MP में AI समिट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में तीखी नोकझोंक, CM ने कांग्रेस पर कसा तंज, राहुल गांधी पर साधा निशाना
नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2का026 के दौरान MP और राष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक विवाद तब पैदा हुआ, जब यूथ कांग्रेस के र्यकर्ताओं ने सुरक्षा नियमों की अवहेलना करते हुए परिसर में प्रवेश किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कई कार्यकर्ताओं ने अपने टी-शर्ट उतारकर हाथों में ले रखी, और प्रधानमंत्री के खिलाफ आक्रामक नारेबाजी की। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर परिसर से बाहर निकाला। इस घटना के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप की झड़प तेज हो गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा तंज
MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी विचारधारा एक बार फिर सामने आई है। मोहन यादव ने कहा कि नई दिल्ली में चल रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश की तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसे विवाद का अखाड़ा बना दिया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि “अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख को चोट पहुँचाने का कोई अधिकार किसी को नहीं है। यह नया भारत है, जो आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा को अराजकता की राजनीति नहीं रोक सकती।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है, जबकि देश की छवि और प्रगति को नुकसान पहुंच रहा है।
कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने BJP पर लगाया आरोप
दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व मंत्री और विधायक सचिन यादव ने प्रदर्शन को लेकर बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना था कि विदेशी कंपनियों के माध्यम से प्राइवेसी लीक और डेटा सुरक्षा की समस्याएं बढ़ रही हैं, और ऐसे मामलों में कांग्रेस को विरोध दर्ज कराना न्यायसंगत है।
सचिन यादव ने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा भारत में तकनीकी और डेटा सुरक्षा मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही, और यही वजह है कि कांग्रेस इस तरह के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल नीति और देश की सुरक्षा की चिंता जताना है, न कि देश की छवि को नुकसान पहुँचाना।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
MP के बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AI समिट में दुनिया के 100 से अधिक राष्ट्रों और नामी कंपनियों के सीईओ शामिल हैं। यह कार्यक्रम पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
खंडेलवाल ने कहा, “इस समिट को दूषित करने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस ने किया है। राष्ट्र की अस्मिता और सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। ऐसे राजनीतिक विरोध को कोई भी विपक्षी दल नहीं कर सकता। राहुल गांधी को देश और प्रत्येक नागरिक से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन न केवल अशोभनीय था, बल्कि देश की साख के लिए भी अपमानजनक था।
भाजपा प्रवक्ता ने प्रदर्शन को शर्मनाक करार दिया
भाजपा प्रवक्ता वंदना त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस अब केवल बीजेपी का विरोध नहीं कर रही, बल्कि देश का विरोध करने लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतारकर टॉपलेस होकर विरोध किया, जो कहीं ना कहीं अश्लीलता और अनुशासनहीनता को बढ़ावा देता है। त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस को इस प्रदर्शन की गंभीरता को समझना होगा, क्योंकि यह मानसिक और नैतिक स्तर पर चिंताजनक है।
कांग्रेस प्रवक्ता का पलटवार
कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने BJP के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि AI समिट को देश में बदनाम करने का काम कांग्रेस ने नहीं किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्री पीयूष गोयल ने किया। उन्होंने दावा किया कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान और कार्यक्रम के आयोजक ही इस विवाद के लिए जिम्मेदार हैं, और कांग्रेस केवल लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कर रही है।
राजनीतिक विमर्श और अंतरराष्ट्रीय मंच
यह घटना भारतीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मंच दोनों के लिए संवेदनशील स्थिति पैदा कर रही है। AI समिट 2026 में भारत की तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रगति का प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसमें दुनिया भर से विशेषज्ञ, CEO और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान हुई हंगामेबाजी ने देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को कुछ हद तक प्रभावित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना मध्य प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक तनाव और आगामी चुनावों के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। दोनों दलों ने इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार उपयोग करने की कोशिश की।
निष्कर्ष
Delhi में AI समिट के दौरान हुई घटना ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच गहरी राजनीति को उजागर किया।
- CM मोहन यादव ने इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताया और कांग्रेस पर तीखा तंज कसा।
- सचिन यादव ने भाजपा पर पलटवार करते हुए डेटा और सुरक्षा मुद्दों पर चिंता जताई।
- हेमंत खंडेलवाल और वंदना त्रिपाठी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
- कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने इसे बीजेपी की आलोचना कर पलटवार के रूप में प्रस्तुत किया।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। AI और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भारत की प्रगति को देखते हुए यह विवाद देश और दुनिया में ध्यान आकर्षित करने वाला रहा।
