भोपाल: मध्यप्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे।
1. चाइल्ड केयर लीव (CCL)
- महिला कर्मचारियों को अब भी 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव मिलेगी।
- वेतन नियम: पहले 365 दिन का 100% वेतन, अगले 365 दिन का 80% वेतन मिलेगा।
- पूरे सेवाकाल में महिला कर्मचारियों को 45 दिन का गर्भपात/गर्भस्त्राव अवकाश मिलेगा।
2. सालाना और लंबी अवकाश नीति
- हर कर्मचारी को वर्ष में 30 दिन अर्जित अवकाश मिलेगा, जो 2 किस्तों (15-15 दिन) में दिया जाएगा।
- एक साथ 5 साल से अधिक का लगातार अवकाश स्वीकृत नहीं होगा।
- अवकाश मांगना कर्मचारी का अधिकार नहीं है, अंतिम निर्णय स्वीकृत प्राधिकारी का होगा।

3. स्टडी लीव
- सामान्य अवधि: 1 वर्ष तक।
- अधिकतम सीमा: पूरे सेवाकाल में 24 महीने तक।
- फीस और अन्य खर्च कर्मचारी को स्वयं वहन करना होगा।
- लीव पर जाने से पहले बॉन्ड भरना अनिवार्य होगा।
4. मेडिकल लीव (अर्द्धवेतन अवकाश)
- गारंटी नहीं: मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर भी अवकाश अधिकारी के विवेक पर होगा।
- बिना सर्टिफिकेट: 180 दिन तक का अर्द्धवेतन अवकाश मिल सकता है।
- इस्तीफा देने पर, लीव अर्द्धवेतन माना जाएगा और अंतर राशि वसूली जाएगी।
5. रिटायरमेंट से 10 साल पहले अवकाश
- अधिकारी सामान्य रूप से अवकाश अस्वीकृत नहीं कर सकते।
- छुट्टी के दौरान यदि कर्मचारी देश या विदेश यात्रा पर जाता है, तो समय कार्यकाल में शामिल होगा और पूरा वेतन मिलेगा।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
मध्यप्रदेश के सरकारी कार्यालयों में इस बदलाव से खुशियाँ देखी जा रही हैं, और लाखों अधिकारी और कर्मचारी इस निर्णय से संतुष्ट हैं।
