UPT20 League: हार के साथ खत्म हुआ Karn Sharma का क्रिकेट सफर, रिंकू सिंह समेत खिलाड़ियों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
Karn Sharma Retirement: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने करीब दो दशक लंबे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। 25 अगस्त को यूपी T20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच खेला गया मुकाबला उनके करियर का आखिरी मैच रहा। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में कानपुर सुपरस्टार्स को 19 रन से हार मिली, लेकिन मैच का सबसे भावुक पल कर्ण शर्मा की विदाई रही। मैदान पर उतरते समय दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।
आखिरी मैच से पहले मिला खास सम्मान
Karn Sharma ने कुछ दिन पहले ही क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने बताया था कि 25 अगस्त को मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनका अंतिम पेशेवर मैच होगा। ऐसे में लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को लेकर भावुक माहौल देखने को मिला।
मैच शुरू होने से पहले खिलाड़ियों ने मैदान पर लाइन बनाकर कर्ण शर्मा का स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और यूपी T20 लीग गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने उन्हें विशेष स्मृति चिह्न भी प्रदान किया। यह पल कर्ण के लंबे क्रिकेट सफर के सम्मान में खास रहा।
Karn Sharma के आखिरी मुकाबले में एक दिलचस्प संयोग भी देखने को मिला। उन्होंने मेरठ के कप्तान और भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह को आउट किया। यानी अपने अंतिम मैच में कर्ण ने टीम के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक का विकेट लेकर अपने गेंदबाजी करियर का शानदार अंदाज में समापन किया।
बारिश ने मैच को बनाया सिर्फ 5-5 ओवर का
Karn Sharma के विदाई मुकाबले पर बारिश का भी असर पड़ा। लगातार बारिश के कारण मैच को घटाकर पांच-पांच ओवर का कर दिया गया। टॉस जीतकर कानपुर सुपरस्टार्स के कप्तान समीर रिजवी ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
मेरठ मावेरिक्स ने बेहद आक्रामक शुरुआत की। कप्तान रिंकू सिंह ने सिर्फ 10 गेंदों पर 30 रन बनाकर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। मेरठ ने पांच ओवर में तीन विकेट खोकर 96 रन बनाए। इसी पारी के दौरान कर्ण शर्मा ने रिंकू सिंह का अहम विकेट हासिल किया।
97 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कानपुर सुपरस्टार्स की टीम ने शुरुआत में तेजी दिखाने की कोशिश की। आदर्श सिंह ने आठ गेंदों पर 28 रन और समीर रिजवी ने 13 गेंदों पर 22 रन बनाए। लेकिन मेरठ के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में दबाव बढ़ा दिया।
मेरठ के स्पिनर जीशान अंसारी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी के सामने कानपुर की टीम पांच ओवर में 77 रन ही बना सकी और उसे 19 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ मेरठ मावेरिक्स ने टूर्नामेंट में लगातार सातवीं जीत दर्ज की।
चार बार बने IPL चैंपियन
Karn Sharma का क्रिकेट करियर केवल घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा। वह भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा रहे और उन्होंने एक टेस्ट, दो वनडे और एक T20 इंटरनेशनल मैच खेला। हालांकि राष्ट्रीय टीम में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
IPL में कर्ण शर्मा की उपलब्धियां बेहद खास रही हैं। वह चार बार IPL चैंपियन टीम का हिस्सा बने। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लगातार तीन सीजन में खिताब जीते। इसके बाद 2021 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ चौथा IPL खिताब भी अपने नाम किया।
मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी सफल फ्रेंचाइजियों के साथ खेलने का अनुभव उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। इसी वजह से उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट और IPL के अनुभवी खिलाड़ियों में गिना जाता रहा।
टीम इंडिया के लिए भी किया प्रदर्शन
Karn Sharma ने अपने घरेलू प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने टेस्ट, वनडे और T20I तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी उपस्थिति सीमित रही, लेकिन घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे।
उनका घरेलू क्रिकेट करियर भी काफी लंबा रहा। लेग स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता ने उन्हें अलग-अलग टीमों में उपयोगी खिलाड़ी बनाए रखा।
रिंकू सिंह ने की जमकर तारीफ
Karn Sharma के संन्यास के बाद मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने भी उनकी तारीफ की। रिंकू ने उनके करियर को शानदार बताते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। युवा बल्लेबाज स्वस्तिक चिकार ने भी कर्ण को अनुभवी और शानदार खिलाड़ी बताया तथा कहा कि उनके साथ मैदान साझा करना उनके लिए खास अनुभव रहा।
कर्ण शर्मा की विदाई इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने अपने अंतिम मैच में रिंकू सिंह का विकेट लिया और मैदान से सम्मान के साथ विदा हुए। हार के बावजूद यह मुकाबला उनके लिए यादगार बन गया।
क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे कर्ण
Karn Sharma ने संन्यास की घोषणा करते समय संकेत दिया था कि वह क्रिकेट से पूरी तरह अलग नहीं होंगे। उन्होंने कहा था कि आगे वह कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। यानी अब उनका अगला अध्याय खिलाड़ी के बजाय एक मार्गदर्शक के रूप में शुरू हो सकता है।
करीब दो दशक तक मैदान पर अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाने वाले कर्ण शर्मा का सफर अब समाप्त हो गया है। आखिरी मैच में हार जरूर मिली, लेकिन गार्ड ऑफ ऑनर, विशेष सम्मान और साथी खिलाड़ियों की शुभकामनाओं ने उनकी विदाई को यादगार बना दिया। चार IPL खिताब, भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट में लंबा योगदान—इन उपलब्धियों के साथ कर्ण शर्मा ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह दिया है।
