बॉन्डी बीच आतंकी हमला: Philippines में मिली थी आतंकी बाप-बेटे को मिलिट्री ट्रेनिंग, भारतीय पासपोर्ट से यात्रा का खुलासा
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस हमले में 15 निहत्थे नागरिकों की जान चली गई थी, जिनमें एक 10 साल की बच्ची और एक 87 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल थे। जांच में सामने आया है कि हमला करने वाले आतंकी साजिद अकरम और उसका बेटा नवीद अकरम हाल ही में Philippines गए थे, जहां उन्होंने कट्टरपंथी इस्लामी मौलवियों से संपर्क किया और मिलिट्री-स्टाइल ट्रेनिंग ली थी।
Philippines यात्रा में आतंकी ट्रेनिंग का शक
Philippines के इमिग्रेशन अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साजिद अकरम और नवीद अकरम ने 1 से 28 नवंबर के बीच Philippines की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों दक्षिणी Philippines गए, जो लंबे समय से कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों और आतंकवादी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है।
ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि क्या दोनों ने वहां किसी आतंकी संगठन से बाकायदा मिलिट्री ट्रेनिंग प्राप्त की थी। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (ABC) के मुताबिक, दोनों ने वहां हथियारों के इस्तेमाल और आतंकी गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग ली।
भारतीय पासपोर्ट से यात्रा का बड़ा खुलासा
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि साजिद अकरम फिलीपींस की यात्रा भारतीय पासपोर्ट पर कर रहा था, जबकि उसका बेटा नवीद अकरम ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट का उपयोग कर रहा था। यह जानकारी Philippines के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के अधिकारियों ने दी है।
ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स जैसी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने भी पुष्टि की है कि साजिद अकरम भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था। इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि साजिद अकरम को भारतीय पासपोर्ट कैसे मिला, जबकि सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि उसके पाकिस्तान से संबंध रहे हैं।

भारत सरकार से मांगा गया जवाब
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के विदेश मंत्रालय से इस मामले में टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आतंकी गतिविधियों से जुड़े किसी व्यक्ति के पास भारतीय पासपोर्ट पाया जाता है, तो यह गंभीर सुरक्षा चूक मानी जाएगी और इसकी विस्तृत जांच जरूरी है।
बॉन्डी बीच पर यहूदियों को बनाया गया निशाना
साजिद और नवीद अकरम ने बॉन्डी बीच पर उस समय हमला किया, जब वहां यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का पर्व मना रहे थे। अचानक हुई फायरिंग में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले ने ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया।
हमले के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हमला इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रेरित था।IED और ISIS के झंडे बरामद
हमले के तुरंत बाद पुलिस ने नवीद अकरम के नाम पर रजिस्टर्ड एक वाहन से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया। इसके अलावा दोनों के ठिकानों से घर पर बनाए गए ISIS के झंडे भी मिले हैं, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों आतंकी संगठन से प्रेरित थे।
दक्षिणी फिलीपींस: कट्टरपंथ का गढ़
Philippines का दक्षिणी हिस्सा लंबे समय से कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों का केंद्र रहा है। यहां कई आतंकी संगठन ISIS के प्रति अपनी वफादारी जता चुके हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी यहां ट्रेनिंग के लिए आते रहे हैं।
एक वरिष्ठ आतंकवाद विरोधी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि साजिद और नवीद अकरम ने दक्षिणी फिलीपींस में मिलिटेंट ट्रेनिंग ली थी।
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ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों की चूक?
नवीद अकरम ऑस्ट्रेलिया में जन्मा था और वर्ष 2019 में उस पर ISIS से संभावित संबंधों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी। इसके बावजूद कथित तौर पर उसे बिना निगरानी के छोड़ दिया गया, जो अब एक बड़ी सुरक्षा चूक के रूप में सामने आ रही है।
इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में खुफिया तंत्र और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या साजिद और नवीद अकरम किसी अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क का हिस्सा थे। Philippines , ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों की एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।

आगे क्या?
इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर फिर से बहस छेड़ दी है। भारतीय पासपोर्ट से यात्रा, Philippines में ट्रेनिंग और ऑस्ट्रेलिया में हमला—यह पूरा मामला सीमा पार आतंकवाद की गंभीरता को उजागर करता है।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, यह साफ होगा कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था और ऐसी घटनाओं को भविष्य में कैसे रोका जा सकता है।
निष्कर्ष
बॉन्डी बीच आतंकी हमला केवल एक देश की सुरक्षा विफलता नहीं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के बढ़ते खतरे की चेतावनी है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों को प्रभावित करेगा।
