कैबिनेट मंत्री Kailash Vijayvargiya को सौंपा मां रेवा घाट के विकास एवं शेष निर्माण कार्य पूर्ण कराने का ज्ञापन
धार्मिक, तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की उठी मांग, समिति ने शीघ्र स्वीकृति देकर अधूरे कार्य पूरे कराने का किया आग्रह
मनावर (धार) | कौशिक पंडित, कुशाग्र समाचार सेवा। नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य विभाग के प्रभारी कैबिनेट मंत्री Kailash Vijayvargiya के धार जिला प्रवास के दौरान मनावर में मां रेवा घाट निर्माण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर मां रेवा घाट के समग्र विकास एवं अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए घाट को धार्मिक, तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जल्द प्रदान करने का आग्रह किया।
कैबिनेट मंत्री श्री विजयवर्गीय कुक्षी से इंदौर जाते समय कुछ समय के लिए मनावर में रुके थे। इसी दौरान मां रेवा घाट निर्माण समिति के सदस्यों ने उनसे भेंट कर क्षेत्र की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल के विकास की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
मां रेवा घाट क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र
समिति ने ज्ञापन में बताया कि मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित मां रेवा घाट मनावर सहित आसपास के क्षेत्रों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। वर्षभर यहां धार्मिक गतिविधियां संचालित होती रहती हैं। प्रत्येक अमावस्या, पूर्णिमा, सावन मास और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन एवं स्नान के लिए यहां पहुंचते हैं।
सावन के दौरान शिवभक्तों की कांवड़ यात्राओं में भी इस घाट का विशेष महत्व है। श्रद्धालु मां नर्मदा से जल लेकर विभिन्न शिवालयों में अभिषेक करने के लिए यहीं से अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस स्थल की महत्ता को दर्शाती है।
नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव
समिति ने बताया कि मां रेवा घाट केवल स्थानीय श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नर्मदा परिक्रमा करने वाले साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण विश्राम स्थल है। वर्षभर देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले परिक्रमा वासी यहां ठहरते हैं और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
घाट पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और अधूरे निर्माण कार्य पूरे होने से परिक्रमा वासियों एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

करोड़ों की लागत से हुआ भव्य निर्माण
ज्ञापन में समिति ने बताया कि मां रेवा घाट का लगभग 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में भव्य निर्माण कराया जा चुका है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत लगभग 7 करोड़ रुपये है। घाट का निर्माण धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास को ध्यान में रखकर किया गया है।
समिति का कहना है कि अब भी कुछ महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शेष हैं। विशेष रूप से उत्तर दिशा के घाट सहित अन्य अधूरे हिस्सों का निर्माण पूरा होना आवश्यक है। यदि शेष कार्य समय पर पूर्ण हो जाते हैं तो घाट की उपयोगिता और आकर्षण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
शेष राशि स्वीकृत कर जल्द पूरा हो निर्माण कार्य
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष मांग रखी कि प्रशासन द्वारा शेष निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय राशि शीघ्र स्वीकृत की जाए। समिति का कहना है कि परियोजना अधूरी रहने से श्रद्धालुओं को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि शेष निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, ताकि घाट पूरी तरह विकसित होकर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके। समिति ने यह भी कहा कि विकसित घाट क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी उपलब्ध करा सकता है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि मां रेवा घाट का समुचित विकास किया जाता है तो यह स्थान मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। नर्मदा नदी के तट पर स्थित यह घाट प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व का अनूठा संगम है।
बेहतर अधोसंरचना, सुरक्षित घाट, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और अन्य सुविधाएं विकसित होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलेगा।
गोपाल पाटीदार ने किया मांग-पत्र का वाचन
कार्यक्रम के दौरान मां रेवा घाट निर्माण समिति के सदस्य गोपाल पाटीदार ने मंत्री के समक्ष मांग-पत्र का वाचन किया। उन्होंने घाट के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि मां रेवा घाट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इसके विकास से आने वाली पीढ़ियों को भी इस धरोहर का लाभ मिलेगा।
बड़ी संख्या में समिति सदस्य रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान मां रेवा घाट निर्माण समिति के अनेक सदस्य एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें मुकेश पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, सुरेश गाड़ीवाले, शोभाराम पाटीदार, राजपाल सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, भारत धनगर, कृष्णपाल चौहान, रविंद्र पाटीदार, गणेश धनगर, तुकाराम पाटीदार, हरिओम पाटीदार, हरीश पाटीदार, सुखदेव पाटीदार, प्रवीण पाटीदार, प्रेमलाल पाटीदार, राजेश पाटीदार, दिनेश पाटीदार सहित अन्य सदस्य एवं नागरिक मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में घाट के विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग दोहराई और विश्वास जताया कि सरकार इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के विकास को प्राथमिकता देगी।
क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों से उम्मीद
मां रेवा घाट निर्माण समिति ने उम्मीद जताई कि कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे, जिससे शेष राशि की स्वीकृति और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।
समिति का कहना है कि मां रेवा घाट का पूर्ण विकास न केवल श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि करेगा, बल्कि मनावर और आसपास के क्षेत्र को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाएगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में यह स्थल धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।
