PWD मंत्री अरुण साव का दो साल का रिपोर्ट कार्ड
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव ने अपने विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने पेश किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विभाग की उपलब्धियों को गिनाया और भविष्य के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में PWD विभाग ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर काम किया है।
मंत्री ने बताया कि पिछले दो सालों में सड़कों और पुलों के निर्माण में तेज़ी आई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई और लंबित परियोजनाओं को गति दी गई। उनके अनुसार विभाग का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करना है।
300 करोड़ रुपये से बनेगा इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर
अरुण साव ने यह भी घोषणा की कि राज्य में इंजीनियरों के कौशल विकास और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए 300 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा और इसमें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
मंत्री ने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर का उद्देश्य राज्य के इंजीनियरों को नई निर्माण विधियों और आधुनिक तकनीकी ज्ञान से अवगत कराना है। इससे राज्य में होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और इंजीनियरों की दक्षता बढ़ेगी।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
अरुण साव ने अपने दो साल के रिपोर्ट कार्ड में कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन दो वर्षों में PWD विभाग ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- सड़कों और पुलों का निर्माण: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण की गति बढ़ाई गई। कई लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा किया गया।
- कनेक्टिविटी में सुधार: राज्य के विभिन्न जिलों और गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
- गुणवत्ता और समय सीमा: विभाग ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया।
- प्रशासनिक सुधार: भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभाग ने कई प्रशासनिक सुधार किए। टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया।
पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार
PWD मंत्री अरुण साव ने कहा कि विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किए गए हैं। इससे न केवल भ्रष्टाचार कम हुआ है, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्ति भी सुनिश्चित हुई है।

ट्रेनिंग सेंटर का महत्व
नए इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से राज्य के तकनीकी ढांचे को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से इंजीनियरों को निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- नई और आधुनिक निर्माण तकनीकें
- सड़कों, पुलों और भवन निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण
- पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का अनुपालन
- परियोजना प्रबंधन और समय प्रबंधन
मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह सेंटर राज्य के इंजीनियरों के लिए एक प्रशिक्षण और कौशल विकास का केंद्र बनेगा। इससे केवल वर्तमान निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, बल्कि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए भी यह सेंटर एक महत्वपूर्ण आधारशिला साबित होगा।
बजट और भविष्य की योजनाएं
PWD मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। आगामी वर्षों में निम्नलिखित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- सड़कों का चौड़ीकरण: राज्य के प्रमुख मार्गों और ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण कर यातायात सुगमता सुनिश्चित करना।
- नए पुलों का निर्माण: नदी और नालों पर नए पुलों का निर्माण, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हो।
- ट्रेनिंग सेंटर: 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर राज्य के तकनीकी ढांचे को मजबूत करेगा।
मंत्री ने कहा कि यह सेंटर राज्य के इंजीनियरों के कौशल और दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
अरुण साव ने बताया कि PWD विभाग के सुधार और नई परियोजनाओं का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक होगा। सड़कों और पुलों की बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा, इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर से तकनीकी दक्षता बढ़ने से राज्य के निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
मंत्री ने कहा कि इस सेंटर में प्रशिक्षण लेने वाले इंजीनियर भविष्य में राज्य के विकास कार्यों में गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित करेंगे। इससे राज्य की आर्थिक प्रगति में भी मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
अरुण साव के दो साल के PWD कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता को भी सुनिश्चित करेगा।
मंत्री ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, समय पर पूर्णता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। आने वाले वर्षों में राज्य की सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार और इंजीनियर्स की तकनीकी दक्षता में वृद्धि इस सेंटर के माध्यम से सुनिश्चित होगी।
इस रिपोर्ट कार्ड और ट्रेनिंग सेंटर की घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि PWD विभाग छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे और इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
