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महाकाल मंदिर उज्जैन में Mahashivratri 2026 की भव्य तैयारी, शनिवार रात 2.30 बजे खुलेंगे पट

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Published On: 14 February 2026
Mahashivratri 2026: Grand Preparations at Mahakal Temple, Ujjain, Gates Open at 2:30 AM
— Mahashivratri 2026: Grand Preparations at Mahakal Temple, Ujjain, Gates Open at 2:30 AM

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Mahashivratri 2026: उज्जैन महाकाल मंदिर में भक्तों के लिए 44 घंटे की भव्य महापूजा और दर्शन

उज्जैन, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की महाकाल की नगरी उज्जैन इस Mahashivratri 2026 पर पूरी तरह धर्म, भक्ति और उल्लास का केंद्र बन गई है। शहर और मंदिर परिसर में शिव-पार्वती के वैवाहिक स्वरूप की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालु और भक्त इस पावन पर्व पर त्रिलोकीनाथ भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उज्जैन पहुँच रहे हैं।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना और महापूजा आयोजन का विशेष महत्व है। मंदिर प्रशासन ने इस बार भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन और पार्किंग की सुव्यवस्थित योजना बनाई है।

Mahashivratri के लिए विशेष पूजा और दर्शन

महाकाल मंदिर की परंपरा के अनुसार, इस बार शनिवार रात 2.30 बजे गर्भगृह के पट खोले जाएंगे। ये पट 16 फरवरी की रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। इस दौरान कुल लगभग 44 घंटे तक लगातार दर्शन संभव होंगे।

गर्भगृह में महापूजा के दौरान भगवान महाकाल को शीष सवा मन फल और फूलों से बनाया गया मुकुट (सेहरा) सजाया जाएगा। साथ ही दूल्हे राजा के रूप में महाकाल पर चांदी के सिक्के भी न्योछावर किए जाएंगे। महापूजा में भाग लेने वाले भक्तों को दिव्य दर्शन का अवसर मिलेगा और श्रद्धालु इस पावन अवसर पर धार्मिक अनुभव और पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।

दर्शन व्यवस्था और प्रवेश

मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था की है।

  • सामान्य दर्शनार्थी: 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट के साथ प्रवेश।
  • VIP भक्त: अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था।
  • कतार व्यवस्था: शनिवार रात 12 बजे से कर्कराज पार्किंग से दर्शनार्थी कतार में लग सकते हैं।
  • समय: प्रशासन का दावा है कि भक्तों को लगभग 40 मिनट में सुविधाजनक दर्शन करवाए जाएंगे।

मंदिर परिसर में सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे ताकि दर्शनार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके।

महापूजा और दर्शन का विस्तृत कार्यक्रम

महाशिवरात्रि के दौरान होने वाली पूजा और दर्शन का क्रम इस प्रकार है:

  1. शनिवार रात 12 बजे: कर्कराज पार्किंग से भक्तों की कतार लगना शुरू।
  2. शनिवार रात 2.30 बजे: गर्भगृह के पट खुले, महाकाल की भस्म आरती का शुभारंभ।
  3. रविवार तड़के 4.30 बजे: दर्शन प्रारंभ, जलधारा अर्पित की जाएगी।
  4. रविवार सुबह 7.30 बजे: बालभोग और 10.30 बजे भोग आरती।
  5. रविवार दोपहर 12 बजे: तहसील और शाम 4 बजे होलकर एवं सिंधिया स्टेट की ओर से पूजा।
  6. रविवार रात 11 बजे: महानिष्काल महापूजा शुरू, जो रातभर जारी रहेगी।
  7. सोमवार तड़के 4 बजे: भगवान के शीष फल और फूलों से मुकुट सजाया जाएगा।
  8. सोमवार सुबह 5-10 बजे: मुकुट दर्शन और पूजा।
  9. सोमवार दोपहर 12 बजे: भस्म आरती।
  10. सोमवार दोपहर 2.30 बजे: भोग आरती के साथ महापर्व संपन्न, पुजारियों का पारणा।
  11. रात 11 बजे: मंदिर के पट बंद, नित्य-नैमित्तिक पूजा का क्रम।

इस विस्तृत आयोजन में भक्तों के लिए पूजा, भस्म आरती, बालभोग, मुकुट दर्शन और जलधारा के विशेष अवसर उपलब्ध होंगे।

विशेष आकर्षण
  • शीष मुकुट और सेहरा: फूल और फल से बने मुकुट का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण।
  • भस्म आरती और जलधारा: भक्ति भाव और धार्मिक अनुभव को और गहरा बनाएगा।
  • बालभोग और भोग आरती: परंपरागत पूजा और धार्मिक संस्कार का अनुभव।
  • महानिष्काल महापूजा: रातभर चलने वाली महापूजा, भक्ति और उल्लास का केंद्र।
महाकाल मंदिर की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता

उज्जैन का महाकाल मंदिर त्रिलोकीनाथ भगवान महाकाल का निवासस्थल है और यह मंदिर भारत के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाशिवरात्रि पर यहाँ विश्वभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

मंदिर में शिव और पार्वती के वैवाहिक स्वरूप में पूजा और शोभायात्रा आयोजित की जाती है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन नगर की संस्कृति, परंपरा और भक्ति का भी सशक्त प्रतिनिधित्व करता है।

प्रशासन और सुरक्षा

महाकाल मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर सभी भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • भक्तों के लिए विभिन्न प्रवेश द्वार।
  • कतार और पार्किंग व्यवस्था में मदद के लिए सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवक।
  • VIP और सामान्य दर्शनार्थियों के लिए अलग मार्ग और समय।
  • मंदिर परिसर में संपूर्ण शांति और अनुशासन सुनिश्चित।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश

मंदिर प्रशासन और धार्मिक संघों ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे:

  • सुरक्षा नियमों का पालन करें।
  • कतार में अनुशासित रहें।
  • परिवार सहित दर्शन में भाग लें।
  • सामाजिक दूरी और कोविड-19/स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करें।

भक्तों के लिए यह अवसर आध्यात्मिक अनुभव, पुण्य लाभ और धर्मलाभ का सुनहरा अवसर है।

निष्कर्ष

Mahashivratri 2026 पर उज्जैन महाकाल मंदिर में होने वाली 44 घंटे की महापूजा और दर्शन यात्रा श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगी।

शीष मुकुट, भस्म आरती, जलधारा, बालभोग और भव्य मंगल प्रवेश जैसी धार्मिक व्यवस्थाएं इस महापर्व को और भी भव्य बनाती हैं।

भक्तों की आस्था, मंदिर प्रशासन की सुव्यवस्थित तैयारी और उज्जैन नगर की धार्मिक परंपराएं मिलकर इस महाशिवरात्रि को धर्म, भक्ति और उल्लास का अद्वितीय संगम बना देंगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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