भोपाल में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के दर्शन किए। राजेश जैन दद्दू के अनुसार सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन और धार्मिक प्रकल्पों पर चर्चा हुई।

भोपाल में आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, सेवा और स्वावलंबन पर हुई चर्चा
करीब एक घंटे तक आचार्य संघ के सान्निध्य में रहे संघ प्रमुख, आचार्य विद्यासागर जी महाराज का किया भावपूर्ण स्मरण
दैनिक स्वराज वाणी | भोपाल। राजेश जैन दद्दू।
भोपाल में वर्षायोग चातुर्मास कर रहे परम पूज्य आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के दर्शन के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू के अनुसार, डॉ. भागवत लगभग एक घंटे तक आचार्य संघ के सान्निध्य में रहे। इस दौरान सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन, धार्मिक संस्कारों और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
डॉ. भागवत ने भोपाल में निर्माणाधीन भव्य पाषाण जिनालय का अवलोकन भी किया और निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
सेवा, शिक्षा और स्वावलंबन से जुड़े प्रकल्पों पर चर्चा
आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के सान्निध्य में हुई चर्चा के दौरान आचार्य परंपरा से प्रेरित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक प्रकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।
इनमें दयोदय महा अभियान के अंतर्गत गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास, हथकरघा केंद्रों के माध्यम से रोजगार एवं स्वावलंबन को प्रोत्साहन, प्रतिभास्थली शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बालिका शिक्षा और संस्कारों का संवर्धन तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं जैसे विषय प्रमुख रहे।
इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न क्षेत्रों में पाषाण जिनालयों के निर्माण, जीवदया, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई।
राजेश जैन दद्दू के अनुसार, डॉ. भागवत ने इन प्रकल्पों की सराहना करते हुए इन्हें सामाजिक विकास और चरित्र निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
आचार्य विद्यासागर जी महाराज को याद कर हुए भावुक
भेंट के दौरान डॉ. मोहन भागवत ने संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का भावपूर्ण स्मरण किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के अंतिम दर्शन से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा किया। राजेश जैन दद्दू के अनुसार, गुरुवर के त्याग, तपस्या, स्वदेशी चिंतन और करुणा का उल्लेख करते हुए डॉ. भागवत भावुक हो गए।
उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन को त्याग, तपस्या और समाज सेवा की प्रेरणा बताया।
शाल, श्रीफल और तिलक लगाकर किया सम्मान
आचार्य संघ के दर्शन एवं चर्चा के अवसर पर डॉ. मोहन भागवत का शाल, श्रीफल और तिलक लगाकर सम्मान किया गया।
इस दौरान धार्मिक संस्कारों के संरक्षण, समाज में समरसता, स्वावलंबन और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के महत्व पर भी विचार व्यक्त किए गए।
RSS और जैन समाज के अनेक पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से अशोक पांडे, डॉ. राजेश सेठी, सोमकांत उमालकर, स्वप्निल कुलकर्णी, विमल गुप्ता, कैलाश लोवंशी और संतोष मीणा सहित केंद्रीय, क्षेत्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जैन समाज की ओर से भोपाल जैन समाज के अध्यक्ष पंकज सुपारी, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, विद्यासागरोदय समाधि स्थल डोंगरगढ़ के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, डॉ. सावन जैन रेशु (दमोह), इंजीनियर गौरव जैन (निर्माण समिति सदस्य, कुंडलपुर एवं डोंगरगढ़), निर्माण कमेटी प्रभारी राकेश जैन, देवेन्द्र जैन रुचि, मनोज बांगा और प्रमोद जैन सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।
सामाजिक और धार्मिक प्रकल्पों को आगे बढ़ाने पर जोर
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस भेंट के दौरान धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, गौसेवा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
उन्होंने कहा कि आचार्य परंपरा से प्रेरित सेवा और स्वावलंबन के प्रकल्प समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयोगी हैं। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने धार्मिक संस्कारों, सामाजिक एकता और सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजेश जैन दद्दू, धर्म समाज प्रचारक, इंदौर।
