दमोह के चैनपुरा वार्ड में पेयजल संकट, नई पाइपलाइन की मांग को लेकर कलेक्टर को आवेदन
वार्ड के 40 से 50 प्रतिशत हिस्से में पानी नहीं पहुंचने का दावा; पार्षद बोले—पहले भी नगरपालिका को दिए थे आवेदन
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। नगरपालिका क्षेत्र के बजरिया वार्ड क्रमांक 5, जिसे चैनपुरा वार्ड के नाम से भी जाना जाता है, में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर वार्डवासियों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। पार्षद हेमराज के साथ पहुंचे महिला और पुरुष रहवासियों ने वार्ड के प्रभावित हिस्से में नई पेयजल पाइपलाइन डलवाने की मांग की। पार्षद के अनुसार, वार्ड के करीब 40 से 50 प्रतिशत क्षेत्र में लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है।
पार्षद हेमराज ने बताया कि वे बजरिया वार्ड क्रमांक 5 से तीन पंचवर्षीय कार्यकाल से पार्षद हैं। उनके अनुसार, वार्ड में पहले से डाली गई पानी की पाइपलाइन मौजूदा आबादी की जरूरत के हिसाब से छोटी है। पुरानी लाइन पर कनेक्शनों की संख्या बढ़ जाने से पानी का दबाव कम हो रहा है। उनका कहना है कि कम प्रेशर के कारण पाइपलाइन का पानी ऊंचाई और वार्ड के कुछ हिस्सों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाता।
पहले भी नगरपालिका को दिए थे आवेदन
पार्षद हेमराज के मुताबिक, पेयजल समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी, दमोह को 24 जनवरी 2023 और 25 सितंबर 2024 को आवेदन दिए थे। उनका आरोप है कि इन आवेदनों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वार्डवासियों के साथ कलेक्टर को फिर से आवेदन देकर समस्या के जल्द निराकरण की मांग की गई है।
पार्षद ने बताया कि पहले उन्हें वार्ड में पेयजल लाइन डालने के लिए स्टीमेट तैयार होने की जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार, यह भी कहा गया था कि बोरिंग के बाद लाइन डलवा दी जाएगी। हालांकि, उनका कहना है कि अब तक नई लाइन डालने का काम शुरू नहीं हुआ है। आवेदन में वार्ड की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कराने और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
टैंकरों से पानी मिलने पर भी परेशानी
वार्ड में फिलहाल टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। पार्षद और रहवासियों के अनुसार, टैंकर आने पर पानी भरने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ता है। सीमित पानी और अधिक जरूरत के कारण टैंकर से पानी लेने के दौरान लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति आए दिन पैदा हो रही है और आगे कोई बड़ी घटना होने की आशंका से भी लोग चिंतित हैं।
रहवासियों का कहना है कि टैंकर से आपूर्ति तत्काल जरूरत पूरी करने का एक माध्यम हो सकती है, लेकिन इससे पूरे वार्ड की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। नियमित और पर्याप्त पेयजल के लिए प्रभावित क्षेत्र में पाइपलाइन का विस्तार जरूरी है। उनका आग्रह है कि योजना बनाते समय वार्ड की आबादी और पानी की वास्तविक मांग को ध्यान में रखा जाए।
स्थल निरीक्षण और नई लाइन डालने की मांग
कलेक्टर को दिए आवेदन में वार्डवासियों ने पेयजल संकट की स्थिति देखते हुए जल्द नई पेयजल लाइन डलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि नगरपालिका और संबंधित अधिकारी वार्ड का स्थल निरीक्षण करें, ताकि पानी की कमी से प्रभावित क्षेत्र और रहवासियों की परेशानी को प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सके।
पार्षद हेमराज के अनुसार, निरीक्षण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौजूदा लाइन का दबाव किन हिस्सों तक नहीं पहुंचता और किन इलाकों में नई लाइन की जरूरत है। उन्होंने आवेदन में पहले तैयार किए गए स्टीमेट और बोरिंग के बाद लाइन डालने की बताई गई योजना पर भी कार्रवाई करने का आग्रह किया।
वार्डवासियों को समाधान का इंतजार
आवेदन सौंपने के दौरान पार्षद हेमराज के साथ वार्ड की महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। रहवासियों ने पेयजल समस्या के जल्द समाधान की अपेक्षा जताई। उनका कहना है कि पानी रोजमर्रा की बुनियादी जरूरत है और इसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
अब वार्डवासियों की मांग है कि प्रशासन पुराने आवेदनों और प्रस्तावित पाइपलाइन संबंधी जानकारी की समीक्षा कर काम की स्थिति स्पष्ट करे। नई लाइन डालने और पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए संबंधित विभाग कब तक कदम उठाएंगे, इस पर स्थानीय लोगों की निगाहें नगरपालिका और जिला प्रशासन पर टिकी हैं।
