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पुष्पराजगढ़ को मिली 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की सौगात, विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को के प्रयासों से वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

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Published On: 6 August 2026
Devotees gathered at Shri Karauli Shankar Mahadev Dham during the 62nd birth anniversary celebrations of Karauli Shankar Das Ji Maharaj, participating in Guru Pujan, meditation, and spiritual discourse.
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पुष्पराजगढ़ को मिली 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की सौगात, विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को के प्रयासों से वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

रिपोर्टर: अभिषेक द्विवेदी

अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हजारों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही 50 बिस्तरीय अस्पताल की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मध्य प्रदेश शासन ने मंत्रिपरिषद के 19 जुलाई 2026 के निर्णय के अनुपालन में पुष्पराजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के रूप में उन्नत करने का आदेश जारी कर दिया है।

इस निर्णय को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब अस्पताल के उन्नयन से स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों की ओर कम जाना पड़ेगा।

क्षेत्रीय विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग के साथ-साथ क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को दिया है।

मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद शासन ने जारी किया आदेश

मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में पुष्पराजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नत करने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इसके साथ ही अस्पताल के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी पदों के स्थानांतरण तथा पदस्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि नई व्यवस्था के अनुरूप अस्पताल में जल्द से जल्द सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके।

वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी

पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल और भौगोलिक दृष्टि से दूरस्थ इलाकों में शामिल है। यहां लंबे समय से लोगों की मांग थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सिविल अस्पताल बनाया जाए।

क्षेत्र के लोगों का कहना था कि वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था बढ़ती आबादी और मरीजों की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं थी।

अस्पताल में सीमित संसाधनों और कम बिस्तरों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी और अन्य जिलों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था।

अब शासन के इस निर्णय से क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।

विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को के लगातार प्रयास लाए रंग

स्थानीय नागरिकों के अनुसार विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने इस विषय को लगातार शासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य मंत्री तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं से अवगत कराया।

बताया गया कि विधायक ने विधानसभा सहित विभिन्न प्रशासनिक मंचों पर भी इस विषय को गंभीरता से रखा और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

लगातार किए गए इन प्रयासों का परिणाम अब 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के रूप में सामने आया है।

आदिवासी अंचल को मिलेगा आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा

पुष्पराजगढ़ क्षेत्र मुख्य रूप से आदिवासी आबादी वाला इलाका है, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के लोग निवास करते हैं।

ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।

50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनने के बाद यहां चिकित्सा सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को अधिक व्यवस्थित उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

इससे आदिवासी समुदाय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

आसपास के दर्जनों गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

अस्पताल के उन्नयन का लाभ केवल पुष्पराजगढ़ नगर तक सीमित नहीं रहेगा।

इसके माध्यम से आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोगियों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी आसान होगा।

गंभीर मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा दूर

अब तक गंभीर मरीजों को उपचार के लिए अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था।

इस प्रक्रिया में मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक, मानसिक और समय संबंधी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

आपातकालीन परिस्थितियों में कई बार समय पर उपचार नहीं मिल पाने से गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती थीं।

सिविल अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर कई विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे रेफरल की संख्या भी कम हो सकती है।

समय और धन दोनों की होगी बचत

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे लोगों का समय और आर्थिक बोझ भी कम होता है।

अब मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

परिवहन खर्च कम होगा और समय पर उपचार मिलने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होंगे।

विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

प्रशासनिक पदों की प्रक्रिया भी हुई शुरू

शासन द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के पदों के स्थानांतरण तथा पदस्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

अस्पताल के उन्नयन के साथ डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी काम किया जा रहा है।

इससे उम्मीद की जा रही है कि अस्पताल जल्द ही पूरी क्षमता के साथ कार्य करना शुरू कर देगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है।

जब स्थानीय स्तर पर बेहतर अस्पताल उपलब्ध होते हैं, तो लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होता है और गंभीर बीमारियों का समय पर उपचार संभव हो पाता है।

पुष्पराजगढ़ में सिविल अस्पताल की स्थापना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

शासन के आदेश के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

क्षेत्रवासियों ने विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से जिस सुविधा का इंतजार किया जा रहा था, वह अब साकार होती दिखाई दे रही है।

लोगों का कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा और भविष्य में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

आदिवासी क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर

पुष्पराजगढ़ जैसे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्र में 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की स्थापना केवल स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी मानी जा रही है।

बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, आपातकालीन उपचार और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

पुष्पराजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नत करने का निर्णय क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे हजारों लोगों को अब स्थानीय स्तर पर अधिक सक्षम चिकित्सा सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

यदि अस्पताल में आवश्यक स्टाफ, आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित होती है, तो यह अस्पताल न केवल पुष्पराजगढ़ बल्कि आसपास के पूरे आदिवासी अंचल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि शासन के इस निर्णय का लाभ जल्द ही धरातल पर दिखाई देगा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा।

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