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Jharkhand एयर एंबुलेंस क्रैश: रांची से दिल्ली जाते समय 7 की मौत, परिवारों में मातम

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Published On: 24 February 2026
Jharkhand Air Ambulance Crash: 7 Dead While Flying from Ranchi to Delhi, Families Devastated
— Jharkhand Air Ambulance Crash: 7 Dead While Flying from Ranchi to Delhi, Families Devastated

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Jharkhand से एक बेहद दुखद और चौकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने कई परिवारों की जिंदगी को एक पल में बदल दिया। रांची से दिल्ली जाते समय एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सात लोग अपनी जान गंवा बैठे। यह हादसा उस समय हुआ, जब झारखंड के लातेहार जिले में होटल व्यवसायी संजय कुमार शॉ को गंभीर हालत में दिल्ली के श्री गंगाराम अस्पताल ले जाया जा रहा था। उनके साथ उनकी पत्नी, रिश्तेदार, डॉक्टर, नर्स और पायलट भी विमान में सवार थे। खराब मौसम और कम दृश्यता की वजह से विमान झारखंड के चतरा जिले के जंगल इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में संजय कुमार शॉ, उनकी पत्नी अर्चना देवी, उनके रिश्तेदार ध्रुव कुमार, रांची के डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, नर्स सचिन मिश्रा और पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत तथा सह-पायलट सवराजदीप सिंह की मौत हो गई। यह घटना न केवल एक मरीज की जान बचाने के प्रयास को खत्म कर गई, बल्कि सात परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति और बच्चों के लिए अनाथपन की त्रासदी लेकर आई।

हादसे का विवरण

बीचक्राफ्ट C90 एयर एंबुलेंस, जो रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही थी, सोमवार शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। लगभग 20 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इस विमान का संपर्क टूट गया। बाद में यह पता चला कि खराब मौसम और तूफानी हवाओं की वजह से विमान झारखंड के चतरा जिले के जंगल इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें मरीज, उसके परिजन, डॉक्टर, नर्स और पायलट शामिल थे। सभी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृतक लोगों की जानकारी

हादसे में जिन लोगों की जान गई, वे हैं:

  1. संजय कुमार शॉ – झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा में होटल के मालिक
  2. अर्चना देवी – संजय कुमार शॉ की पत्नी
  3. ध्रुव कुमार – रिश्तेदार
  4. डॉ. विकास कुमार गुप्ता – रांची के सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर
  5. सचिन कुमार मिश्रा – नर्स
  6. कप्तान विवेक विकास भगत – पायलट
  7. कप्तान सवराजदीप सिंह – सह-पायलट

होटल में आग और संजय की हालत

संजय कुमार शॉ का अस्पताल तक का सफर एक बेहद दुखद कहानी है। पिछले सोमवार उनके होटल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग में वह 65% तक झुलस गए और गंभीर हालत में रांची के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुए।

हालांकि उनकी हालत में सुधार नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के श्री गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया। सड़क मार्ग से मरीज ले जाना संभव नहीं था, इसलिए परिवार ने रिश्तेदारों से लगभग 7.5 लाख रुपए उधार लेकर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। इसमें से कुछ पैसे इलाज के लिए अलग रखे गए थे।

परिवार का दर्द

संजय के बड़े भाई विजय शॉ ने बताया कि उन्होंने उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ दिया। कुछ ही देर बाद उन्होंने टीवी पर यह हादसा देखा। विजय ने कहा, “एक पल में सब कुछ खत्म हो गया।”

इस हादसे में संजय और उनकी पत्नी अर्चना देवी दोनों की मौत हो गई। उनके दो छोटे बच्चे अब अनाथ हो गए। परिवार ने कहा कि अगर रांची में बेहतर इलाज की सुविधा होती, तो उन्हें दिल्ली ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

डॉक्टर के परिवार का शोक

हादसे में जान गंवाने वाले डॉ. विकास कुमार गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में तैनात थे। उनके पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी। डॉ. गुप्ता का एक सात साल का बेटा है। उन्होंने ओडिशा के कटक से MBBS की पढ़ाई की थी और पढ़ाई में काफी तेज थे।

हादसे का सामाजिक प्रभाव

यह हादसा सिर्फ एक मरीज की मौत नहीं, बल्कि सात जिंदगियों का अंत है। एक परिवार अपने कमाने वाले सदस्य को खो बैठा, दो बच्चे माता-पिता से वंचित हो गए, और एक पिता का सपना हमेशा के लिए टूट गया।

इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम फैला दिया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का संचालन किया। साथ ही परिवारों के लिए मदद के प्रयास शुरू किए गए हैं।

विशेषज्ञों की राय

विमान दुर्घटनाओं के विशेषज्ञों के अनुसार, एयर एंबुलेंस में खराब मौसम के दौरान उड़ान भरना हमेशा जोखिम भरा होता है। ऐसी स्थितियों में तेज हवाएं और कम दृश्यता विमान की उड़ान को खतरनाक बना देती हैं।

निष्कर्ष

यह घटना मानव जीवन की नाजुकता और अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। एक जिंदगी बचाने की कोशिश में, सात लोग अपने परिवार से हमेशा के लिए बिछड़ गए।

यह कहानी हमें यह याद दिलाती है कि जीवन अनिश्चित है और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर ढांचा हर राज्य में जरूरी है।

समाप्त।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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