राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा के तहत कूनो नेशनल पार्क में चीता परिवार का अवलोकन करने के बाद ग्वालियर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हुईं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों ने भव्य विदाई दी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा: चीता परिवार को देखने के बाद ग्वालियर से दिल्ली रवाना
ग्वालियर/श्योपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा सोमवार को मध्यप्रदेश के वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय प्रयासों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। दो दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी का आनंद लिया और चीता परिवार को नजदीक से देखा। इसके बाद वे ग्वालियर पहुंचीं, जहां उनका भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति सुबह 10:35 बजे वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस से दिल्ली के लिए रवाना हुईं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का कूनो दौरा रहा खास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा के तहत सोमवार सुबह कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। यहां उन्होंने विशेष चीता सफारी वाहन में बैठकर जंगल क्षेत्र का भ्रमण किया। राष्ट्रपति ने पार्क में मौजूद चीतों और उनके शावकों को बेहद करीब से देखा तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।कूनो नेशनल पार्क वर्तमान में देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि यहां अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों का सफल पुनर्वास किया जा रहा है।
चीता परिवार को नजदीक से देखकर जताई खुशी
सफारी के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चीता परिवार को प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते देखा। वन अधिकारियों ने उन्हें चीतों के व्यवहार, उनकी निगरानी व्यवस्था, स्वास्थ्य प्रबंधन और प्रजनन संबंधी जानकारी दी।राष्ट्रपति ने वन विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना की और कहा कि वन्यजीव संरक्षण भारत की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति ने चीता मित्रों और गाइडों से की चर्चा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा के दौरान उन्होंने आदिवासी समाज से जुड़े चीता मित्रों, सफारी ड्राइवरों और गाइडों से भी मुलाकात की।इस दौरान राष्ट्रपति ने स्थानीय लोगों से उनके अनुभव साझा किए और जाना कि किस प्रकार चीता परियोजना ने क्षेत्र में रोजगार एवं पर्यटन की नई संभावनाएं पैदा की हैं।स्थानीय समुदाय ने भी राष्ट्रपति को अपने अनुभवों और कूनो परियोजना से हुए सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी।
श्योपुर की पहचान से जुड़े उपहार किए गए भेंट
कूनो भ्रमण के पश्चात प्रशासन, वन विभाग, पुलिस विभाग और अन्य अधिकारियों द्वारा राष्ट्रपति को श्योपुर जिले की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए गए।इन उपहारों में स्थानीय कला, हस्तनिर्मित उत्पाद और क्षेत्रीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।
ग्वालियर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य विदाई समारोह
कूनो से सुबह 9:15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ग्वालियर के महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन पहुंचीं। यहां उनके सम्मान में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया।सुबह 10:35 बजे राष्ट्रपति विशेष वायुसेना विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं।
इन गणमान्य अतिथियों ने दी विदाई
ग्वालियर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति को विदाई देने के लिए कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल
- जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट
- सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह
- ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
- सांसद भारत सिंह कुशवाह
- ग्वालियर महापौर शोभा सिकरवार
इसके अतिरिक्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद
विदाई समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे—
- अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव
- डीजी होमगार्ड प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव
- संभागीय आयुक्त मनोज खत्री
- आईजी अरविंद कुमार सक्सेना
- डीआईजी असित यादव
- कलेक्टर रुचिका चौहान
- पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह
- नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय
- भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी
सभी अधिकारियों ने राष्ट्रपति के सफल मध्यप्रदेश दौरे को लेकर संतोष व्यक्त किया।
कूनो नेशनल पार्क का बढ़ता महत्व
Kuno National Park आज भारत के सबसे चर्चित वन्यजीव अभयारण्यों में शामिल हो चुका है।यह राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से चीता पुनर्वास परियोजना के कारण वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। यहां लगातार नए शावकों का जन्म होने से परियोजना की सफलता और मजबूत हुई है।
भारत की चीता परियोजना को मिला नया उत्साह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यात्रा को विशेषज्ञ चीता परियोजना के लिए मनोबल बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं।उनके दौरे से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा कूनो नेशनल पार्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी।
मध्यप्रदेश पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा लाभ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला अवसर भी माना जा रहा है।कूनो में बढ़ती पर्यटक संख्या से स्थानीय युवाओं को रोजगार, होटल व्यवसाय को बढ़ावा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
