मध्य प्रदेश के Tiger रिजर्व में मोबाइल और सेल्फी पूरी तरह बंद
नए साल पर Tiger रिजर्व जाने वालों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप नए साल के अवसर पर मध्य प्रदेश के किसी Tiger रिजर्व में जंगल सफारी का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब राज्य के सभी Tiger रिजर्व के कोर एरिया में मोबाइल फोन का उपयोग, फोटो और वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि अब पर्यटक जंगल सफारी के दौरान मोबाइल से न कॉल कर पाएंगे और न ही सेल्फी या अन्य फोटो-वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे। यह कदम वन्यजीवों के प्राकृतिक वातावरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
16 दिसंबर से लागू हुई नई व्यवस्था
मध्य प्रदेश सरकार ने यह नियम 16 दिसंबर 2025 से सतपुड़ा, पेंच, बांधवगढ़, कान्हा सहित राज्य के सभी Tiger रिजर्व में लागू कर दिया है। नए निर्देशों के तहत, सफारी के दौरान पर्यटक अपने मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे, चाहे वह कॉल करना हो या फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करना।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पर्यटकों को भी जंगल में प्राकृतिक माहौल का अनुभव लेने का अवसर मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्णय
यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर 2025 के आदेश के बाद लिया गया। टी.एन. गोदावर्मन बनाम भारत संघ मामले में अदालत ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए थे कि Tiger रिजर्व के कोर एरिया में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो लेने की गतिविधियां वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। शोर और लगातार रिकॉर्डिंग से जानवरों का तनाव बढ़ता है और उनका विचरण प्रभावित होता है।
वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) शभरंजन सेन ने सभी Tiger रिजर्व के लिए आदेश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोर एरिया में मोबाइल फोन का उपयोग और ले जाना दोनों प्रतिबंधित होगा।
वन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी फील्ड डायरेक्टर नियमों का सख्ती से पालन कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वन्यजीवों का प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित और शांत बना रहे।
नाइट सफारी पर स्थायी प्रतिबंध
सिर्फ मोबाइल पर ही नहीं, बल्कि Tiger रिजर्व की नाइट सफारी पर भी रोक लगा दी गई है। 1 दिसंबर 2025 से पूरे मध्य प्रदेश में रात्रिकालीन सफारी स्थायी रूप से बंद कर दी गई है। अब पर्यटकों को केवल डे सफारी और इवनिंग सफारी की अनुमति होगी।
वन विभाग के अनुसार, नाइट सफारी से वन्यजीवों में तनाव बढ़ता है और उनकी प्राकृतिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इसलिए इस निर्णय को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आदेश लागू होने वाले टाइगर रिजर्व
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यह नियम निम्नलिखित Tiger रिजर्व में लागू कर दिया गया है:
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कान्हा Tiger रिजर्व
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बांधवगढ़ Tiger रिजर्व
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पेंच Tiger रिजर्व
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सतपुड़ा Tiger रिजर्व
इन सभी रिजर्व में कोर एरिया में मोबाइल प्रतिबंध और नाइट सफारी बंद करने के आदेश लागू हैं।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई
वन विभाग ने चेताया है कि नियमों का पालन न करने वाले पर्यटकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नियमों का उद्देश्य वन्यजीवों को शांत, सुरक्षित और प्राकृतिक वातावरण प्रदान करना है।
पर्यटकों को यह समझना होगा कि जंगल में मोबाइल का इस्तेमाल, फोटो और वीडियो लेना न केवल वन्यजीवों के लिए खतरनाक है, बल्कि संरक्षण प्रयासों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
पर्यटकों के लिए सुझाव
वन विभाग ने पर्यटकों के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं:
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कोर एरिया में मोबाइल न ले जाएं।
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केवल डे सफारी और इवनिंग सफारी में भाग लें।
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जंगल में शोर न करें और वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार बाधित न करें।
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निर्देशों का पालन करें और वन अधिकारियों के निर्देश मानें।
इन सावधानियों का पालन करने से न केवल पर्यटक सुरक्षित रहेंगे, बल्कि जंगल का प्राकृतिक वातावरण भी संरक्षित रहेगा।

निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के सभी Tiger रिजर्व में मोबाइल फोन और सेल्फी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। 16 दिसंबर 2025 से लागू यह नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदम के अनुरूप है।
नाइट सफारी पर भी स्थायी रोक लगाने से जंगल का वातावरण और अधिक सुरक्षित और शांत रहेगा। पर्यटकों को नए साल में टाइगर रिजर्व जाने से पहले इस नियम की जानकारी रखना जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
इस कदम से मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों का संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और पर्यटक जंगल के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव शांति और सुरक्षा के साथ ले सकेंगे।
