“जल सेवा बनी जनसेवा” — महावीर इंटरनेशनल केंद्र, नागदा द्वारा प्याऊ (जलमंदिर) का शुभारंभ
नागदा (मध्यप्रदेश)
भीषण गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच जनसेवा और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महावीर इंटरनेशनल केंद्र, Nagda द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। संस्था ने राहगीरों और आमजन के लिए प्याऊ (जलमंदिर) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य गर्मी के मौसम में शुद्ध, ठंडा और सुलभ पेयजल उपलब्ध कराना है।
इस सेवा कार्य ने क्षेत्र में सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की भावना को और अधिक मजबूत किया है। संस्था का यह प्रयास “जल ही जीवन है” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारने का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।
जनसेवा का उद्देश्य और भावनात्मक संदेश
कार्यक्रम के दौरान संस्थापक अध्यक्ष वीर राजेश गेलड़ा ने कहा कि “जल ही जीवन है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल सत्य है। इसी विचार को आत्मसात करते हुए इस प्याऊ की स्थापना की गई है, ताकि राहगीरों, मजदूरों और आम नागरिकों को भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देना है और भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे।
प्याऊ (जलमंदिर) का विधिवत शुभारंभ
इस जनसेवा परियोजना का शुभारंभ कई गणमान्य अतिथियों और समाजसेवियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में जलमंदिर का विधिवत उद्घाटन जीवदया प्रेमी वीर कमल जैन, समाजसेवी वीर शरद जैन, श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ के अध्यक्ष वीर मनीष सालेचा, जैन सोशल ग्रुप अवार्ड कमेटी के अध्यक्ष वीर मनीष चपलोद तथा सचिव हर्षित नागदा द्वारा किया गया।
इन सभी ने संयुक्त रूप से इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सेवा, सहयोग और करुणा की भावना को मजबूत करते हैं।
संस्था नेतृत्व का संदेश
वीर जितेन्द्र पोखरना (अध्यक्ष) ने इस अवसर पर कहा कि संस्था द्वारा किए जा रहे सभी सेवा कार्य समाज के हित को ध्यान में रखते हुए किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्याऊ के संचालन से हजारों लोगों को गर्मी में राहत मिलेगी और यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।
उन्होंने सभी सदस्यों और सहयोगियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही किसी भी सेवा कार्य को सफल बनाते हैं।
कार्यक्रम संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का संचालन वीर मनोज वागरेचा द्वारा प्रभावी रूप से किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए सभी अतिथियों का परिचय और सेवा कार्यों का महत्व बताया।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन वीर नितिन बुडावनवाला (सचिव) द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, सदस्यों और सहयोगियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है।
समाजसेवियों और नागरिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और संस्था के सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से पार्षद बिट्टू यादव सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
इसके अतिरिक्त वीर राजा कर्णावट, वीर चन्द्र प्रकाश कांठेड, वीर हितेश कांठेड, वीर सचिन सकलेचा, वीर अमित बम, वीर अभिषेक कोलन, वीर अंकुर जैन, वीर आशीष पोखरना, वीर पारस पोखरना, वीर वैदेश्य चंदेल, वीर जितेन्द्र बुरा, वीर नरेंद्र रघुवंशी, वीर संजय शर्मा तथा वीर जगदीश लोहार सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य और प्रेरणादायक बना दिया।
सेवा कार्य का सामाजिक महत्व
प्याऊ (जलमंदिर) जैसे सेवा कार्य केवल एक सुविधा नहीं हैं, बल्कि यह समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का माध्यम हैं। भीषण गर्मी में जब तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, तब ऐसे जल सेवा केंद्र राहगीरों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होते हैं।
यह पहल यह संदेश देती है कि समाज में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। जब संगठन और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो जनकल्याण के नए मार्ग खुलते हैं।
निष्कर्ष
महावीर इंटरनेशनल केंद्र, नागदा द्वारा किया गया यह प्याऊ (जलमंदिर) शुभारंभ “जल सेवा बनी जनसेवा” की भावना को वास्तविक रूप देता है। यह पहल केवल राहगीरों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाती है। भीषण गर्मी में यह जल सेवा केंद्र अनेक लोगों के लिए राहत और जीवनदायिनी सुविधा सिद्ध होगा। इस प्रकार के जनहितकारी कार्य यह संदेश देते हैं कि छोटे-छोटे सेवा प्रयास भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। जब समाज और संस्थाएं मिलकर सेवा भाव से कार्य करती हैं, तो मानवता और अधिक मजबूत होती है तथा जनकल्याण की दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।
