें समय पर नहीं सुधारीं, बारिश में फैला कीचड़; लोगों का निकलना हुआ मुश्किल

Author Picture
Published On: 16 September 2026
yutyut

—Advertisement—

सीवेज लाइन के लिए खोदी सड़कें समय पर नहीं सुधारीं, बारिश में फैला कीचड़; लोगों का निकलना हुआ मुश्किल

ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, नगर पालिका के अधिकारियों से निगरानी और तत्काल सुधार की मांग

प्रमोद कुमार जैन

नागदा। शहर में अंडरग्राउंड सीवेज लाइन बिछाने के लिए अलग-अलग वार्डों में खोदी गई सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं किए जाने से रहवासियों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के कारण सड़कों पर डाली गई मिट्टी कीचड़ में बदल चुकी है। कई स्थानों पर फिसलन होने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों को पहले जैसी स्थिति में लाने के बजाय गड्ढों में केवल मिट्टी भरकर छोड़ दिया जा रहा है। बारिश होते ही यह मिट्टी सड़क पर फैल जाती है और आसपास के घरों तक पहुंचने का रास्ता भी खराब हो जाता है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के कार्यों की प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है।

पांच महीने से चल रहा सीवेज लाइन का काम

शहर में पिछले करीब पांच महीनों से अंडरग्राउंड सीवेज लाइन डालने का काम चल रहा है। गर्मी के दिनों में सड़क खोदे जाने से धूल और आवागमन की समस्या तो थी, लेकिन बारिश शुरू होने के बाद स्थिति अधिक गंभीर हो गई है।

वार्डों की प्रमुख सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली जा रही है। काम पूरा होने के बाद सड़क को निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार समतल और सुरक्षित किया जाना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर केवल मिट्टी भरकर काम अधूरा छोड़ने का आरोप है।

इससे बारिश के दौरान मिट्टी धंस रही है और सड़क पर गहरे गड्ढे बन रहे हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण बाइक सवारों को वाहन निकालने में मुश्किल हो रही है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।

बिना जानकारी सड़क खोदने का आरोप

वार्डवासियों के अनुसार ठेकेदार द्वारा कई क्षेत्रों में पूर्व सूचना दिए बिना सड़कों की खुदाई शुरू कर दी जाती है। अचानक रास्ता बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग तलाशना पड़ता है। घरों और दुकानों के सामने खुदाई होने से दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

लोगों का कहना है कि काम शुरू करने से पहले संबंधित पार्षद और क्षेत्र के नागरिकों को जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि सड़क कितने दिनों तक बंद रहेगी और पाइपलाइन डालने के बाद उसका सुधार कब किया जाएगा।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रत्येक वार्ड के लिए कार्ययोजना सार्वजनिक करे। खुदाई, पाइपलाइन बिछाने और सड़क सुधार की निश्चित समयसीमा तय की जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े।

बारिश और त्योहारों के बीच बढ़ी परेशानी

एक ओर बारिश का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में धार्मिक और सामाजिक त्योहार आयोजित किए जा रहे हैं। जैन समाज के पर्युषण पर्व का बुधवार को अंतिम दिन है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सड़कों पर कीचड़ और खुदाई के कारण श्रद्धालुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय निवासियों को कार्यक्रमों में आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर धार्मिक पंडाल और आयोजन स्थल तक पहुंचने वाला रास्ता भी खराब हो गया है।

नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर कीचड़ और खराब रास्तों की तस्वीरें साझा कर नगर पालिका से कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठेकेदार से काम रुकवाने या पहले खोदी गई सड़कों को सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

ठेकेदार पर नियंत्रण नहीं होने का आरोप

tutyरहवासियों का कहना है कि नगर पालिका के अधिकारियों का ठेकेदार पर प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है। पहले खोदी गई सड़क ठीक किए बिना दूसरे क्षेत्र में नई खुदाई शुरू कर दी जाती है। इससे शहर में एक साथ कई रास्ते खराब हो रहे हैं।

लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि ठेकेदार को एक क्षेत्र का काम पूरी तरह समाप्त करने के बाद ही दूसरी सड़क खोदने की अनुमति दी जाए। पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को केवल मिट्टी से भरने के बजाय ठीक से दबाया जाए और आवश्यकता के अनुसार सीमेंट-कंक्रीट या डामरीकरण किया जाए।

खुदाई वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक, बैरिकेड और रात में रोशनी की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है। खुले गड्ढे अथवा धंसी हुई मिट्टी वाहन चालकों के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

सालभर चल सकती है सड़कों की खुदाई

नगर पालिका से जुड़े सूत्रों के अनुसार पूरे शहर में अंडरग्राउंड सीवेज लाइन डाली जानी है। पहले मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने वाली छोटी लाइनें डाली जाएंगी, जिन्हें घरों के सीवेज चैंबर से जोड़ा जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में करीब एक वर्ष तक खुदाई का काम चलने की संभावना है। यदि प्रत्येक चरण के बाद सड़कों को समय पर दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले महीनों में नागरिकों की परेशानी और बढ़ सकती है।

लोगों का कहना है कि सीवेज परियोजना शहर के लिए जरूरी है, लेकिन विकास कार्य व्यवस्थित योजना और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। काम के नाम पर लंबे समय तक सड़कों को खराब अवस्था में छोड़ना उचित नहीं है।

पार्षद की अनुमति के बाद होगा काम: सीएमओ

नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीष मटसेनिया ने बताया कि वर्तमान में त्योहारी सीजन चल रहा है। इसे देखते हुए ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले संबंधित पार्षद से अनुमति ली जाए।

उन्होंने कहा कि जब तक पार्षद अनुमति नहीं देंगे, तब तक उस क्षेत्र में खुदाई अथवा अन्य कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजनों और नागरिकों की आवाजाही में होने वाली परेशानी को कम करना है।

अब रहवासियों को उम्मीद है कि नगर पालिका निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए पहले से खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराएगी। साथ ही आगे होने वाले काम में सुरक्षा, समयसीमा और नागरिक सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp