Ujjain News: शराब के पैसे न देने पर युवक पर तलवार से हमला, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
उज्जैन (Ujjain Crime News): मध्य प्रदेश के उज्जैन में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शराब के पैसों को लेकर हुए विवाद में दो बदमाशों ने एक युवक पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना चिमनगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। घायल युवक का नाम रोहित यादव है, जो एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। पुलिस ने हमले के मुख्य आरोपी सोनू शर्मा और उसके साथी मोनू परिहार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना कैसे हुई: शराब के पैसों को लेकर हुआ विवाद
सूत्रों के अनुसार, रविवार की देर रात करीब 11:25 बजे, चिमनगंज थाना क्षेत्र में स्थित शराब गोदाम के पास एक प्रिंटिंग प्रेस में रोहित यादव काम कर रहा था। उसी समय मायापुरी इलाके में रहने वाले सोनू शर्मा और मोनू परिहार वहां पहुंचे। दोनों ने आते ही रोहित और अन्य कर्मचारियों के सामने गालियां देना शुरू कर दिया।
जब रोहित ने इस बदसलूकी का विरोध किया और पूछा कि आखिर वे गालियां क्यों दे रहे हैं, तो आरोपियों ने कहा कि उन्हें शराब के पैसे चाहिए। रोहित ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इसी दौरान उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया, ताकि वह सबूत के तौर पर रख सके।
वीडियो बनाना पड़ा भारी, तलवार से हमला
जैसे ही रोहित ने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, सोनू शर्मा और मोनू परिहार भड़क गए। आरोप है कि सोनू ने अपने हाथ में रखी तलवार से रोहित पर हमला कर दिया।
इस हमले में रोहित के दाहिने हाथ की उंगली और पैर के घुटने में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया, ताकि वीडियो सबूत के रूप में न रह सके।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने रोहित को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
चिमनगंज थाना पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों आरोपी फरार हैं, लेकिन उनकी तलाश जारी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर हमला करने, धमकाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शांति भंग करने जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ है।
पुलिस की टीम ने आरोपी सोनू शर्मा और मोनू परिहार के ठिकानों पर छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी स्थानीय गुंडा तत्व हैं और इससे पहले भी विवादित घटनाओं में शामिल रह चुके हैं।
वायरल वीडियो से खुला मामला
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सोनू शर्मा अपने हाथ में तलवार लहराते हुए गालियां दे रहा है, जबकि मोनू परिहार और दो अन्य युवक वहां मौजूद हैं।
वीडियो के वायरल होते ही उज्जैन पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। कई स्थानीय नागरिकों ने इस घटना की निंदा की और कहा कि अगर समय पर पुलिस गश्त होती तो ऐसी वारदात रोकी जा सकती थी।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
इस वारदात के बाद चिमनगंज थाना क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय व्यापारियों और प्रेस मालिकों ने कहा कि इलाके में आए दिन शराबियों और असामाजिक तत्वों का आना-जाना बढ़ गया है। शराब ठेकों के पास अक्सर झगड़े, गालियां और हथियारबाजी की घटनाएं हो रही हैं।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“अगर वहां आसपास पुलिस की पेट्रोलिंग होती, तो इस तरह की गुंडागर्दी नहीं होती। हम रोजाना डर में काम करते हैं कि कब कौन आकर हमला कर दे।”
घायल रोहित यादव की हालत स्थिर
हमले में घायल हुए रोहित यादव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी उंगली और घुटने में गहरी चोटें हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।
परिजनों ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस ने बढ़ाई गश्त, आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द
चिमनगंज थाना पुलिस ने सोमवार सुबह पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बयान दिया –
“घटना बेहद गंभीर है। दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”
शहर में बढ़ती गुंडागर्दी पर सवाल
यह घटना उज्जैन में बढ़ती गुंडागर्दी और असामाजिक तत्वों की हिम्मत पर सवाल खड़े करती है।
हाल ही में शहर में कई जगहों से झगड़ों, हमला और हथियार दिखाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय नशे में धुत युवाओं द्वारा झगड़े करना आम बात बन गई है, लेकिन पुलिस को इन पर सख्ती करनी होगी।
निष्कर्ष: कानून का भय जरूरी
उज्जैन की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि छोटी-सी बात, जैसे “शराब के पैसे न देना”, भी आज हिंसा का कारण बन रही है। यह समाज में नशे की लत और असामाजिक प्रवृत्तियों के बढ़ते खतरे को दिखाता है।
पुलिस और प्रशासन को ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई कर यह संदेश देना होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं।

