पोषण माह के तहत गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को किया जागरूक
‘सही पोषण, देश रोशन’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में संतुलित आहार और एनीमिया से बचाव की दी जानकारी
समनापुर। पोषण माह के अंतर्गत ग्राम जमुनिया गणेशराम स्थित एएएम (AAM) समनापुर, ब्लॉक सिलवानी में ‘सही पोषण, देश रोशन’ थीम पर पोषण एवं एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को बेहतर पोषण, संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को दैनिक जीवन में पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयरन युक्त भोजन के महत्व की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में सभी आवश्यक पोषक तत्वों का होना जरूरी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को अपने खान-पान पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्हें आयरन युक्त एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में समझाया गया। इसके साथ ही दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें तथा स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजन में एनीमिया के प्रमुख लक्षणों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। महिलाओं एवं किशोरियों को बताया गया कि पोषण की कमी से शरीर में कमजोरी सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई सलाह का पालन करना जरूरी है।
आयरन-फोलिक एसिड के नियमित सेवन पर जोर
कार्यक्रम में आयरन-फोलिक एसिड के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड का नियमित सेवन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही पोषण संबंधी छोटी-छोटी सावधानियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की समझाइश दी गई।
विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक भोजन मां के स्वास्थ्य के साथ गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। किशोरियों को भी कम उम्र से ही अपने स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा भोजन में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ अपनाने की अपील
कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को बताया गया कि बेहतर पोषण के लिए हमेशा महंगे खाद्य पदार्थों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि आसपास आसानी से मिलने वाले कई खाद्य पदार्थों को संतुलित तरीके से भोजन में शामिल कर पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का आयोजन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नर्वदी शर्मा एवं सीएचओ राजनंदिनी ठाकुर द्वारा किया गया। दोनों ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को पोषण, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी। साथ ही सभी से पोषण संबंधी जानकारी को अपने परिवार और आसपास की अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।


