MP Gehu Kharidi: टीकमगढ़ में गेहूं खरीदी में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 4 समितियों के 8 मैनेजर सस्पेंड
MP के टीकमगढ़ जिले में गेहूं उपार्जन (खरीदी) प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर ने 4 उपार्जन समितियों के 8 मैनेजरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ियों के बाद की गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की निगरानी में चल रही खरीदी
राज्य में गेहूं खरीदी प्रक्रिया की निगरानी खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर रहे हैं। उपार्जन केंद्रों पर औचक निरीक्षण के कारण खरीदी कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को भुगतान समय पर किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक किसानों को लगभग 10403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। राज्य में गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 23 मई तय की गई है।
अब तक का गेहूं उपार्जन रिकॉर्ड
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि अब तक राज्य में:
- करीब 9 लाख 38 हजार किसानों से गेहूं खरीदा गया है
- कुल 56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन प्रणाली को और अधिक मजबूत किया गया है और समय प्रबंधन में भी बदलाव किए गए हैं।
उपार्जन प्रक्रिया में समय बदलाव
गेहूं खरीदी को सुचारू बनाने के लिए सरकार ने व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं:
- तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया
- भुगतान संबंधी देयक जारी करने का समय रात 12 बजे तक निर्धारित किया गया
- खरीदी प्रक्रिया सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक, 6 दिन चलती है
उपार्जन केंद्रों में संसाधनों की बढ़ोतरी
सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:
- प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटे 4 से बढ़ाकर 6 किए गए
- जिलों को तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार दिया गया
- NIC सर्वर की क्षमता और संख्या बढ़ाई गई
- खाद्य विभाग हर घंटे उपार्जन प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहा है
किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं
उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- पीने के पानी की सुविधा
- छायादार बैठने की व्यवस्था
- बारदाना और तौल उपकरण
- हम्माल, तुलावटी और स्टाफ की उपलब्धता
- सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन
- उपज की गुणवत्ता जांच के उपकरण
- सफाई और अन्य जरूरी संसाधन
सरकार ने सभी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की तस्वीरें भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए हैं।
MSP और बोनस पर खरीद
राज्य सरकार किसानों से गेहूं की खरीद ₹2585 प्रति क्विंटल MSP पर कर रही है। इसके अलावा:
- ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है
- कुल मिलाकर किसानों को ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है
सरकार का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में बारदाना और भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है ताकि खरीदी और भंडारण में कोई बाधा न आए।
किसानों का अनुभव
कई किसानों ने उपार्जन व्यवस्था को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। रामकोट गांव के किसान रामचरण अन्ना ने बताया कि उनकी ट्रॉली मात्र 10 मिनट में खाली हो गई और किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र पर पानी, बैठने और अन्य सुविधाएं अच्छी हैं।
इसी तरह मानपुरा ग्राम पंचायत के किसान गोपाल सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में सायलो (अनाज भंडारण सुविधा) की व्यवस्था भी है। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर छांव, पानी और बैठने की अच्छी व्यवस्था है, जिससे किसानों को सुविधा मिल रही है।
निष्कर्ष
टीकमगढ़ में गेहूं खरीदी में लापरवाही पर हुई सख्त कार्रवाई यह दर्शाती है कि राज्य सरकार उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर है। वहीं दूसरी ओर व्यापक स्तर पर किसानों को सुविधाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
